‘भाई आर्मी में, छोटा लड़की के साथ कर रहा छेड़खानी’:जमुई कांड-हरेराम बालू माफिया,नंदन के पिता पर हत्या-शराब तस्करी का केस; जानिए मुख्य आरोपियों को

‘भाई आर्मी में, छोटा लड़की के साथ कर रहा छेड़खानी’:जमुई कांड-हरेराम बालू माफिया,नंदन के पिता पर हत्या-शराब तस्करी का केस; जानिए मुख्य आरोपियों को

“नंदन और हरेराम यादव मेरे गांव के रहने वाले हैं। दोनों ने लड़की के साथ जो किया है, वह बहुत गलत है। इससे पहले दोनों को शराब और गांजा के नशे में देखा गया था। गांव में उनके खिलाफ छेड़खानी की कोई बात सामने नहीं आई थी। अब तो गांव की हर लड़की उससे डरेगी। घटना वाले दिन मुझे पता चला था कि नंदन और हरेराम ने छात्र-छात्रा के साथ मारपीट और बदसलूकी की है। हालांकि, उस समय मुझे यह जानकारी नहीं थी कि लड़की के साथ छेड़खानी भी की है। घटना के बाद दोनों रात में घर लौटे थे और खाना खाकर सो गए थे। इसके बाद रविवार से दोनों युवक घर से फरार थे।” ये कहना है जमुई छेड़खानी कांड के मुख्य आरोपी नंदन और हरेराम यादव के गांव में रहने वाले मिलन यादव का। वहीं, आरोपियों के गांव की एक महिला ने इन दोनों को तो आरोपी माना ही है, इसके अलावा उन छात्र-छात्रा को भी आरोपी बताया है, जो शाम में पहाड़ पर घूमने गए थे। दरअसल, बिहार के जमुई में छात्रा के साथ बीच सड़क पर छेड़खानी और अश्लील हरकतें की गईं। उसके दोस्त के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की। इतना ही नहीं, छात्रा के साथ हुई आपत्तिजनक हरकत का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया था। पुलिस ने 52 घंटे बाद कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों का एनकाउंटर कर गिरफ्तार किया है। पहले घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… सदर SDPO दीप्ति मोनाली ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी हरेराम यादव के खिलाफ बालू चोरी का मामला दर्ज है। पुलिस ने बालू चोरी के मामले में हरेराम का ट्रैक्टर भी जब्त किया था, जो अभी तक थाने में है। वहीं, दूसरा आरोपी नंदन यादव के आपराधिक इतिहास की भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, नंदन के पिता गनौरी यादव के खिलाफ हत्या, अवैध बालू खनन और शराब तस्करी से जुड़े मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि गनौरी यादव पिछले करीब 20 सालों से फरार हैं। कौन है लाल गमछा वाला हैवान? नंदन-हरेराम पर कितने केस दर्ज हैं? दोनों के घरवालों की क्या है कहानी? जिगरी दोस्त कैसे इस तरह के कांड तक पहुंचे? गांव की महिलाओं-पुरुषों का इस वीडियो पर क्या कहना है? इन सवालों का जवाब जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट। आरोपियों के एनकाउंटर के बाद दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 15 KM दूर नंदन-हरेराम के गांव प्रतापपुर पहुंची। इस दौरान वहां एक ही बात की चर्चा हर तरफ चल रही थी- जमुई कांड में दोनों दोस्तों का एनकाउंटर कर दिया गया है। नंदन के घर पर लटका था ताला हमारी टीम कच्चे रास्ते से होते हुए सबसे पहले नंदन के घर पहुंची। वहां देखा तो द्वार पर चौकी रखी थी, लेकिन घर के बाहर ताला लगा था। नंदन के घर पर कोई नहीं था। जब गांव वालों से इसके बारे में पूछा तो उन्होंने कहा- इसके घर पर सिर्फ वह, उसकी मां और बहन रहती है। सोमवार की रात पुलिस मां-बहन को उठाकर अपने साथ थाने ले गई। उन लोगों से नंदन और उसके पिता के बारे में पूछताछ की जा रही है। इसके घर से 10 कदम की दूरी पर हरेराम का घर था। जब हमारी टीम वहां पहुंची तो उस घर में सिर्फ एक बुजुर्ग व्यक्ति अपने कमरे में बैठे थे। इसके अलावा उसके पिता खेत में काम करने गए थे। दादा ने