जमुई के खैरा प्रखंड में लगातार दो दिनों से ही रही बारिश के कारण सगदाहा-भंडारा डायवर्सन बह गया है। नरियाना पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद यह डायवर्सन इलाके के कई गांवों के लिए आवागमन का एकमात्र वैकल्पिक मार्ग था,जिसके बह जाने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नरियाना पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण इस पर चार पहिया वाहनों का परिचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। सगदाहा, भंडारा और बेला जैसे गांवों के लोग जिला मुख्यालय और प्रखंड मुख्यालय जाने के लिए इसी डायवर्सन का उपयोग कर रहे थे।यह डायवर्सन पूर्व में बालू डंपिंग यार्ड के लिए बनाया गया था। नया डायवर्सन बनाने का काम चल रहा बीते 24 घंटों में प्रखंड क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश के कारण शुक्रवार दोपहर को यह डायवर्सन टूट गया। नदी में पानी का तेज बहाव होने के कारण डायवर्सन दबाव नहीं झेल सका और पानी के साथ बह गया।डायवर्सन के बह जाने से अब लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। भंडरा, सगदाहा जैसे गांवों के निवासियों को अब जिला और प्रखंड मुख्यालय जाने के लिए बड़ीबाग के रास्ते से आना पड़ेगा, जिससे उनकी यात्रा का समय और लागत दोनों बढ़ जाएगी। हालांकि,नरियाना पुल के समीप एक नया डायवर्सन बनाने का काम चल रहा है। लगभग 2000 हजार की आबादी प्रभावित हुई इसके अतिरिक्त, नरियाना और मांगोबंदर पुलों के निर्माण को भी स्वीकृति मिल गई है, लेकिन तब तक स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। भंडरा गांव निवासी शुभम कुमार ने बताया, यह डायवर्सन हम लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता था। नदी में पानी का तेज बहाव आने के कारण डायवर्सन टूट गया, जिससे लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। उन्होंने बताया कि लगभग 2000 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते से स्थानीय लोगों के अलावा दो पहिया वाहन से पटना और देवघर की ओर जाने वाले लोगों का भी आवागमन होता था। साथ ही सावन महीने में बोल बम जाने के लिए कांवरियो की गाड़ियां भी इसी रास्ते से जाते थे।डायवर्सन टूटने से वाहनों के साथ पैदल आने-जाने वाले लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है तत्काल डायवर्सन की मरम्मत करा दे।जिससे आम लोगो को राहत मिल सके जमुई के खैरा प्रखंड में लगातार दो दिनों से ही रही बारिश के कारण सगदाहा-भंडारा डायवर्सन बह गया है। नरियाना पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद यह डायवर्सन इलाके के कई गांवों के लिए आवागमन का एकमात्र वैकल्पिक मार्ग था,जिसके बह जाने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नरियाना पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण इस पर चार पहिया वाहनों का परिचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। सगदाहा, भंडारा और बेला जैसे गांवों के लोग जिला मुख्यालय और प्रखंड मुख्यालय जाने के लिए इसी डायवर्सन का उपयोग कर रहे थे।यह डायवर्सन पूर्व में बालू डंपिंग यार्ड के लिए बनाया गया था। नया डायवर्सन बनाने का काम चल रहा बीते 24 घंटों में प्रखंड क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश के कारण शुक्रवार दोपहर को यह डायवर्सन टूट गया। नदी में पानी का तेज बहाव होने के कारण डायवर्सन दबाव नहीं झेल सका और पानी के साथ बह गया।डायवर्सन के बह जाने से अब लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। भंडरा, सगदाहा जैसे गांवों के निवासियों को अब जिला और प्रखंड मुख्यालय जाने के लिए बड़ीबाग के रास्ते से आना पड़ेगा, जिससे उनकी यात्रा का समय और लागत दोनों बढ़ जाएगी। हालांकि,नरियाना पुल के समीप एक नया डायवर्सन बनाने का काम चल रहा है। लगभग 2000 हजार की आबादी प्रभावित हुई इसके अतिरिक्त, नरियाना और मांगोबंदर पुलों के निर्माण को भी स्वीकृति मिल गई है, लेकिन तब तक स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। भंडरा गांव निवासी शुभम कुमार ने बताया, यह डायवर्सन हम लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता था। नदी में पानी का तेज बहाव आने के कारण डायवर्सन टूट गया, जिससे लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। उन्होंने बताया कि लगभग 2000 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते से स्थानीय लोगों के अलावा दो पहिया वाहन से पटना और देवघर की ओर जाने वाले लोगों का भी आवागमन होता था। साथ ही सावन महीने में बोल बम जाने के लिए कांवरियो की गाड़ियां भी इसी रास्ते से जाते थे।डायवर्सन टूटने से वाहनों के साथ पैदल आने-जाने वाले लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है तत्काल डायवर्सन की मरम्मत करा दे।जिससे आम लोगो को राहत मिल सके


