भारतीय उपकप्तान तिलक वर्मा ने कहा कि बल्लेबाजी क्रम में तीसरे से पांचवें नंबर पर खिसकने के बाद उनकी सोच में बदलाव आया है और अब वह क्रीज पर जमने पर फोकस करने की बजाय पहली ही गेंद से चौके छक्के लगाने की कोशिश करते हैं। पिछले एक साल में लक्ष्य का पीछा करने में महारत हासिल करने वाले तिलक ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में नीतिश रेड्डी के साथ भारत को संकट से निकाला। भारत पांच मैचों की श्रृंखला में 3 . 0 से आगे है।चौथे टी20 से पहले तिलक ने कहा ,‘‘ मेरे पास पहले ही से पावर गेम था। मैने तीसरे नंबर पर भी रन बनाये हैं। अब पांचवें या छठे नंबर पर पहली ही गेंद से चौके छक्के लगाने की सोचता हूं।’’
उन्होंने कहा ,‘‘पहले मैं क्रीज पर जमने में समय लेता था और शुरूआत एक दो रन लेकर करता था।’’
उन्होंने कहा कि वह गेंदबाजों के दिमाग को पढने की कोशिश करते हैं जिन पर बल्लेबाजों से ज्यादा दबाव होता है।तिलक ने कहा ,‘‘ आखिरी ओवरों में गेंदबाजों पर बल्लेबाज से अधिक दबाव होता है। मेरे दिमाग में हमेशा यही सकारात्मक सोच रहती है कि गेंदबाज मुझसे ज्यादा दबाव में है और रन बनेंगे ही।’’
भारतीय उपकप्तान तिलक वर्मा ने कहा कि बल्लेबाजी क्रम में तीसरे से पांचवें नंबर पर खिसकने के बाद उनकी सोच में बदलाव आया है और अब वह क्रीज पर जमने पर फोकस करने की बजाय पहली ही गेंद से चौके छक्के लगाने की कोशिश करते हैं। पिछले एक साल में लक्ष्य का पीछा करने में महारत हासिल करने वाले तिलक ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में नीतिश रेड्डी के साथ भारत को संकट से निकाला। भारत पांच मैचों की श्रृंखला में 3 . 0 से आगे है।
चौथे टी20 से पहले तिलक ने कहा ,‘‘ मेरे पास पहले ही से पावर गेम था। मैने तीसरे नंबर पर भी रन बनाये हैं। अब पांचवें या छठे नंबर पर पहली ही गेंद से चौके छक्के लगाने की सोचता हूं।’’
उन्होंने कहा ,‘‘पहले मैं क्रीज पर जमने में समय लेता था और शुरूआत एक दो रन लेकर करता था।’’
उन्होंने कहा कि वह गेंदबाजों के दिमाग को पढने की कोशिश करते हैं जिन पर बल्लेबाजों से ज्यादा दबाव होता है।
तिलक ने कहा ,‘‘ आखिरी ओवरों में गेंदबाजों पर बल्लेबाज से अधिक दबाव होता है। मेरे दिमाग में हमेशा यही सकारात्मक सोच रहती है कि गेंदबाज मुझसे ज्यादा दबाव में है और रन बनेंगे ही।’’
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