बातचीत में बताया, हरेराम शुरू से बदमाश था। वह कभी घर में ज्यादा देर के लिए नहीं रहता था। हम तो कई महीने से अपने कमरे से नहीं निकले हैं। मैं बीमार हूं, मेरी दवाई चल रही है। ‘नंदन-हरेराम हमेशा नशे में रहते थे’ इनसे बात करने के बाद हमारी टीम आरोपियों के गांव में घूम रही थी। इसी दौरान उस गांव के रहने वाले मिलन कुमार यादव से हमारी बातचीत हुई। मिलन ने बताया कि मैं नंदन और हरेराम को बचपन से जानता हूं। वे दोनों दोस्त है और शुरू से ही बदमाश है। हमेशा गांजा-शराब के नशे में धुत्त रहता था। मैं उन लोगों से दूर रहता था। जब दोनों दोस्तों की हरकतें और बदमाशी बढ़ने लगी तो नंदन की माता ने करीब एक साल पहले उसे झारखंड भेज दिया था। वहां वह कोयला लदे ट्रक में खलासी का काम करता था। उसकी कमाई से ही उसका घर चलता था। अभी रोपाई का सीजन था, इसी वजह से नंदन एक महीने पहले अगस्त में अपने घर आया था। इसके पिता गनौरी यादव हत्या और अवैध बालू तस्करी मामले में 20 साल से फरार हैं। पुलिस उनकी भी तलाश करने में जुटी है। वहीं, हरेराम की जिंदगी के बारे में बात करें तो वह घर से ठीक-ठाक है। उसका बड़ा भाई आर्मी में जवान है। पिता किसान है और माता की पहले ही मौत हो चुकी है। हरेराम का खुद का ट्रैक्टर है। वो गांव में ही चलाता था। हरेराम पहले शराब तस्करी के मामले में 2-3 बार जेल जा चुका है। दोनों दोस्तों पर बालू माफिया होने का भी आरोप है। साथ ही दोनों सोशल मीडिया पर रील्स बनाता है। ‘घटनास्थल पर जुटी भीड़ को मैंने देखा था’ मिलन ने आगे बताया, घटना के दिन शाम करीब 8 बजे मैं उसी रास्ते से जमुई की तरफ जा रहा था। इसी दौरान मुझे पहाड़ की तरफ भीड़ दिखाई दी। जब मैंने कुछ लोगों से इसके बारे में पूछा तो उन्होंने कहा- एक नाबालिग छात्र-छात्रा पहाड़ की तरफ पकड़े गए हैं। उन दोनों को उतारने के लिए मड़वा और प्रतापपुर गांव के कुछ लड़के यहां पहुंचे थे। इस दौरान कुछ लड़कों ने छात्रा के साथ बदसलूकी की है। मड़वा गांव के सौरभ चंद्रवंशी ने नंदन और हरेराम को घटनास्थल पर बुलाया था। हालांकि, मुझे उस दिन इस तरह की क्रूरता के बारे में जानकारी नहीं थी। मुझे नहीं पता था कि हमारे ही गांव के नंदन-हरेराम इस घटना में शामिल होंगे। मैं जब तक वहां पहुंचा, तब तक छात्र-छात्रा को मौके पर से हटा दिया गया था। इसी वजह से मैंने पूरी घटना को नहीं देखा है। ‘लड़की के साथ जो किया, वह गलत था’ मिलन ने आगे कहा, दोनों लड़कों ने जो किया, वह बहुत गलत किया है। इस तरह की हरकत किसी के साथ नहीं होनी चाहिए। मिलन से बात करने के बाद दैनिक भास्कर की टीम गांव की कुछ महिलाओं से बात करने पहुंची। इस दौरान महिलाओं ने कहा- दोनों लड़कों ने जो किया है, वह बहुत ही गलत है। पुलिस ने एनकाउंटर करके सही किया है, पता नहीं अब ये दोनों बच पाएंगे भी या नहीं। वहीं, एक महिला ने माइक पर बोलने से मना करते हुए कहा- हमलोग मान लिए कि हमारे गांव के लड़के ठीक नहीं थे। नंदन-हरेराम दोनों ही गलत थे, लेकिन क्या वे दोनों छात्र-छात्रा सही थे? अगर सही होते तो इतनी रात को अंधेरे में पहाड़ी पर बैठे नहीं मिलते। वे लोग भी गलत कर रहे होंगे, जिसकी वजह से गांव के लड़कों ने ये हरकत की है। दोनों छात्र-छात्रा के माता-पिता कहां थे? उन लोगों को बच्चों के बारे में कैसे जानकारी नहीं मिली? वहीं, नाबालिग आरोपियों के क्लासमेट ने बताया, हमें सोमवार को स्कूल में जानकारी मिली कि ये लोग इस तरह की हरकत करके आए हैं। लड़कियों के साथ बदसलूकी करना बहुत गलत है। सबके घर में मां-बहनें होती हैं। सनी को दोपहर 2 बजे दोस्त ने भेजा था वीडियो स्थानीय युवक सनी कुमार ने बताया, सोमवार दोपहर करीब 2 बजे जमुई में रहने वाले मेरे एक दोस्त