फीलखाना में फर्जी दस्तावेज लगाकर दूसरे के प्लॉट पर 1.45 करोड़ रुपये का लोन लेने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्जकर मामले की जांच शुरू की। 8 हजार रुपए किराए पर दिया था प्लॉट जाजमऊ निवासी मो. एजाज ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2018 में उन्नाव के ग्राम कटरी पीपरखेड़ा में करीब 250 वर्गमीटर का प्लॉट की रजिस्ट्री कराई थी, जिसके बाद उन्होंने 2023 में चमनगंज के रहने वाले शाहवेज इलाही को 11 माह के लिए आठ हजार रुपये मासिक किराये पर दिया था। किरायेदारी की अनुबंध में उनके दोस्त शाहजेब वारिस और अहतिशाम वारसी गवाह थे। आरोप है कि किराएदारी समाप्त होने के बाद उन्होंने किसी दूसरे व्यक्ति से कोई समझौता नहीं किया। कुछ समय बाद उन्हें पड़ोसियों से जानकारी हुई की बैंक के कर्मचारी प्लॉट की फोटो खींचने आए थे। जिसके बाद उन्हें जानकारी हुई कि शाहवेज इलाही ने खुद को प्लॉट मालिक बताकर मो. आरिफ के साथ नवंबर 2025 में किरायेदारी अनुबंध किया। फर्म उद्यम का कराया रजिस्ट्रेशन,प्लॉट पर लगाया बोर्ड आरिफ ने उस प्लॉट पर एमए ट्रेडर नाम से फर्म का उद्यम रजिस्ट्रेशन कराया। उनके प्लॉट के गेट पर फर्म का बोर्ड लगाया और टीनऐड के नीचे कबाड़ रखकर बैंक कर्मचारियों के साथ फोटो खिंचवाई। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एसबीआई की बिरहाना रोड शाखा से 1.45 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया। फीलखाना थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्जकर कार्रवाई की जा रही है।

