मधुबनी में दिशा समिति की बैठक:जिले में डॉक्टरों की भारी कमी पर चिंता, सांसद रामप्रीत मंडल भी हुए शामिल

मधुबनी में दिशा समिति की बैठक:जिले में डॉक्टरों की भारी कमी पर चिंता, सांसद रामप्रीत मंडल भी हुए शामिल

मधुबनी के डीआरडीए सभागार में सांसद रामप्रीत मंडल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में डॉक्टरों की भारी कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठा। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में डॉक्टरों के 700 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 180 चिकित्सक कार्यरत हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध डॉक्टरों और नर्सों से काम चलाया जा रहा है, जबकि उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक का पद स्वीकृत नहीं है और वहां सीएचओ व एएनएम कार्यरत हैं। बैठक में पिछली कार्यवाही रिपोर्ट की विभागवार समीक्षा की गई। इस दौरान एनएचएआई, रेलवे और पोस्ट ऑफिस के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सभी सदस्यों ने असंतोष व्यक्त किया। उपस्थित सदस्यों ने अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं को गंभीरता से रखा और जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनमें सड़कों की मरम्मत, रखरखाव वाले मार्गों की औचक जांच, उर्वरक की कालाबाजारी, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और नल-जल योजना से संबंधित प्रश्न शामिल थे। माननीय सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर संबंधित अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि सभी सुझाव महत्वपूर्ण हैं और उन पर गंभीरता से अमल किया जाएगा। उन्होंने शिकायतों के त्वरित निष्पादन का भी भरोसा दिलाया। बैठक में लोकसभा सदस्य अशोक कुमार यादव, बिहार विधान परिषद सदस्य घनश्याम ठाकुर, बिहार विधान सभा सदस्य श्रीमती मीना कामत, जिलाधिकारी आनंद शर्मा, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती बिंदु गुलाब यादव, उप विकास आयुक्त सुमन प्रसाद साह, सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, डीपीआरओ परिमल कुमार, विभिन्न प्रखंडों के पंचायत समिति प्रमुख और जिला परिषद सदस्यगण उपस्थित थे। मधुबनी के डीआरडीए सभागार में सांसद रामप्रीत मंडल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में डॉक्टरों की भारी कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठा। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में डॉक्टरों के 700 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 180 चिकित्सक कार्यरत हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध डॉक्टरों और नर्सों से काम चलाया जा रहा है, जबकि उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक का पद स्वीकृत नहीं है और वहां सीएचओ व एएनएम कार्यरत हैं। बैठक में पिछली कार्यवाही रिपोर्ट की विभागवार समीक्षा की गई। इस दौरान एनएचएआई, रेलवे और पोस्ट ऑफिस के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सभी सदस्यों ने असंतोष व्यक्त किया। उपस्थित सदस्यों ने अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं को गंभीरता से रखा और जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनमें सड़कों की मरम्मत, रखरखाव वाले मार्गों की औचक जांच, उर्वरक की कालाबाजारी, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और नल-जल योजना से संबंधित प्रश्न शामिल थे। माननीय सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर संबंधित अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि सभी सुझाव महत्वपूर्ण हैं और उन पर गंभीरता से अमल किया जाएगा। उन्होंने शिकायतों के त्वरित निष्पादन का भी भरोसा दिलाया। बैठक में लोकसभा सदस्य अशोक कुमार यादव, बिहार विधान परिषद सदस्य घनश्याम ठाकुर, बिहार विधान सभा सदस्य श्रीमती मीना कामत, जिलाधिकारी आनंद शर्मा, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती बिंदु गुलाब यादव, उप विकास आयुक्त सुमन प्रसाद साह, सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, डीपीआरओ परिमल कुमार, विभिन्न प्रखंडों के पंचायत समिति प्रमुख और जिला परिषद सदस्यगण उपस्थित थे।  

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