पांच साल से सरकारी फाइलों में अटकी 18 किमी की ‘लाइफलाइन’

पांच साल से सरकारी फाइलों में अटकी 18 किमी की ‘लाइफलाइन’

बालोद जिला मुख्यालय से डौंडीलोहारा तक 18 किमी लंबे मार्ग के नवीनीकरण की योजना पांच साल से सरकारी फाइलों में अटकी है। लोक निर्माण विभाग हर साल इसे बजट में शामिल करने शासन को प्रस्ताव भेजता है, लेकिन प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिल रही। वर्ष 2026-27 के बजट में प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद मार्ग को जगह नहीं मिली। अब विभाग 2027-28 के बजट के लिए फिर प्रस्ताव तैयार कर रहा है। फिलहाल नवंबर में गड्ढों की अस्थायी मरम्मत के लिए स्वीकृति मिलने की बात कही जा रही है।

15 गांवों के हजारों लोगों का मुख्य रास्ता

बालोद-डौंडीलोहारा मार्ग राजनांदगांव जिले को जोडऩे वाला प्रमुख रास्ता है। डौंडीलोहारा होते हुए राजनांदगांव, खैरागढ़ और दुर्ग जाने वाले लोगों के साथ बटेरा, जुगेरा, मालीघोरी, तरौद, दुधली, कोरगुड़ा समेत करीब 15 गांवों के ग्रामीण इसी मार्ग पर निर्भर हैं। किसानों की उपज मंडी तक पहुंचाने, विद्यार्थियों के बालोद आने और मरीजों के जिला अस्पताल पहुंचने के लिए भी यह प्रमुख मार्ग है।

बालोद से दल्लीराजहरा, भानुप्रतापपुर, कांकेर और मानपुर-मोहला की ओर जाने वाला परिवहन भी इसी मार्ग से गुजरता है। भारी वाहनों के दबाव से सड़क की ऊपरी सतह उखड़ चुकी है और जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं।
भारी वाहनों के दबाव से सड़क की ऊपरी सतह उखड़ चुकी है और जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं।

हर 100-200 मीटर पर गड्ढे

पीडब्ल्यूडी के अनुसार यह जिले के सबसे व्यस्त मार्गों में है। बालोद से दल्लीराजहरा, भानुप्रतापपुर, कांकेर और मानपुर-मोहला की ओर जाने वाला परिवहन भी इसी मार्ग से गुजरता है। भारी वाहनों के दबाव से सड़क की ऊपरी सतह उखड़ चुकी है और जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। रात में स्थिति और खतरनाक हो जाती है।

यह भी पढ़ें :

तीज पर मायके की राह, बसों में जान जोखिम में

विद्यार्थियों और मरीजों की बढ़ी परेशानी

गड्ढों के कारण आए दिन दोपहिया वाहन फिसलने और दुर्घटनाएं होने की शिकायतें हैं। रोजाना बालोद पढऩे आने वाले छात्र-छात्राओं को भी खराब सड़क के कारण अतिरिक्त समय लग रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश के बाद सड़क फिर जर्जर हो जाती है, इसलिए पैबंद लगाने के बजाय स्थायी नवीनीकरण जरूरी है।

यह भी पढ़ें :

केनाल में छोड़ा पानी, कचरे और मलबे से जाम पुलिया के कारण 10 घरों में घुसा

12 करोड़ की मंजूरी भी हुई थी लैप्स

पीडब्ल्यूडी के मुताबिक सड़क नवीनीकरण के लिए एक बार 12 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली थी, लेकिन विभागीय प्रक्रिया और तकनीकी कारणों से काम शुरू नहीं हो सका और स्वीकृति लैप्स हो गई। इसके बाद से हर साल नया प्रस्ताव भेजा जा रहा है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने भी कई बार ज्ञापन दिए हैं।

मरम्मत की स्वीकृति मिल गई है

प्रभारी कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग, बालोद आरएन उसेंडी ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। हर साल बजट में शामिल करने प्रस्ताव भेजते हैं। फिलहाल मरम्मत की स्वीकृति मिल गई है। नवंबर के आसपास काम शुरू कराया जाएगा।

निर्माण के लिए लगातार शासन से मांग की है

संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि बालोद-डौंडीलोहारा मार्ग के निर्माण के लिए लगातार शासन से मांग की है। हर साल विधानसभा में भी इसे प्रमुखता से उठाते हैं। सरकार इसे गंभीरता से लेते हुए बजट में शामिल करे और जल्द प्रशासकीय स्वीकृति दे, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *