फिलिस्तीन को लेकर भारत का क्या है स्टैंड? UN में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दिया जवाब

फिलिस्तीन को लेकर भारत का क्या है स्टैंड? UN में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दिया जवाब

Israel-Palestine Conflict: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत ने फिलिस्तीन को लेकर अपना रुख एक बार फिर साफ किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में टिकाऊ शांति की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में लंबे समय तक शांति के लिए टू-स्टेट सॉल्यूशन जरूरी है। यानी इजराइल और फिलिस्तीन दोनों देश शांति के साथ अस्तित्व में रहें।

टू-स्टेट सॉल्यूशन को भारत का समर्थन

जयशंकर ने कहा कि वेस्ट एशिया में तनाव और हिंसा अभी भी चिंता का विषय है। ऐसे हालात में स्थायी समाधान की जरूरत है। भारत का मानना है कि बातचीत के जरिए रास्ता निकाला जाना चाहिए। भारत लंबे समय से बातचीत के आधार पर टू-स्टेट सॉल्यूशन का समर्थन करता रहा है। इसके तहत एक संप्रभु और स्वतंत्र फिलिस्तीन देश की बात की जाती है। यह देश सुरक्षित और मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर हो। साथ ही वह इजराइल के साथ शांति से रह सके।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन की सदस्यता का भी समर्थन किया है। भारत का रुख यह रहा है कि इस विवाद का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकाला जाना चाहिए।

फिलिस्तीनियों के लिए मानवीय मदद जारी

जयशंकर ने अपने बयान में फिलिस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत राहत और मानवीय मदद की कोशिशों में सहयोग कर रहा है। भारत फिलिस्तीन के लोगों को सीधे और संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (UNRWA) के माध्यम से सहायता देता रहा है। साथ ही भारत ने 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हुए आतंकी हमले की निंदा की थी। इजराइल-हमास संघर्ष में आम लोगों की जान जाने पर भी भारत ने चिंता जताई है। यानी भारत के रुख में आतंकवाद की निंदा के साथ आम नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय सहायता पर भी जोर दिखाई देता है।

यूक्रेन युद्ध और वैश्विक शांति पर भी बोले जयशंकर

UN में जयशंकर ने केवल मिडिल ईस्ट का मुद्दा नहीं उठाया। उन्होंने यूक्रेन में जारी संघर्ष पर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रही लड़ाई को खत्म करने की जरूरत है। भारत शांति स्थापित करने की कोशिशों का समर्थन करता है। जयशंकर ने खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि संघर्षों के बीच इन क्षेत्रों पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।

इस तरह UN में भारत का संदेश साफ रहा। मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति के लिए बातचीत, टू-स्टेट सॉल्यूशन, नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय सहायता पर जोर दिया जाना चाहिए।

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