बलिया के गुलाब देवी महिला महाविद्यालय में शनिवार को ‘नशा मुक्ति जागरूकता संगोष्ठी’ का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और एक स्वस्थ एवं उत्तरदायी समाज के निर्माण में योगदान देना था। कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन और अतिथियों के पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत के साथ हुआ। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. निवेदिता श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, आत्मानुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना भी है।
उन्होंने छात्राओं से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने परिवार व समाज में भी नशामुक्ति के प्रति जनजागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विनायक सामाजिक संस्था की संरक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता संध्या पाण्डेय ने नशा उन्मूलन अभियान में सामाजिक संगठनों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जनसहभागिता, जागरूकता और सतत संवाद के माध्यम से ही नशामुक्त समाज का निर्माण संभव है। पाण्डेय ने छात्राओं को इस जनआंदोलन का सशक्त वाहक बनने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य वक्ता डॉ. रितेश सोनी ने ‘नशा उन्मूलन, स्वास्थ्य, समाज और युवा’ विषय पर वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय दृष्टिकोण से अत्यंत ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि तंबाकू, शराब और अन्य मादक पदार्थों का सेवन शरीर के लगभग प्रत्येक अंग, विशेषकर हृदय, फेफड़े, यकृत (लीवर), मस्तिष्क तथा तंत्रिका तंत्र पर गंभीर एवं दीर्घकालिक दुष्प्रभाव डालता है। डॉ. सोनी ने कैंसर, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मानसिक अवसाद, स्मृति क्षीणता तथा नशे की लत से उत्पन्न सामाजिक एवं पारिवारिक समस्याओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नशे से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता, स्वस्थ जीवनशैली, नियमित व्यायाम, सकारात्मक सोच तथा समय पर चिकित्सकीय परामर्श है। उन्होंने छात्राओं को जीवन में किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने एवं दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. मनीषा मिश्रा ने किया, जिन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. शिवांगी मिश्रा द्वारा किया गया। संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नशामुक्त भारत के निर्माण हेतु स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज में जनजागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया।


