France-Spain protest: यूरोप के फ्रांस और स्पेन में व्यवस्था के खिलाफ चल रहा आंदोलन बेहद उग्र और हिंसक हो गया। पेरिस और बार्सिलोना समेत कई प्रमुख शहरों में प्रदर्शनकारियों ने भारी उपद्रव किया, दुकानों में लूटपाट की और सार्वजनिक संपत्ति में आग लगा दी। सुरक्षा बलों के साथ झड़प के बाद फ्रांस में लगभग 1000 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि स्पेन के बार्सिलोना में 100 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया। फ्रांस में लोग बढ़ती महंगाई और स्कूलों के बजट में कटौती के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे। वहीं स्पेन में सिस्टम के खिलाफ युवाओं को एकजुट कर यह अराजकता फैलाई गई।
बार्सिलोना के टुरिस्ट इलाकों में आगजनी, गिरफ्तार लोगों में 25% नाबालिग
स्पेन के कैटालोनिया रिजन के बार्सिलोना में प्रदर्शनकारियों ने पर्यटकों के बीच लोकप्रिय प्लाजा डी कैटालोनिया के आसपास भारी हंगामा किया। उन्होंने सड़क पर रखे फर्नीचर और कूड़ेदानों में आग लगा दी और एल कोर्टे इंगलेस जैसे मशहूर डिपार्टमेंट स्टोर सहित 14 जगहों पर तोड़फोड़ और लूटपाट की। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि लूटपाट रोकने के लिए दुकानों के शटर गिरा दिए गए, जिससे ग्राहक अंदर ही फंस गए।
कैटालोनिया की आंतरिक मामलों की मंत्री नूरिया पार्लोन ने बताया कि हिरासत में लिए गए 100 लोगों में से लगभग एक-चौथाई नाबालिग हैं। शहर भर में 30 से ज्यादा जगहों पर आगजनी की घटनाएं सामने आईं। बार्सिलोना के मेयर जौमे कोलबोनी ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और इसमें शामिल नाबालिगों के अभिभावकों को भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
पेरिस में चले आंसू गैस और वॉटर कैनन
फ्रांस भर में एक्ट 2 नाम से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। ट्रेड यूनियनों और छात्रों द्वारा महंगाई और शिक्षा व्यवस्था को लेकर यह प्रदर्शन हुए। फ्रांस गृह मंत्रालय के अनुसार, पूरे देश में लगभग 410,000 लोग सड़कों पर उतरे, जिनमें से 110,000 लोग राजधानी पेरिस में थे। वहीं, आयोजन करने वाले यूनियन CGT ने दावा किया कि पूरे देश में 800,000 से अधिक लोगों ने इसमें हिस्सा लिया।
शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ यह मार्च पेरिस के पूर्वी छोर पर पहुंचते ही हिंसक हो गया, जहां नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पटाखे और पत्थर फेंके। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले, साउंड ग्रेनेड और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। पेरिस के अलावा, मार्सिले, ल्योन, लिले, बोर्डो, टूलूज़ और नैनटेस में भी भारी बवाल देखा गया।
फ्रांस में म्यूजियम बंद, फुटबॉल मैच स्थगित
हिंसा और तोड़फोड़ की आशंका को देखते हुए पूरे फ्रांस में 70,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। संवेदनशील इलाकों में लग्जरी बुटीक और दुकानों ने अपनी खिड़कियों को लकड़ी के तख्तों से ढक दिया। सुरक्षा कारणों से पेरिस के विश्व प्रसिद्ध लूव्र म्यूजियम, मुसी डी’ओर्से और पिकासो म्यूजियम को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया, जबकि पेरिस सेंट-जर्मेन और ओलंपिक लियोनिस के बीच होने वाले फुटबॉल मैच को स्थगित करना पड़ा।


Aldarulls al centre de Barcelona en el marc d’una protesta convocada per suposats estudiants a través de les xarxes socials
Els Mossos han efectuat càrregues per dispersar els concentrats i alguns esvalotadors han fet destrosses a vehicles, comerços i mobiliari urbà 

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