बालोद-दल्लीराजहरा मार्ग पर एनएच-930 से गुजरने वाले वाहन चालकों को 25 अक्टूबर से टोल शुल्क देना होगा। जिला मुख्यालय से करीब 16 किमी दूर ग्राम जमही के पास बने टोल प्लाजा पर शुल्क वसूली शुरू करने की तारीख तय कर दी गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वाहनवार टोल दरें निर्धारित की हैं। इसके तहत कार, जीप और वैन से एक तरफ गुजरने पर 35 रुपए और 24 घंटे के भीतर आने-जाने पर कुल 55 रुपए देने होंगे। वहीं, टोल प्लाजा से 20 किमी के दायरे में रहने वाले स्थानीय गैर-व्यावसायिक वाहन मालिक 360 रुपए में मासिक पास बनवा सकेंगे। निर्धारित दरें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लागू टोल प्लाजा तैयार होने के करीब एक साल बाद यहां शुल्क वसूली शुरू होगी। एजेंसी चयन और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं होने के कारण अब तक वाहन चालकों को इस मार्ग पर टोल नहीं देना पड़ रहा था। एनएच विभाग के इंजीनियर वसीम शेख ने बताया कि स्थानीय गैर-व्यावसायिक वाहन मालिकों के मासिक पास की दर 360 रुपए तय की गई है। निर्धारित दरें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लागू रहेंगी। बस-ट्रक के लिए 125 रुपए शुल्क जमही टोल प्लाजा पर वाहन की श्रेणी के अनुसार शुल्क तय किया गया है। एक तरफ जाने और 24 घंटे के भीतर आने-जाने के लिए निर्धारित दरें इस प्रकार हैं: फास्टैग नहीं होने पर दोगुना शुल्क टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहन में फास्टैग नहीं होने पर निर्धारित शुल्क से दोगुना भुगतान करना पड़ सकता है। वहीं, बाइक से गुजरने वाले चालकों को टोल शुल्क नहीं देना होगा। स्थानीय वाहन मालिकों को मासिक पास का नवीनीकरण कराना होगा। फास्टैग से संबंधित छूट और भुगतान के नियम लागू प्रावधानों के अनुसार रहेंगे। टू-लेन सड़क के आधार पर तय हुआ शुल्क वर्तमान में एनएच-930 टू-लेन है। इसी आधार पर जमही टोल प्लाजा के लिए शुल्क निर्धारित किया गया है। सड़क के फोरलेन में अपग्रेड होने पर शुल्क की दरें अलग हो सकती हैं। एनएचएआई सड़क की लंबाई और संबंधित श्रेणी के आधार पर टोल दरें तय करता है। जगतरा की तुलना में कार के लिए 15 रुपए कम एनएच-30 पर स्थित जगतरा टोल प्लाजा की तुलना में जमही में कार चालकों को एक तरफ गुजरने पर 15 रुपए कम देने होंगे। जगतरा में कार के लिए एक तरफ का शुल्क 50 रुपए है, जबकि जमही में यह 35 रुपए निर्धारित किया गया है। जगतरा टोल प्लाजा का संचालन करने वाली अधिकृत एजेंसी के सुपरवाइजर घनश्याम सिंह यादव के अनुसार, अलग-अलग राष्ट्रीय राजमार्गों पर दूरी और संबंधित मानकों के आधार पर टोल शुल्क तय होता है। 3 हजार रुपए में सालभर में 200 यात्राओं का विकल्प एनएचएआई की फास्टैग आधारित वार्षिक पास योजना के तहत पात्र निजी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए 3,000 रुपए का पास उपलब्ध है। इसके जरिए एक वर्ष की वैधता अवधि में राष्ट्रीय राजमार्गों और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे के पात्र शुल्क प्लाजा पर 200 यात्राएं की जा सकती हैं। इस हिसाब से प्रति यात्रा औसत खर्च 15 रुपए पड़ता है। हालांकि, पास की पात्रता और उपयोग की शर्तें लागू रहेंगी