का फोन आया था। दोस्त ने बताया कि मेरे गांव के आसपास का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लड़की से छेड़खानी की जा रही है। दोस्त ने मुझे वो वीडियो वाट्सऐप पर भेजा था। कॉल रखने के बाद मैंने जैसे ही फेसबुक-इंस्टाग्राम, वाट्सऐप, X खोला हर जगह पर सिर्फ यही वीडियो वायरल हो रहा था। वीडियो जिस जगह की है, वह राजपुरा इलाके में आता है। वहां मड़वा पहाड़ी भी है, जहां अक्सर लड़के-लड़कियां या दूसरे लोग घूमने के लिए आते हैं। ‘गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड हों या कोई और…बदसलूकी का अधिकार नहीं’ सनी ने कहा कि किसी लड़के-लड़की के बारे में बिना पूरी जानकारी के यह तय नहीं किया जा सकता कि वे कौन हैं या वहां किस वजह से आए थे। अगर कोई लड़का-लड़की दोस्त या गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड के तौर पर घूम रहे हैं, तब भी किसी को उनके साथ बदसलूकी करने का अधिकार नहीं है। जो भी इस तरह की हरकत करता है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि आगे वहां घूमने आने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ ऐसी घटना न हो। किसी की मां, बहन या बेटी के साथ भी ऐसा हो सकता है। इस तरह का व्यवहार गलत है। घटना के बाद इलाके में पुलिस की मौजूदगी मिलन के अनुसार, घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ गई थी। शाम और रात में गांव के बाहर, मंदिर के पास और नहर के आसपास पुलिस की गाड़ियां दिखाई दी थीं। घटना वाली जगह हमारे गांव से आधे किलोमीटर की दूरी पर है। इस कांड में मड़वा, राजपुरा, प्रतापपुर और आसपास के गांवों के लोग मौके पर मौजूद थे। बता दें कि पुलिस एनकाउंटर में नंदन को पैर में गोली लगी है। वहीं, हरेराम का पैर टूट गया है। इस मामले में पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो आरोपियों की उम्र 35 से 40 साल है, जबकि तीन नाबालिग हैं। इसके अलावा वीडियो वायरल करने वाले 3 आरोपी हैं। “नंदन और हरेराम यादव मेरे गांव के रहने वाले हैं। दोनों ने लड़की के साथ जो किया है, वह बहुत गलत है। इससे पहले दोनों को शराब और गांजा के नशे में देखा गया था। गांव में उनके खिलाफ छेड़खानी की कोई बात सामने नहीं आई थी। अब तो गांव की हर लड़की उससे डरेगी। घटना वाले दिन मुझे पता चला था कि नंदन और हरेराम ने छात्र-छात्रा के साथ मारपीट और बदसलूकी की है। हालांकि, उस समय मुझे यह जानकारी नहीं थी कि लड़की के साथ छेड़खानी भी की है। घटना के बाद दोनों रात में घर लौटे थे और खाना खाकर सो गए थे। इसके बाद रविवार से दोनों युवक घर से फरार थे।” ये कहना है जमुई छेड़खानी कांड के मुख्य आरोपी नंदन और हरेराम यादव के गांव में रहने वाले मिलन यादव का। वहीं, आरोपियों के गांव की एक महिला ने इन दोनों को तो आरोपी माना ही है, इसके अलावा उन छात्र-छात्रा को भी आरोपी बताया है, जो शाम में पहाड़ पर घूमने गए थे। दरअसल, बिहार के जमुई में छात्रा के साथ बीच सड़क पर छेड़खानी और अश्लील हरकतें की गईं। उसके दोस्त के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की। इतना ही नहीं, छात्रा के साथ हुई आपत्तिजनक हरकत का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया था। पुलिस ने 52 घंटे बाद कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों का एनकाउंटर कर गिरफ्तार किया है। पहले घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… सदर SDPO दीप्ति मोनाली ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी हरेराम यादव के खिलाफ बालू चोरी का मामला दर्ज है। पुलिस ने बालू चोरी के मामले में हरेराम का ट्रैक्टर भी जब्त किया था, जो अभी तक थाने में