बक्सर में 1942 के शहीदों को श्रद्धांजलि:परिजनों को शॉल-तिरंगा देकर किया सम्मानित; थाना पर तिरंगा फहराने के प्रयास में हुई थी गोलीबारी

बक्सर में 1942 के शहीदों को श्रद्धांजलि:परिजनों को शॉल-तिरंगा देकर किया सम्मानित; थाना पर तिरंगा फहराने के प्रयास में हुई थी गोलीबारी

बक्सर जिले के डुमरांव स्थित शहीद स्मारक स्थल पर रविवार को अमर शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य पालन एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री सह बक्सर जिले के प्रभारी मंत्री नंदकिशोर राम, डुमरांव विधायक, जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। शहीदों के परिजनों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान 1942 के स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों के परिजनों को शॉल और तिरंगा देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्वतंत्रता संग्राम में डुमरांव अनुमंडल के योगदान को विशेष रूप से याद किया गया। बताया गया कि वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान डुमरांव क्षेत्र के युवाओं ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उन्होंने अंग्रेजी शासन की दमनकारी कार्रवाई की परवाह किए बिना देश की आजादी के लिए अपना संघर्ष जारी रखा। थाना पर तिरंगा फहराने के प्रयास में हुई थी गोलीबारी कार्यक्रम में बताया गया कि डुमरांव थाना पर भारतीय ध्वज फहराने के प्रयास के दौरान अंग्रेजी पुलिस ने आंदोलनकारियों पर गोलीबारी की थी। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद आंदोलनकारी पीछे नहीं हटे और देश की स्वतंत्रता को अपने जीवन से अधिक महत्वपूर्ण मानते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके साहस और त्याग ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की। कोरान सराय, आथर और नावाडेरा के युवाओं को भी किया याद डुमरांव अनुमंडल के अलावा कोरान सराय, आथर और नावाडेरा के युवाओं के योगदान को भी याद किया गया। इन क्षेत्रों के युवाओं ने भी स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया था। कार्यक्रम में विशेष रूप से अमर शहीद कपिल मुनि कहार, गोपाल जी कमकर, रामदास सोनार और रामदास लोहार के बलिदान को स्मरण किया गया। शहीदों का त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
प्रभारी मंत्री नंदकिशोर राम समेत अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा कि देश की आजादी शहीदों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि शहीदों की वीरता और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने शहीदों के परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके योगदान को नमन किया। देश की एकता और अखंडता की रक्षा का लिया संकल्प
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण देशभक्ति से ओतप्रोत रहा। उपस्थित लोगों ने अमर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा का संकल्प लिया। बक्सर जिले के डुमरांव स्थित शहीद स्मारक स्थल पर रविवार को अमर शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य पालन एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री सह बक्सर जिले के प्रभारी मंत्री नंदकिशोर राम, डुमरांव विधायक, जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। शहीदों के परिजनों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान 1942 के स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों के परिजनों को शॉल और तिरंगा देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्वतंत्रता संग्राम में डुमरांव अनुमंडल के योगदान को विशेष रूप से याद किया गया। बताया गया कि वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान डुमरांव क्षेत्र के युवाओं ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उन्होंने अंग्रेजी शासन की दमनकारी कार्रवाई की परवाह किए बिना देश की आजादी के लिए अपना संघर्ष जारी रखा। थाना पर तिरंगा फहराने के प्रयास में हुई थी गोलीबारी कार्यक्रम में बताया गया कि डुमरांव थाना पर भारतीय ध्वज फहराने के प्रयास के दौरान अंग्रेजी पुलिस ने आंदोलनकारियों पर गोलीबारी की थी। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद आंदोलनकारी पीछे नहीं हटे और देश की स्वतंत्रता को अपने जीवन से अधिक महत्वपूर्ण मानते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके साहस और त्याग ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की। कोरान सराय, आथर और नावाडेरा के युवाओं को भी किया याद डुमरांव अनुमंडल के अलावा कोरान सराय, आथर और नावाडेरा के युवाओं के योगदान को भी याद किया गया। इन क्षेत्रों के युवाओं ने भी स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया था। कार्यक्रम में विशेष रूप से अमर शहीद कपिल मुनि कहार, गोपाल जी कमकर, रामदास सोनार और रामदास लोहार के बलिदान को स्मरण किया गया। शहीदों का त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
प्रभारी मंत्री नंदकिशोर राम समेत अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा कि देश की आजादी शहीदों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि शहीदों की वीरता और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने शहीदों के परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके योगदान को नमन किया। देश की एकता और अखंडता की रक्षा का लिया संकल्प
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण देशभक्ति से ओतप्रोत रहा। उपस्थित लोगों ने अमर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा का संकल्प लिया।  

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