बोकारो में तेनुघाट डैम के पांच गेट खुले:गेटों को 0.6 मीटर की ऊंचाई तक खोला गया, नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की अपील

बोकारो में तेनुघाट डैम के पांच गेट खुले:गेटों को 0.6 मीटर की ऊंचाई तक खोला गया, नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की अपील

बोकारो स्थित तेनुघाट डैम के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण बांध प्रशासन ने बुधवार दोपहर 3 बजे से पांच रेडियल गेट खोल दिए हैं। सभी पांचों गेटों को 0.6 मीटर की ऊंचाई तक खोला गया है, जिससे अतिरिक्त पानी की निकासी नियंत्रित तरीके से की जा रही है। गेट खुलने के बाद दामोदर नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की संभावना है। इसे देखते हुए नदी के तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों को नदी के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। बांध प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोग नदी में नहाने, कपड़े धोने, मछली पकड़ने या किसी अन्य कार्य के लिए नदी के किनारे न जाएं। जलस्तर बढ़ने से नदी की धारा तेज हो सकती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। मवेशी पालकों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। उनसे अपील की गई है कि वे पशुओं को नदी किनारे चरने के लिए न भेजें और उन्हें सुरक्षित तथा ऊंचे स्थानों पर रखें। तेनुघाट डैम से पानी छोड़े जाने के बाद बोकारो, धनबाद और आसपास के निचले इलाकों के जिला प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। नदी के किनारे रहने वाले लोग विशेष सावधानी बरतें तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें। बोकारो स्थित तेनुघाट डैम के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण बांध प्रशासन ने बुधवार दोपहर 3 बजे से पांच रेडियल गेट खोल दिए हैं। सभी पांचों गेटों को 0.6 मीटर की ऊंचाई तक खोला गया है, जिससे अतिरिक्त पानी की निकासी नियंत्रित तरीके से की जा रही है। गेट खुलने के बाद दामोदर नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की संभावना है। इसे देखते हुए नदी के तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों को नदी के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। बांध प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोग नदी में नहाने, कपड़े धोने, मछली पकड़ने या किसी अन्य कार्य के लिए नदी के किनारे न जाएं। जलस्तर बढ़ने से नदी की धारा तेज हो सकती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। मवेशी पालकों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। उनसे अपील की गई है कि वे पशुओं को नदी किनारे चरने के लिए न भेजें और उन्हें सुरक्षित तथा ऊंचे स्थानों पर रखें। तेनुघाट डैम से पानी छोड़े जाने के बाद बोकारो, धनबाद और आसपास के निचले इलाकों के जिला प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। नदी के किनारे रहने वाले लोग विशेष सावधानी बरतें तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें।  

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