है। वहीं, दूसरा आरोपी नंदन यादव के आपराधिक इतिहास की भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, नंदन के पिता गनौरी यादव के खिलाफ हत्या, अवैध बालू खनन और शराब तस्करी से जुड़े मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि गनौरी यादव पिछले करीब 20 सालों से फरार हैं। कौन है लाल गमछा वाला हैवान? नंदन-हरेराम पर कितने केस दर्ज हैं? दोनों के घरवालों की क्या है कहानी? जिगरी दोस्त कैसे इस तरह के कांड तक पहुंचे? गांव की महिलाओं-पुरुषों का इस वीडियो पर क्या कहना है? इन सवालों का जवाब जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट। आरोपियों के एनकाउंटर के बाद दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 15 KM दूर नंदन-हरेराम के गांव प्रतापपुर पहुंची। इस दौरान वहां एक ही बात की चर्चा हर तरफ चल रही थी- जमुई कांड में दोनों दोस्तों का एनकाउंटर कर दिया गया है। नंदन के घर पर लटका था ताला हमारी टीम कच्चे रास्ते से होते हुए सबसे पहले नंदन के घर पहुंची। वहां देखा तो द्वार पर चौकी रखी थी, लेकिन घर के बाहर ताला लगा था। नंदन के घर पर कोई नहीं था। जब गांव वालों से इसके बारे में पूछा तो उन्होंने कहा- इसके घर पर सिर्फ वह, उसकी मां और बहन रहती है। सोमवार की रात पुलिस मां-बहन को उठाकर अपने साथ थाने ले गई। उन लोगों से नंदन और उसके पिता के बारे में पूछताछ की जा रही है। इसके घर से 10 कदम की दूरी पर हरेराम का घर था। जब हमारी टीम वहां पहुंची तो उस घर में सिर्फ एक बुजुर्ग व्यक्ति अपने कमरे में बैठे थे। इसके अलावा उसके पिता खेत में काम करने गए थे। दादा ने बातचीत में बताया, हरेराम शुरू से बदमाश था। वह कभी घर में ज्यादा देर के लिए नहीं रहता था। हम तो कई महीने से अपने कमरे से नहीं निकले हैं। मैं बीमार हूं, मेरी दवाई चल रही है। ‘नंदन-हरेराम हमेशा नशे में रहते थे’ इनसे बात करने के बाद हमारी टीम आरोपियों के गांव में घूम रही थी। इसी दौरान उस गांव के रहने वाले मिलन कुमार यादव से हमारी बातचीत हुई। मिलन ने बताया कि मैं नंदन और हरेराम को बचपन से जानता हूं। वे दोनों दोस्त है और शुरू से ही बदमाश है। हमेशा गांजा-शराब के नशे में धुत्त रहता था। मैं उन लोगों से दूर रहता था। जब दोनों दोस्तों की हरकतें और बदमाशी बढ़ने लगी तो नंदन की माता ने करीब एक साल पहले उसे झारखंड भेज दिया था। वहां वह कोयला लदे ट्रक में खलासी का काम करता था। उसकी कमाई से ही उसका घर चलता था। अभी रोपाई का सीजन था, इसी वजह से नंदन एक महीने पहले अगस्त में अपने घर आया था। इसके पिता गनौरी यादव हत्या और अवैध बालू तस्करी मामले में 20 साल से फरार हैं। पुलिस उनकी भी तलाश करने में जुटी है। वहीं, हरेराम की जिंदगी के बारे में बात करें तो वह घर से ठीक-ठाक है। उसका बड़ा भाई आर्मी में जवान है। पिता किसान है और माता की पहले ही मौत हो चुकी है। हरेराम का खुद का ट्रैक्टर है। वो गांव में ही चलाता था। हरेराम पहले शराब तस्करी के मामले में 2-3 बार जेल जा चुका है। दोनों दोस्तों पर बालू माफिया होने का भी आरोप है। साथ ही दोनों सोशल मीडिया पर रील्स बनाता है। ‘घटनास्थल पर जुटी भीड़ को मैंने देखा था’ मिलन ने आगे बताया, घटना के दिन शाम करीब 8 बजे मैं उसी रास्ते से जमुई की तरफ जा रहा था। इसी दौरान मुझे पहाड़ की तरफ भीड़ दिखाई दी। जब मैंने कुछ लोगों से इसके बारे में पूछा तो उन्होंने कहा- एक नाबालिग छात्र-छात्रा पहाड़ की तरफ पकड़े गए हैं। उन दोनों को उतारने के लिए मड़वा और प्रतापपुर गांव के कुछ लड़के यहां पहुंचे थे। इस दौरान कुछ लड़कों ने छात्रा के साथ बदसलूकी की है। मड़वा गांव के सौरभ चंद्रवंशी ने नंदन और हरेराम को घटनास्थल पर