पूर्णिया में शहर के बीच सड़क पर हुए हाई प्रोफाइल हंगामे के बाद अब मामला गंभीर होता जा रहा है। इस मामले में SDM कोर्ट से नोटिस जारी हुआ है और 9 लोगों पर बीएनएस की धारा 126 और 135 के तहत केस दर्ज किया गया है। हंगामा पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधियों के साथ उनके समर्थकों के बीच रात के अंधेरे में हुआ था। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एसडीएम की तरफ से जारी हुआ नोटिस दरअसल इस हाई प्रोफाइल हंगामे का वीडियो वायरल होने के बाद के.हाट थाना प्रभारी द्वारा दिए गए प्रतिवेदन के आधार पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने 9 नामजद लोगों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 और 135 के तहत नोटिस जारी किया है। सभी 9 नामज़द को भरना है बॉन्ड मामले की जानकारी देते हुए के हाट थाना प्रभारी रंजन कुमार ठाकुर ने बताया कि चिन्हित किए गए सभी 9 लोगों को शनिवार सुबह 10 बजे के.हाट थाना उपस्थित होकर 5-5 लाख रुपये के बॉन्ड भरने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस केवल नामजद लोगों तक सीमित नहीं है। वायरल वीडियो और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पहचान होते ही उन्हें भी नोटिस जारी किया जाएगा। बुधवार देर रात दोनों पक्षों के बीच सड़क पर हुई नोकझोंक की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ 1 अभिनव पराशर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वीडियो में एसडीपीओ 1 अभिनव पराशर इस हंगामे को शांत कराते भी नज़र आ रहे हैं। बीएनएस की इन धाराओं में क्या है भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 126 के तहत यदि कार्यपालक मजिस्ट्रेट को यह आशंका हो कि कोई व्यक्ति शांति भंग कर सकता है या सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है, तो निवारक कार्रवाई के तहत उससे शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरवाया जाता है। वहीं धारा बीएनएस की धारा 135 के प्रक्रिया के तहत संबंधित व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के समक्ष कारण बताने और प्रक्रिया से जुड़ने का प्रावधान रखा गया है। इन धाराओं का मुख्य उद्देश्य किसी संभावित विवाद या शांति भंग की स्थिति को घटना घटने से पहले ही रोकना है।
हाई प्रोफाइल हंगामे के वायरल वीडियो में क्या था दरअसल गुरुवार की देर रात से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा था, जिसमें मौजूदा से लेकर पूर्व तक के जनप्रतिनिधि आपस में झगड़ते, धमकियाँ देते सुनाई दे रहे थे। इस वीडियो में कसबा के विधायक नितेश सिंह (लोजपा रामविलास पार्टी से) नज़र आ रहे हैं। इनके और पूर्व महापौर पति (प्रतिनिधि) प्रताप सिंह के बीच बहस हो रहा है। इस जगह पर पूर्णिया ज़िला परिषद के डिप्टी चेयरमैन नीरज सिंह उर्फ छोटू सिंह भी हैं। इस झगड़े में मौजूदा महापौर विभा कुमारी के पति (प्रतिनिधि) और कांग्रेस से सदर विधान सभा के विधायक प्रत्याशी रहे जितेंद्र यादव का ज़िक्र चल रहा है। जबकि इस हंगामे के बीच बचाव में पूर्णिया सदर एसडीपीओ 1 अभिनव पाराशर झगड़ा खत्म कराते दिख रहे हैं। वायरल वीडियो पर विधायक नितेश सिंह का कहना है कि मुझे बदनाम करने की साजिश की जा रही है। मैं जनता की सेवा करने आया हूं। गलत के आगे कभी नहीं झुकेंगे। दबाव चाहे जितना हो, गलत का साथ नहीं देंगे। कोई अपना हो या पराया, अगर वह गलत है तो हम उसके साथ नहीं खड़े होंगे। हम जनता की सेवा के लिए हैं और जनता की सेवा करते रहेंगे। पूर्व मेयर पति बोले- विधायक, जिला परिषद उपाध्यक्ष आवास पर पहुंचकर हंगामा करने लगे वायरल वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मेयर पति प्रताप सिंह ने कहा कि विधायक नितेश सिंह और ज़िला परिषद उपाध्यक्ष छोटू सिंह अपने दर्जनों साथियों के साथ मेरे फोर्ड कंपनी चौक स्थित आवास पर पहुंचे और हंगामा करने लगे। इसी दरमियान झगड़ा बढ़ा और मौजूदा महापौर पति जितेंद्र यादव का नाम लेकर अभद्र व्यवहार किया गया । इस दौरान सदर एसडीपीओ-1 मौके पर पहुंचे और मामला को शांत कराते हुए स्थिति को नियंत्रित किए। सदर एसडीपीओ ने कहा कि नितेश सिंह और प्रताप सिंह के बीच आपसी विवाद था, वही बहस और झगड़ा में बदल गया । सबको समझा बुझा कर भेज दिया गया । किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं हुआ है। मामले में जितेंद्र यादव कहना है कि प्रताप सिंह और विधायक नितेश सिंह के बीच झगड़ा हो रहा था, वो लोग मेरा नाम ले रहे थे बार बार, मैं वहां नहीं था, मेरे कुछ समर्थक उस जगह पर थे । पूर्णिया में शहर के बीच सड़क पर हुए हाई प्रोफाइल हंगामे के बाद अब मामला गंभीर होता जा रहा है। इस मामले में SDM कोर्ट से नोटिस जारी हुआ है और 9 लोगों पर बीएनएस की धारा 126 और 135 के तहत केस दर्ज किया गया है। हंगामा पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधियों के साथ उनके समर्थकों के बीच रात के अंधेरे में हुआ था। