मंत्री लखेंद्र पासवान बोले-अधिकारियों से गुणवत्ता की जांच हो:कहा- गरीबों को मिलने वाला चावल कबूतर भी नहीं खाता, आम आदमी क्या खाएगा

मंत्री लखेंद्र पासवान बोले-अधिकारियों से गुणवत्ता की जांच हो:कहा- गरीबों को मिलने वाला चावल कबूतर भी नहीं खाता, आम आदमी क्या खाएगा

पटना में गरीबों को जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि चावल की गुणवत्ता इतनी खराब है कि कबूतर भी नहीं खाता है, आम आदमी क्या खाएगा। उन्होंने अधिकारियों से गरीबों को दिए जाने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता की गंभीरता से जांच करने को कहा। मंत्री लखेंद्र पासवान ने आज मुख्य सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में यह मुद्दा उठाया। बैठक की अध्यक्षता खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने की। इस दौरान पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश समेत विभाग के कई वरीय अधिकारी भी मौजूद थे। गरीबों को मिलने वाले चावल की गुणवत्ता पर सवाल बैठक में लखेंद्र पासवान ने कहा कि जन वितरण प्रणाली के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में यह जरूरी है कि उन्हें अच्छी गुणवत्ता का अनाज मिले। उन्होंने चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों से इसकी जांच सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पात्र लाभुकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न मिलना चाहिए। इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे सीधे गरीब परिवारों के हित जुड़े हैं। अधिकारियों को जांच के निर्देश बैठक में जन वितरण प्रणाली के तहत बांटे जा रहे खाद्यान्न की गुणवत्ता की गंभीरता से जांच करने पर जोर दिया गया। साथ ही, योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा पात्र लाभुकों तक अनाज पहुंचाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सरकारी योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और उन्हें मिलने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता से समझौता न हो। जन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता पर जोर जन वितरण प्रणाली के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राशन उपलब्ध कराया जाता है। बैठक में इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने और लाभुकों के अधिकारों की रक्षा से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। सरकार की ओर से कहा गया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और राशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा। पटना में गरीबों को जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि चावल की गुणवत्ता इतनी खराब है कि कबूतर भी नहीं खाता है, आम आदमी क्या खाएगा। उन्होंने अधिकारियों से गरीबों को दिए जाने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता की गंभीरता से जांच करने को कहा। मंत्री लखेंद्र पासवान ने आज मुख्य सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में यह मुद्दा उठाया। बैठक की अध्यक्षता खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने की। इस दौरान पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश समेत विभाग के कई वरीय अधिकारी भी मौजूद थे। गरीबों को मिलने वाले चावल की गुणवत्ता पर सवाल बैठक में लखेंद्र पासवान ने कहा कि जन वितरण प्रणाली के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में यह जरूरी है कि उन्हें अच्छी गुणवत्ता का अनाज मिले। उन्होंने चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों से इसकी जांच सुनिश्चित करने को कहा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पात्र लाभुकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न मिलना चाहिए। इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे सीधे गरीब परिवारों के हित जुड़े हैं। अधिकारियों को जांच के निर्देश बैठक में जन वितरण प्रणाली के तहत बांटे जा रहे खाद्यान्न की गुणवत्ता की गंभीरता से जांच करने पर जोर दिया गया। साथ ही, योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा पात्र लाभुकों तक अनाज पहुंचाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सरकारी योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और उन्हें मिलने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता से समझौता न हो। जन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता पर जोर जन वितरण प्रणाली के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राशन उपलब्ध कराया जाता है। बैठक में इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने और लाभुकों के अधिकारों की रक्षा से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। सरकार की ओर से कहा गया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और राशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा।  

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