बुलाया था। हालांकि, मुझे उस दिन इस तरह की क्रूरता के बारे में जानकारी नहीं थी। मुझे नहीं पता था कि हमारे ही गांव के नंदन-हरेराम इस घटना में शामिल होंगे। मैं जब तक वहां पहुंचा, तब तक छात्र-छात्रा को मौके पर से हटा दिया गया था। इसी वजह से मैंने पूरी घटना को नहीं देखा है। ‘लड़की के साथ जो किया, वह गलत था’ मिलन ने आगे कहा, दोनों लड़कों ने जो किया, वह बहुत गलत किया है। इस तरह की हरकत किसी के साथ नहीं होनी चाहिए। मिलन से बात करने के बाद दैनिक भास्कर की टीम गांव की कुछ महिलाओं से बात करने पहुंची। इस दौरान महिलाओं ने कहा- दोनों लड़कों ने जो किया है, वह बहुत ही गलत है। पुलिस ने एनकाउंटर करके सही किया है, पता नहीं अब ये दोनों बच पाएंगे भी या नहीं। वहीं, एक महिला ने माइक पर बोलने से मना करते हुए कहा- हमलोग मान लिए कि हमारे गांव के लड़के ठीक नहीं थे। नंदन-हरेराम दोनों ही गलत थे, लेकिन क्या वे दोनों छात्र-छात्रा सही थे? अगर सही होते तो इतनी रात को अंधेरे में पहाड़ी पर बैठे नहीं मिलते। वे लोग भी गलत कर रहे होंगे, जिसकी वजह से गांव के लड़कों ने ये हरकत की है। दोनों छात्र-छात्रा के माता-पिता कहां थे? उन लोगों को बच्चों के बारे में कैसे जानकारी नहीं मिली? वहीं, नाबालिग आरोपियों के क्लासमेट ने बताया, हमें सोमवार को स्कूल में जानकारी मिली कि ये लोग इस तरह की हरकत करके आए हैं। लड़कियों के साथ बदसलूकी करना बहुत गलत है। सबके घर में मां-बहनें होती हैं। सनी को दोपहर 2 बजे दोस्त ने भेजा था वीडियो स्थानीय युवक सनी कुमार ने बताया, सोमवार दोपहर करीब 2 बजे जमुई में रहने वाले मेरे एक दोस्त का फोन आया था। दोस्त ने बताया कि मेरे गांव के आसपास का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लड़की से छेड़खानी की जा रही है। दोस्त ने मुझे वो वीडियो वाट्सऐप पर भेजा था। कॉल रखने के बाद मैंने जैसे ही फेसबुक-इंस्टाग्राम, वाट्सऐप, X खोला हर जगह पर सिर्फ यही वीडियो वायरल हो रहा था। वीडियो जिस जगह की है, वह राजपुरा इलाके में आता है। वहां मड़वा पहाड़ी भी है, जहां अक्सर लड़के-लड़कियां या दूसरे लोग घूमने के लिए आते हैं। ‘गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड हों या कोई और…बदसलूकी का अधिकार नहीं’ सनी ने कहा कि किसी लड़के-लड़की के बारे में बिना पूरी जानकारी के यह तय नहीं किया जा सकता कि वे कौन हैं या वहां किस वजह से आए थे। अगर कोई लड़का-लड़की दोस्त या गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड के तौर पर घूम रहे हैं, तब भी किसी को उनके साथ बदसलूकी करने का अधिकार नहीं है। जो भी इस तरह की हरकत करता है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि आगे वहां घूमने आने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ ऐसी घटना न हो। किसी की मां, बहन या बेटी के साथ भी ऐसा हो सकता है। इस तरह का व्यवहार गलत है। घटना के बाद इलाके में पुलिस की मौजूदगी मिलन के अनुसार, घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ गई थी। शाम और रात में गांव के बाहर, मंदिर के पास और नहर के आसपास पुलिस की गाड़ियां दिखाई दी थीं। घटना वाली जगह हमारे गांव से आधे किलोमीटर की दूरी पर है। इस कांड में मड़वा, राजपुरा, प्रतापपुर और आसपास के गांवों के लोग मौके पर मौजूद थे। बता दें कि पुलिस एनकाउंटर में नंदन को पैर में गोली लगी है। वहीं, हरेराम का पैर टूट गया है। इस मामले में पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो आरोपियों की उम्र 35 से 40 साल है, जबकि तीन नाबालिग हैं। इसके अलावा वीडियो वायरल करने वाले 3 आरोपी हैं।  

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