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एसडीएम की तरफ से जारी हुआ नोटिस दरअसल इस हाई प्रोफाइल हंगामे का वीडियो वायरल होने के बाद के.हाट थाना प्रभारी द्वारा दिए गए प्रतिवेदन के आधार पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने 9 नामजद लोगों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 और 135 के तहत नोटिस जारी किया है। सभी 9 नामज़द को भरना है बॉन्ड मामले की जानकारी देते हुए के हाट थाना प्रभारी रंजन कुमार ठाकुर ने बताया कि चिन्हित किए गए सभी 9 लोगों को शनिवार सुबह 10 बजे के.हाट थाना उपस्थित होकर 5-5 लाख रुपये के बॉन्ड भरने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस केवल नामजद लोगों तक सीमित नहीं है। वायरल वीडियो और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पहचान होते ही उन्हें भी नोटिस जारी किया जाएगा। बुधवार देर रात दोनों पक्षों के बीच सड़क पर हुई नोकझोंक की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ 1 अभिनव पराशर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वीडियो में एसडीपीओ 1 अभिनव पराशर इस हंगामे को शांत कराते भी नज़र आ रहे हैं। बीएनएस की इन धाराओं में क्या है भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 126 के तहत यदि कार्यपालक मजिस्ट्रेट को यह आशंका हो कि कोई व्यक्ति शांति भंग कर सकता है या सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है, तो निवारक कार्रवाई के तहत उससे शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरवाया जाता है। वहीं धारा बीएनएस की धारा 135 के प्रक्रिया के तहत संबंधित व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के समक्ष कारण बताने और प्रक्रिया से जुड़ने का प्रावधान रखा गया है। इन धाराओं का मुख्य उद्देश्य किसी संभावित विवाद या शांति भंग की स्थिति को घटना घटने से पहले ही रोकना है।
हाई प्रोफाइल हंगामे के वायरल वीडियो में क्या था दरअसल गुरुवार की देर रात से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा था, जिसमें मौजूदा से लेकर पूर्व तक के जनप्रतिनिधि आपस में झगड़ते, धमकियाँ देते सुनाई दे रहे थे। इस वीडियो में कसबा के विधायक नितेश सिंह (लोजपा रामविलास पार्टी से) नज़र आ रहे हैं। इनके और पूर्व महापौर पति (प्रतिनिधि) प्रताप सिंह के बीच बहस हो रहा है। इस जगह पर पूर्णिया ज़िला परिषद के डिप्टी चेयरमैन नीरज सिंह उर्फ छोटू सिंह भी हैं। इस झगड़े में मौजूदा महापौर विभा कुमारी के पति (प्रतिनिधि) और कांग्रेस से सदर विधान सभा के विधायक प्रत्याशी रहे जितेंद्र यादव का ज़िक्र चल रहा है। जबकि इस हंगामे के बीच बचाव में पूर्णिया सदर एसडीपीओ 1 अभिनव पाराशर झगड़ा खत्म कराते दिख रहे हैं। वायरल वीडियो पर विधायक नितेश सिंह का कहना है कि मुझे बदनाम करने की साजिश की जा रही है। मैं जनता की सेवा करने आया हूं। गलत के आगे कभी नहीं झुकेंगे। दबाव चाहे जितना हो, गलत का साथ नहीं देंगे। कोई अपना हो या पराया, अगर वह गलत है तो हम उसके साथ नहीं खड़े होंगे। हम जनता की सेवा के लिए हैं और जनता की सेवा करते रहेंगे। पूर्व मेयर पति बोले- विधायक, जिला परिषद उपाध्यक्ष आवास पर पहुंचकर हंगामा करने लगे वायरल वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मेयर पति प्रताप सिंह ने कहा कि विधायक नितेश सिंह और ज़िला परिषद उपाध्यक्ष छोटू सिंह अपने दर्जनों साथियों के साथ मेरे फोर्ड कंपनी चौक स्थित आवास पर पहुंचे और हंगामा करने लगे। इसी दरमियान झगड़ा बढ़ा और मौजूदा महापौर पति जितेंद्र यादव का नाम लेकर अभद्र व्यवहार किया गया । इस दौरान सदर एसडीपीओ-1 मौके पर पहुंचे और मामला को शांत कराते हुए स्थिति को नियंत्रित किए। सदर एसडीपीओ ने कहा कि नितेश सिंह और प्रताप सिंह के बीच आपसी विवाद था, वही बहस और झगड़ा में बदल गया । सबको समझा बुझा कर भेज दिया गया । किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं हुआ है। मामले में जितेंद्र यादव कहना है कि प्रताप सिंह और विधायक नितेश सिंह के बीच झगड़ा हो रहा था, वो लोग मेरा नाम ले रहे थे बार बार, मैं वहां नहीं था, मेरे कुछ समर्थक उस जगह पर थे ।

