‘प्रोजेक्ट स्वाभिमान’ के तहत 12 शिक्षकों-6 शिक्षा सेवकों का सम्मान:शिक्षक दिवस पर ईंट भट्ठों के बच्चों को शिक्षित करने को सम्मानित

‘प्रोजेक्ट स्वाभिमान’ के तहत 12 शिक्षकों-6 शिक्षा सेवकों का सम्मान:शिक्षक दिवस पर ईंट भट्ठों के बच्चों को शिक्षित करने को सम्मानित

शेखपुरा में शिक्षक दिवस पर एक सम्मान समारोह हुआ। इसमें ‘प्रोजेक्ट स्वाभिमान’ के तहत 12 शिक्षकों और 6 शिक्षा सेवकों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए दिया गया। यह कार्यक्रम शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर के मंथन सभागार में हुआ। एडीएम लखींद्र पासवान ने सभी सम्मानित लोगों को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र दिए। एडीएम लखींद्र पासवान ने कहा कि ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना बहुत मुश्किल काम है। उन्होंने बताया कि ‘प्रोजेक्ट स्वाभिमान’ के जरिए ये शिक्षक और शिक्षा सेवक इन बच्चों के जीवन में शिक्षा का उजाला फैला रहे हैं। वे सही मायनों में समाज सुधारक की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने सभी कर्मचारियों के समर्पण और लगन की तारीफ की। जिन शिक्षकों और शिक्षा सेवकों को सम्मानित किया गया, उनमें विमल भारती, गुड़िया खातून और उदय मांझी मुख्य रूप से शामिल थे। इनके अलावा दूसरे शिक्षकों और शिक्षा सेवकों को भी बच्चों की नियमित उपस्थिति और अच्छी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशस्ति पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया गया। इस कार्यक्रम में जिले के बड़े प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि और कई खास लोग भी शामिल थे। शेखपुरा में शिक्षक दिवस पर एक सम्मान समारोह हुआ। इसमें ‘प्रोजेक्ट स्वाभिमान’ के तहत 12 शिक्षकों और 6 शिक्षा सेवकों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए दिया गया। यह कार्यक्रम शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर के मंथन सभागार में हुआ। एडीएम लखींद्र पासवान ने सभी सम्मानित लोगों को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र दिए। एडीएम लखींद्र पासवान ने कहा कि ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना बहुत मुश्किल काम है। उन्होंने बताया कि ‘प्रोजेक्ट स्वाभिमान’ के जरिए ये शिक्षक और शिक्षा सेवक इन बच्चों के जीवन में शिक्षा का उजाला फैला रहे हैं। वे सही मायनों में समाज सुधारक की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने सभी कर्मचारियों के समर्पण और लगन की तारीफ की। जिन शिक्षकों और शिक्षा सेवकों को सम्मानित किया गया, उनमें विमल भारती, गुड़िया खातून और उदय मांझी मुख्य रूप से शामिल थे। इनके अलावा दूसरे शिक्षकों और शिक्षा सेवकों को भी बच्चों की नियमित उपस्थिति और अच्छी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशस्ति पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया गया। इस कार्यक्रम में जिले के बड़े प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि और कई खास लोग भी शामिल थे।  

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