पूर्व बांग्लादेशी एडवाइजर यूनुस को लोगों ने आतंकवादी कहा:न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर घेरा; सरकार बोली- विरोध करने वालों पर कार्रवाई करेंगे

पूर्व बांग्लादेशी एडवाइजर यूनुस को लोगों ने आतंकवादी कहा:न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर घेरा; सरकार बोली- विरोध करने वालों पर कार्रवाई करेंगे

बांग्लादेश के पूर्व चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस को अमेरिका के न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर विरोध का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट पर मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और ‘आतंकवादी’ कहा। लोगों ने उन पर बांग्लादेश में हत्याएं कराने और लोकतंत्र को बर्बाद करने के आरोप लगाए। उन्होंने यूनुस से कहा कि तुम यहां क्यों आए हो, वापस जाओ। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग यूनुस के खिलाफ नारे लगाते और उन पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। हालात को देखते हुए यूनुस और उनकी सहयोगी लामिया मोर्शेद को एयरपोर्ट के अंदर वापस ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों ने हजारों लोगों की मौत का आरोप लगाया सरकार बोली- यूनुस को घेरने वालों पर कार्रवाई करेंगे बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार जाहेद उर रहमान ने मंगलवार को कहा कि न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर मोहम्मद यूनुस को घेरने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस घटना को ‘अवामी लीग का आतंक’ बताया। जाहेद ने विदेशों में रहने वाले अवामी लीग के सदस्यों को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने ऐसी हरकत की, तो उन्हें भी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यूनुस का विरोध करने वालों पर किस कानून के तहत कार्रवाई होगी। यूनुस के कार्यकाल में हिंसा और गिरफ्तारियों पर उठे सवाल शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद 8 अगस्त 2024 को यूनुस ने अंतरिम सरकार की कमान संभाली थी। उनके कार्यकाल में बांग्लादेश में हिंसा रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सवाल उठे। इस दौरान हिंदू समुदाय और उनके धार्मिक स्थलों पर हमलों, लोगों की गिरफ्तारी और हिरासत में मौतों की खबरें भी सामने आईं। अवामी लीग ने आरोप लगाया था कि उसके नेताओं और समर्थकों को निशाना बनाया गया। मानवाधिकार संगठनों ने इन मामलों की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की थी। खसरे से 1170 बच्चों की मौतों पर भी घिरे यूनुस बांग्लादेश में खसरे के प्रकोप से बच्चों की मौतों को लेकर भी यूनुस की अंतरिम सरकार की आलोचना हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बीमारी से 1,170 बच्चों की मौत हुई है। यूनिसेफ ने मई 2026 में कहा था कि उसने वैक्सीन की खरीद में देरी को लेकर अंतरिम सरकार को कम से कम 10 बार चेतावनी दी थी। इसके बाद भी सरकार ने यूनिसेफ के जरिए वैक्सीन खरीदने के बजाय खुली टेंडर प्रक्रिया अपनाई। इस प्रक्रिया में देरी के बीच वैक्सीन का स्टॉक खत्म हो गया। इसके बाद बीमारी का प्रकोप बढ़ गया। हालांकि, इस मामले में सरकार की जिम्मेदारी को लेकर जांच के निष्कर्ष अलग से देखे जाने चाहिए। हसीना की सरकार गिरने के बाद डेढ़ साल सत्ता में रहे यूनुस अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद यूनुस ने अंतरिम सरकार का नेतृत्व किया। उनकी सरकार करीब डेढ़ साल तक सत्ता में रही। 2025 में बांग्लादेश के एक विशेष ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना की गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाया और उन्हें मौत की सजा सुनाई। यूनुस की सरकार ने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाया और भारत से हसीना को बांग्लादेश भेजने की मांग की। ————————- ये खबर भी पढ़ें… अजरबैजान में 96% मुस्लिम, फिर भी हिजाब बैन हुआ:छात्राओं ने सरकार के फैसले का विरोध किया; पड़ोसी देश तुर्किये में भी प्रदर्शन मुस्लिम बहुल देश अजरबैजान में स्कूलों में हिजाब पहनने को लेकर विवाद शुरू हो गया है। सरकार ने स्कूलों के ड्रेस कोड में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत ऐसे कपड़े पहनने पर रोक लगाई गई है, जिन्हें सरकार धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ मानती है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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