पटना के जीरो माइल चौहारे पर रोज भीषण जाम लगता है। इसको लेकर पटना हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने संबंधित विभागों को संयुक्त हलफनामा दायर करने का आदेश दिया है। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधीर सिंह और न्यायमूर्ति राजेश कुमार वर्मा की खंडपीठ ने राजीव रंजन सिंह की याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता बीरेन्द्र कुमार ने कोर्ट को बताया कि जीरो माइल के पूर्वी छोर पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। इस पर खंडपीठ ने राज्य सरकार के महाधिवक्ता एसडी संजय को मामले को संबंधित अधिकारियों के सामने रखने का निर्देश दिया। कोर्ट ने हलफनामे में जाम की समस्या दूर करने के लिए प्रस्तावित कदमों की जानकारी देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
सड़क पर ही गाड़ियां लगा दी जाती बैरिया बस स्टैंड से छोटी पहाड़ी होते हुए जीरो माइल तक जाम की बड़ी वजह सड़क किनारे बस और ट्रकों की पार्किंग बताई जा रही है। बस स्टैंड में खड़ी होने के बजाय कई पहाड़ी मोड़, मसौढ़ी मोड़ और जीरो माइल के आसपास सड़क पर ही खड़ी रहती हैं। कई जगह छतरी लगाकर सड़क किनारे बसों के काउंटर भी संचालित किए जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन काउंटरों के आसपास कमीशन पर काम करने वाले दलाल यात्रियों को ऑटो और ई-रिक्शा से उतारकर बसों तक पहुंचाते हैं।
तीन चेकपोस्ट और ट्रैफिक थाने भी हैं इससे सड़क पर यात्रियों और वाहनों की भीड़ बढ़ जाती है और जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। हैरानी की बात यह है कि आसपास तीन चेक पोस्ट और ट्रैफिक थाना होने के बावजूद समस्या लगातार बनी हुई है। अब हाईकोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासनिक स्तर पर ठोस कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है। पटना के जीरो माइल चौहारे पर रोज भीषण जाम लगता है। इसको लेकर पटना हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने संबंधित विभागों को संयुक्त हलफनामा दायर करने का आदेश दिया है। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधीर सिंह और न्यायमूर्ति राजेश कुमार वर्मा की खंडपीठ ने राजीव रंजन सिंह की याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता बीरेन्द्र कुमार ने कोर्ट को बताया कि जीरो माइल के पूर्वी छोर पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। इस पर खंडपीठ ने राज्य सरकार के महाधिवक्ता एसडी संजय को मामले को संबंधित अधिकारियों के सामने रखने का निर्देश दिया। कोर्ट ने हलफनामे में जाम की समस्या दूर करने के लिए प्रस्तावित कदमों की जानकारी देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
सड़क पर ही गाड़ियां लगा दी जाती बैरिया बस स्टैंड से छोटी पहाड़ी होते हुए जीरो माइल तक जाम की बड़ी वजह सड़क किनारे बस और ट्रकों की पार्किंग बताई जा रही है। बस स्टैंड में खड़ी होने के बजाय कई पहाड़ी मोड़, मसौढ़ी मोड़ और जीरो माइल के आसपास सड़क पर ही खड़ी रहती हैं। कई जगह छतरी लगाकर सड़क किनारे बसों के काउंटर भी संचालित किए जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन काउंटरों के आसपास कमीशन पर काम करने वाले दलाल यात्रियों को ऑटो और ई-रिक्शा से उतारकर बसों तक पहुंचाते हैं।
तीन चेकपोस्ट और ट्रैफिक थाने भी हैं इससे सड़क पर यात्रियों और वाहनों की भीड़ बढ़ जाती है और जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। हैरानी की बात यह है कि आसपास तीन चेक पोस्ट और ट्रैफिक थाना होने के बावजूद समस्या लगातार बनी हुई है। अब हाईकोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासनिक स्तर पर ठोस कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।

