मऊ में सरयू नदी एक बार फिर उफान पर है। गुरुवार को नदी का जलस्तर दूसरी बार खतरे के निशान को पार कर गया। नदी 69.95 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान 69.90 मीटर से 5 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने से दोहरीघाट समेत तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। बुधवार शाम 4 बजे सरयू का जलस्तर 69.80 मीटर था। गुरुवार को इसमें 15 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई और जलस्तर 69.95 मीटर पहुंच गया। नदी के लगातार उतार-चढ़ाव से तटवर्ती क्षेत्रों में कटान का खतरा भी बढ़ गया है। तेज बहाव के कारण खाकी बाबा कुटी और जानकी घाट के पास बोल्डर पिचिंग धंस गई है। हालांकि अभी कटान शुरू नहीं हुआ है, लेकिन नदी की तेज लहरों से हालात चिंताजनक बने हुए हैं। नईबाजार के पास पुल के पिलर से नदी की धारा टकराने से तेज आवाज हो रही है। फिलहाल नदी का दबाव रिंग बंधों पर बना हुआ है। खेतों और बगीचों में पहुंचने लगा बाढ़ का पानी सरयू का पानी धीरे-धीरे मैदानी इलाकों के खेतों, खलिहानों और बगीचों में पहुंचने लगा है। इससे किसानों को फसलों और अन्य कृषि संसाधनों के नुकसान की आशंका है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कस्बेवासियों और तटवर्ती गांवों के लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। ऐतिहासिक धरोहरों पर भी कटान का खतरा नदी का बढ़ता जलस्तर दोहरीघाट की ऐतिहासिक धरोहरों के लिए भी चिंता बढ़ा रहा है। मुक्तिधाम स्थित भारत माता मंदिर के पास बने बोल्डर से नदी की तेज धारा टकरा रही है। मंदिर के पीछे बैरोकलिंग होने से कटान का खतरा और बढ़ गया है। मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, दुर्गा मंदिर, रामजानकी मंदिर, डीह बाबा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाकबंगला, हनुमान मंदिर और शाही मस्जिद समेत कई ऐतिहासिक स्थलों पर नदी के बढ़ते जलस्तर का असर पड़ने की आशंका है। दोनों विभागों ने बढ़ाई बंधों की निगरानी सरयू के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ खंड आजमगढ़ और सिंचाई विभाग मऊ अलर्ट पर हैं। बाढ़ खंड आजमगढ़ ने चिऊटीडाड़ रिंग बंधों की निगरानी बढ़ा दी है। वहीं सिंचाई विभाग ने गोधनी और बीबीपुर रिंग बंधों की सुरक्षा के लिए निगरानी बढ़ाई है। अधिकारियों की नजर लगातार नदी के जलस्तर और बंधों की स्थिति पर बनी हुई है।

