पीलीभीत में बिजली बिल की बकाया वसूली को लेकर पावर कॉरपोरेशन के अभियान पर सवाल उठ रहे हैं। विभाग घरेलू उपभोक्ताओं के चंद रुपयों के बकाए पर भी कनेक्शन काटने में तेजी दिखा रहा है, लेकिन व्यावसायिक उपभोक्ताओं से करोड़ों रुपये की बकाया राशि वसूलने की रफ्तार काफी धीमी है। इससे विभाग की कार्रवाई के तरीके को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, जिले में करीब 10,500 व्यावसायिक उपभोक्ता हैं। इन पर पावर कॉरपोरेशन का कुल 8.66 करोड़ रुपये बिजली बिल बकाया था। अभियान के दौरान विभाग अब तक 2394 उपभोक्ताओं से महज 88.17 लाख रुपये ही वसूल सका है। यह कुल बकाया राशि का करीब 10.18 प्रतिशत है। वहीं, अभी भी 6642 व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर 7.78 करोड़ रुपये बकाया हैं। यानी करीब 90 प्रतिशत रकम अब तक कॉरपोरेशन के खाते में नहीं पहुंची है। बड़ी रकम फंसी होने के बावजूद बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है। विभाग का कहना है कि नोटिस जारी कर लगातार वसूली अभियान चलाया जा रहा है। 8.66 करोड़ बकाया, वसूली सिर्फ 88.17 लाख व्यावसायिक कनेक्शनों पर बकाया वसूली के आंकड़े विभाग की धीमी प्रगति की तस्वीर दिखा रहे हैं। करीब 10,500 उपभोक्ताओं पर 8.66 करोड़ रुपये की देनदारी थी। इनमें से 2394 उपभोक्ताओं से 88.17 लाख रुपये की वसूली हो चुकी है। इसके बाद भी 6642 उपभोक्ताओं पर 7.78 करोड़ रुपये बकाया हैं। बड़े बकायेदारों पर नोटिस तक सीमित कार्रवाई का आरोप बकाया वसूली में सबसे बड़ा सवाल बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं को लेकर उठ रहा है। आरोप है कि छोटे और घरेलू उपभोक्ताओं के खिलाफ विभाग कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई तुरंत करता है, जबकि बड़े बकायेदारों के मामले में कार्रवाई नोटिस जारी करने तक सीमित नजर आ रही है। कितने बकायेदारों को नोटिस दिए गए, इसका स्पष्ट आंकड़ा भी सामने नहीं आया है। वसूली अभियान की रफ्तार पर उठे सवाल व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर करोड़ों रुपये बकाया होने और करीब 90 प्रतिशत रकम अभी भी फंसी होने से वसूली अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बकाया वसूली में कार्रवाई सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर समान रूप से होनी चाहिए। लगातार अभियान चल रहा, लापरवाही नहीं: एक्सईएन पावर कॉरपोरेशन के एक्सईएन आशीष यादव ने बताया कि व्यावसायिक उपभोक्ताओं से बकाया वसूली के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। बकायेदारों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि वसूली के मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।

