भारत-नेपाल बॉर्डर पर 4 नाबालिग समेत 6 युवतियां रेस्क्यू:नेपाल के डांस बार तक पहुंचाने की थी योजना,2 तस्कर अरेस्ट

भारत-नेपाल बॉर्डर पर 4 नाबालिग समेत 6 युवतियां रेस्क्यू:नेपाल के डांस बार तक पहुंचाने की थी योजना,2 तस्कर अरेस्ट

किशनगंज,भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 41वीं वाहिनी ने मानव तस्करी के एक कथित प्रयास को विफल करते हुए चार नाबालिगों समेत छह युवतियों को रेस्क्यू किया है। इस मामले में दो संदिग्ध मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में युवतियों को नेपाल स्थित एक डांस बार तक पहुंचाने की कथित योजना का खुलासा हुआ है। एसएसबी की ‘डी’ कंपनी पानीटंकी के जवानों ने गुरुवार देर शाम पुराने पुल के पास नियमित जांच अभियान के दौरान कार्रवाई की। शाम करीब 6:30 बजे जवानों ने चार नाबालिग और दो वयस्क युवतियों को दो संदिग्ध पुरुषों के साथ भारत से नेपाल की ओर सीमा पार करते हुए रोका। देखें, मौके से आई तस्वीर… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… एजेंसियों ने युवतियों-संदिग्धों से पूछताछ की पूछताछ के दौरान मामला संदिग्ध मानव तस्करी से जुड़ा मिलने पर एसएसबी ने मुख्यालय रानीडांगा की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू), एनजीओ कोसी लोक मंच, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और अन्य संबंधित एजेंसियों को सूचना दी। इसके बाद सभी एजेंसियों ने संयुक्त रूप से युवतियों और संदिग्धों से पूछताछ की। युवतियों को नेपाल सीमा पार कराने की योजना जांच में सामने आया कि कूचबिहार की अन्ना और नेपाल के विराटनगर स्थित लोटस डांस बार का मैनेजर विक्की कौशिक कथित तौर पर युवतियों को नेपाल सीमा पार कराने की योजना में शामिल थे। पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी मिली कि विक्की कौशिक त्रिपुरा निवासी निर्मल देबबर्मा और जलपाईगुड़ी निवासी चिन्मय बसाक के संपर्क में था। आरोप है कि इन्हीं दोनों के माध्यम से युवतियों को नेपाल स्थित लोटस डांस बार तक पहुंचाया जाना था। नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका की जांच एसएसबी के अनुसार, नेपाल पहुंचने के बाद युवतियों को डांस बार में नृत्य और उससे संबंधित गतिविधियों में शामिल कराने की कथित योजना थी। इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और पूरे मामले की भूमिका की जांच जारी है। रेस्क्यू की गई नाबालिग युवतियां रेस्क्यू की गई नाबालिग युवतियों में 16 वर्षीय बुखिरिति त्रिपुरा, 17 वर्षीय सीता रानी त्रिपुरा, 14 वर्षीय हशीना देबबर्मा और 17 वर्षीय सैना देबबर्मा शामिल हैं। वहीं, 24 वर्षीय बिंधा देबबर्मा और 21 वर्षीय जया रियांग नामक दो वयस्क युवतियों को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। मामले में त्रिपुरा निवासी 25 वर्षीय निर्मल देबबर्मा और जलपाईगुड़ी जिले के मयनागुड़ी निवासी 32 वर्षीय चिन्मय बसाक को संदिग्ध मानव तस्कर के रूप में गिरफ्तार किया गया है। काउंसिलिंग के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई काउंसिलिंग के बाद चारों नाबालिगों समेत सभी छह युवतियों और दोनों आरोपितों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए एनजीओ कोसी लोक मंच के माध्यम से खोरीबाड़ी थाना पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस नाबालिगों की सुरक्षित घर वापसी की प्रक्रिया में जुटी है। मामले में पॉक्सो एक्ट समेत मानव तस्करी से संबंधित अन्य धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। किशनगंज,भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 41वीं वाहिनी ने मानव तस्करी के एक कथित प्रयास को विफल करते हुए चार नाबालिगों समेत छह युवतियों को रेस्क्यू किया है। इस मामले में दो संदिग्ध मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में युवतियों को नेपाल स्थित एक डांस बार तक पहुंचाने की कथित योजना का खुलासा हुआ है। एसएसबी की ‘डी’ कंपनी पानीटंकी के जवानों ने गुरुवार देर शाम पुराने पुल के पास नियमित जांच अभियान के दौरान कार्रवाई की। शाम करीब 6:30 बजे जवानों ने चार नाबालिग और दो वयस्क युवतियों को दो संदिग्ध पुरुषों के साथ भारत से नेपाल की ओर सीमा पार करते हुए रोका। देखें, मौके से आई तस्वीर… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… एजेंसियों ने युवतियों-संदिग्धों से पूछताछ की पूछताछ के दौरान मामला संदिग्ध मानव तस्करी से जुड़ा मिलने पर एसएसबी ने मुख्यालय रानीडांगा की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू), एनजीओ कोसी लोक मंच, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और अन्य संबंधित एजेंसियों को सूचना दी। इसके बाद सभी एजेंसियों ने संयुक्त रूप से युवतियों और संदिग्धों से पूछताछ की। युवतियों को नेपाल सीमा पार कराने की योजना जांच में सामने आया कि कूचबिहार की अन्ना और नेपाल के विराटनगर स्थित लोटस डांस बार का मैनेजर विक्की कौशिक कथित तौर पर युवतियों को नेपाल सीमा पार कराने की योजना में शामिल थे। पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी मिली कि विक्की कौशिक त्रिपुरा निवासी निर्मल देबबर्मा और जलपाईगुड़ी निवासी चिन्मय बसाक के संपर्क में था। आरोप है कि इन्हीं दोनों के माध्यम से युवतियों को नेपाल स्थित लोटस डांस बार तक पहुंचाया जाना था। नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका की जांच एसएसबी के अनुसार, नेपाल पहुंचने के बाद युवतियों को डांस बार में नृत्य और उससे संबंधित गतिविधियों में शामिल कराने की कथित योजना थी। इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और पूरे मामले की भूमिका की जांच जारी है। रेस्क्यू की गई नाबालिग युवतियां रेस्क्यू की गई नाबालिग युवतियों में 16 वर्षीय बुखिरिति त्रिपुरा, 17 वर्षीय सीता रानी त्रिपुरा, 14 वर्षीय हशीना देबबर्मा और 17 वर्षीय सैना देबबर्मा शामिल हैं। वहीं, 24 वर्षीय बिंधा देबबर्मा और 21 वर्षीय जया रियांग नामक दो वयस्क युवतियों को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। मामले में त्रिपुरा निवासी 25 वर्षीय निर्मल देबबर्मा और जलपाईगुड़ी जिले के मयनागुड़ी निवासी 32 वर्षीय चिन्मय बसाक को संदिग्ध मानव तस्कर के रूप में गिरफ्तार किया गया है। काउंसिलिंग के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई काउंसिलिंग के बाद चारों नाबालिगों समेत सभी छह युवतियों और दोनों आरोपितों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए एनजीओ कोसी लोक मंच के माध्यम से खोरीबाड़ी थाना पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस नाबालिगों की सुरक्षित घर वापसी की प्रक्रिया में जुटी है। मामले में पॉक्सो एक्ट समेत मानव तस्करी से संबंधित अन्य धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।  

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