बंदर को बचाने में बेकाबू बाइक ट्रक में घुसी, मौत:किशोर घायल, नेशनल हाईवे पर 9 महीने में 112 लोगों की जान गई; 763 दुर्घटनाएं

बंदर को बचाने में बेकाबू बाइक ट्रक में घुसी, मौत:किशोर घायल, नेशनल हाईवे पर 9 महीने में 112 लोगों की जान गई; 763 दुर्घटनाएं

बक्सर में आरा-बक्सर फोरलेन एनएच-922 पर गुरुवार को एक हादसा हुआ। औद्योगिक थाना क्षेत्र के अहिरौली मोड़ के पास एक बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। यह घटना अचानक बंदर के सामने आ जाने से उसे बचाने की कोशिश में हुई। हादसे में 21 वर्षीय अनिकेत पासवान की मौत हो गई, जबकि 16 वर्षीय शिवम पासवान घायल हो गया। अनिकेत पासवान (21) अपने गांव दहिवर के शिवम पासवान (16) के साथ बक्सर आ रहा था। ट्रक को जब्त कर जांच शुरू की फोर सीजन मैरेज हॉल के सामने बंदर को बचाने के चक्कर में बाइक अनियंत्रित हो गई और ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। औद्योगिक थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को सदर अस्पताल भेजा। अनिकेत को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। शिवम का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। नौ महीने में 763 सड़क दुर्घटनाएं, 112 लोगों की मौत एनएच-922 पर लगातार हो रहे हादसों के बीच जिले के सड़क दुर्घटना के आंकड़े भी चिंताजनक तस्वीर पेश करते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बक्सर जिले में नौ महीने के अंदर 763 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें हिट एंड रन के 300 मामले सामने आए हैं, जबकि 112 लोगों की मौत हुई है। अक्टूबर महीने में महज एक सप्ताह के भीतर सड़क हादसों में चार लोगों की जान जा चुकी है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं से वाहन चालकों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ रही है। खासकर फोरलेन पर सड़क किनारे खड़े ट्रक और ट्रेलर कई बार जानलेवा साबित हो रहे हैं। निगरानी बढ़ाने की जरूरत महसूस तेज रफ्तार में आ रहे वाहन चालकों को अचानक सामने खड़े भारी वाहनों से बचने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है, जब खड़े वाहनों की पहचान समय पर नहीं हो पाती। लगातार हो रहे इन हादसों के बीच सड़क किनारे भारी वाहनों की सुरक्षित पार्किंग, रिफ्लेक्टर की उपलब्धता, तेज रफ्तार पर नियंत्रण और दुर्घटना संभावित स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। सवाल यह है कि आखिर इन हादसों को रोकने के लिए प्रभावी कदम कब उठाए जाएंगे, ताकि एनएच-922 पर सफर करने वाले लोगों की जान सुरक्षित रह सके। बक्सर में आरा-बक्सर फोरलेन एनएच-922 पर गुरुवार को एक हादसा हुआ। औद्योगिक थाना क्षेत्र के अहिरौली मोड़ के पास एक बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। यह घटना अचानक बंदर के सामने आ जाने से उसे बचाने की कोशिश में हुई। हादसे में 21 वर्षीय अनिकेत पासवान की मौत हो गई, जबकि 16 वर्षीय शिवम पासवान घायल हो गया। अनिकेत पासवान (21) अपने गांव दहिवर के शिवम पासवान (16) के साथ बक्सर आ रहा था। ट्रक को जब्त कर जांच शुरू की फोर सीजन मैरेज हॉल के सामने बंदर को बचाने के चक्कर में बाइक अनियंत्रित हो गई और ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। औद्योगिक थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को सदर अस्पताल भेजा। अनिकेत को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। शिवम का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। नौ महीने में 763 सड़क दुर्घटनाएं, 112 लोगों की मौत एनएच-922 पर लगातार हो रहे हादसों के बीच जिले के सड़क दुर्घटना के आंकड़े भी चिंताजनक तस्वीर पेश करते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बक्सर जिले में नौ महीने के अंदर 763 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें हिट एंड रन के 300 मामले सामने आए हैं, जबकि 112 लोगों की मौत हुई है। अक्टूबर महीने में महज एक सप्ताह के भीतर सड़क हादसों में चार लोगों की जान जा चुकी है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं से वाहन चालकों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ रही है। खासकर फोरलेन पर सड़क किनारे खड़े ट्रक और ट्रेलर कई बार जानलेवा साबित हो रहे हैं। निगरानी बढ़ाने की जरूरत महसूस तेज रफ्तार में आ रहे वाहन चालकों को अचानक सामने खड़े भारी वाहनों से बचने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है, जब खड़े वाहनों की पहचान समय पर नहीं हो पाती। लगातार हो रहे इन हादसों के बीच सड़क किनारे भारी वाहनों की सुरक्षित पार्किंग, रिफ्लेक्टर की उपलब्धता, तेज रफ्तार पर नियंत्रण और दुर्घटना संभावित स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। सवाल यह है कि आखिर इन हादसों को रोकने के लिए प्रभावी कदम कब उठाए जाएंगे, ताकि एनएच-922 पर सफर करने वाले लोगों की जान सुरक्षित रह सके।  

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