भोजपुर में पोखर में डूबने से बच्चे की मौत हो गई है। मृतक धनगाई थाना क्षेत्र के मीठहा गांव निवासी विकास कुमार नट का बेटा आयुष कुमार (7) है। जो तीसरी क्लास का स्टूडेंट था। मृतक के चाचा दिनेश कुमार ने बताया कि आयुष छोटे भाई पीयूष के साथ गांव में प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने गया था। स्कूल के बाहर एक पोखर भी है। छोटे भाई के साथ वो स्कूल से निकला। इसी दौरान पैर फिसलने से वो पोखर में गिरकर डूब गया। घटना धनगाई थाना क्षेत्र के मीठहा गांव के पास की है। छोटे भाई ने परिजन को दी हादसे की जानकारी हादसे के बाद छोटे भाई ने सूचना परिजन को दी। परिजन मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के सहयोग से बच्चे की लाश को पानी से बाहर निकाला। बच्चे की मौत हो गई थी, फिर भी परिजन अपनी संतुष्टि के लिए आयुष को इलाज के लिए अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने मृतक घोषित कर दिया।
भाई-बहन में बड़ा था हादसे की सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने लाश का पोस्टमॉर्टम कराया। बताया जाता है कि आयुष अपने दो भाई और एक बहन में बड़ा था। उसके परिवार में मां संगीता देवी, एक बहन आयुषी कुमारी और एक भाई पीयूष कुमार है। घटना के बाद आयुष के घर में मातम है। मां और भाई-बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। भोजपुर में पोखर में डूबने से बच्चे की मौत हो गई है। मृतक धनगाई थाना क्षेत्र के मीठहा गांव निवासी विकास कुमार नट का बेटा आयुष कुमार (7) है। जो तीसरी क्लास का स्टूडेंट था। मृतक के चाचा दिनेश कुमार ने बताया कि आयुष छोटे भाई पीयूष के साथ गांव में प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने गया था। स्कूल के बाहर एक पोखर भी है। छोटे भाई के साथ वो स्कूल से निकला। इसी दौरान पैर फिसलने से वो पोखर में गिरकर डूब गया। घटना धनगाई थाना क्षेत्र के मीठहा गांव के पास की है। छोटे भाई ने परिजन को दी हादसे की जानकारी हादसे के बाद छोटे भाई ने सूचना परिजन को दी। परिजन मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के सहयोग से बच्चे की लाश को पानी से बाहर निकाला। बच्चे की मौत हो गई थी, फिर भी परिजन अपनी संतुष्टि के लिए आयुष को इलाज के लिए अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने मृतक घोषित कर दिया।
भाई-बहन में बड़ा था हादसे की सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने लाश का पोस्टमॉर्टम कराया। बताया जाता है कि आयुष अपने दो भाई और एक बहन में बड़ा था। उसके परिवार में मां संगीता देवी, एक बहन आयुषी कुमारी और एक भाई पीयूष कुमार है। घटना के बाद आयुष के घर में मातम है। मां और भाई-बहन का रो-रोकर बुरा हाल है।

