बेगूसराय में गंगा के जलस्तर में कमी हो रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार अभी जलस्तर कम हो रहा है, पर इलाहाबाद, बनारस और बक्सर में फिर से बढ़ने के कारण संभावना है कि 2 दिनों के बाद बेगूसराय में भी जलस्तर में वृद्धि होगी। बेगूसराय के बछवाड़ा, तेघड़ा, बरौनी, मटिहानी, बलिया, शाम्हो और साहेबपुर कमाल प्रखंड का दियारा इलाका बाढ़ से प्रभावित है। वहीं, शाम्हो प्रखंड पूरी तरह से बाढ़ से प्रभावित है। बाढ़ का आंशिक प्रभाव बेगूसराय नगर निगम क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। अभी तक लगभग 50 हजार लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। बलिया प्रखंड के चेचियाही ढाब में सड़क पर पानी फैला है। दियारा क्षेत्र के 20 से अधिक गांव में घर अभी भी पानी से घिरे हुए हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। मटिहानी प्रखंड के छितरौर-मटिहानी के सिहमा बबूलबन्ना टोला के लोग पानी से घिरे रहने के कारण काफी परेशान हैं। गंगा का जबरदस्त खतरे के निशान 41.76 से 51 सेंटीमीटर ऊपर 42.27 पर है। प्रभावित क्षेत्र की कुछ तस्वीरें… अभी नाव चलाने की आवश्यकता नहीं- डीएम डीएम रिची पांडेय ने बताया कि खेतों-सड़कों पर फैला बाढ़ का पानी काफी हद तक कम हो चुका है। जल का बहाव सामान्य स्थिति की ओर है। सड़कों से पानी तेजी से घटने के कारण आवागमन सुचारू है और वर्तमान में नाव परिचालन की आवश्यकता नहीं है। पंचायत स्तर पर संबंधित सभी कर्मियों को बाढ़ प्रबंधन और स्थिति की निगरानी के लिए सक्रिय-सतर्क रखा गया है। प्रशासन की ओर से क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। 267 नावों के परिचालन की व्यवस्था जिले के 8 प्रखंडों की 37 पंचायत एवं 2 नगर क्षेत्र के 189 गांव संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिह्नित किए गए हैं। 267 नावों के परिचालन की व्यवस्था की गई है। इनमें 21 सरकारी नाव, निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा के तहत 239 नाव और 7 मोटरबोट शामिल हैं। 228 सामुदायिक रसोई केंद्र और 80 राहत शिविर केन्द्र चिह्नित किए गए हैं। ड्राई राशन पैकेट तैयार करने के लिए 26 जगह और आपातकालीन परिस्थितियों में हवाई सहायता के लिए 18 हेलीपैड स्थल चिह्नित किए गए हैं। आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए 41880 पॉलिथीन शीट उपलब्ध हैं।
29 स्थायी मेडिकल कैंप 62 मोबाइल मेडिकल टीम, 19 अस्थायी मेडिकल कैंप और 29 स्थायी मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई है। 122 प्रकार की जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता की गई है। 52 पशु कैंप चिह्नित किए गए हैं। पशुओं के उपचार के लिए 44 प्रकार की पशु दवाओं की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही 2500 क्विंटल पशुचारा भंडारित किया गया है। गंगा नदी के जलस्तर एवं संभावित बाढ़ की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। किसी भी सूचना के लिए आमजन जिला आपदा नियंत्रण कक्ष- 9279808780 पर संपर्क कर सकते हैं। बेगूसराय में गंगा के जलस्तर में कमी हो रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार अभी जलस्तर कम हो रहा है, पर इलाहाबाद, बनारस और बक्सर में फिर से बढ़ने के कारण संभावना है कि 2 दिनों के बाद बेगूसराय में भी जलस्तर में वृद्धि होगी। बेगूसराय के बछवाड़ा, तेघड़ा, बरौनी, मटिहानी, बलिया, शाम्हो और साहेबपुर कमाल प्रखंड का दियारा इलाका बाढ़ से प्रभावित है। वहीं, शाम्हो प्रखंड पूरी तरह से बाढ़ से प्रभावित है। बाढ़ का आंशिक प्रभाव बेगूसराय नगर निगम क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। अभी तक लगभग 50 हजार लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। बलिया प्रखंड के चेचियाही ढाब में सड़क पर पानी फैला है। दियारा क्षेत्र के 20 से अधिक गांव में घर अभी भी पानी से घिरे हुए हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। मटिहानी प्रखंड के छितरौर-मटिहानी के सिहमा बबूलबन्ना टोला के लोग पानी से घिरे रहने के कारण काफी परेशान हैं। गंगा का जबरदस्त खतरे के निशान 41.76 से 51 सेंटीमीटर ऊपर 42.27 पर है। प्रभावित क्षेत्र की कुछ तस्वीरें… अभी नाव चलाने की आवश्यकता नहीं- डीएम डीएम रिची पांडेय ने बताया कि खेतों-सड़कों पर फैला बाढ़ का पानी काफी हद तक कम हो चुका है। जल का बहाव सामान्य स्थिति की ओर है। सड़कों से पानी तेजी से घटने के कारण आवागमन सुचारू है और वर्तमान में नाव परिचालन की आवश्यकता नहीं है। पंचायत स्तर पर संबंधित सभी कर्मियों को बाढ़ प्रबंधन और स्थिति की निगरानी के लिए सक्रिय-सतर्क रखा गया है। प्रशासन की ओर से क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। 267 नावों के परिचालन की व्यवस्था जिले के 8 प्रखंडों की 37 पंचायत एवं 2 नगर क्षेत्र के 189 गांव संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिह्नित किए गए हैं। 267 नावों के परिचालन की व्यवस्था की गई है। इनमें 21 सरकारी नाव, निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा के तहत 239 नाव और 7 मोटरबोट शामिल हैं। 228 सामुदायिक रसोई केंद्र और 80 राहत शिविर केन्द्र चिह्नित किए गए हैं। ड्राई राशन पैकेट तैयार करने के लिए 26 जगह और आपातकालीन परिस्थितियों में हवाई सहायता के लिए 18 हेलीपैड स्थल चिह्नित किए गए हैं। आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए 41880 पॉलिथीन शीट उपलब्ध हैं।
29 स्थायी मेडिकल कैंप 62 मोबाइल मेडिकल टीम, 19 अस्थायी मेडिकल कैंप और 29 स्थायी मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई है। 122 प्रकार की जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता की गई है। 52 पशु कैंप चिह्नित किए गए हैं। पशुओं के उपचार के लिए 44 प्रकार की पशु दवाओं की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही 2500 क्विंटल पशुचारा भंडारित किया गया है। गंगा नदी के जलस्तर एवं संभावित बाढ़ की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। किसी भी सूचना के लिए आमजन जिला आपदा नियंत्रण कक्ष- 9279808780 पर संपर्क कर सकते हैं।

