फेज-वन थाना क्षेत्र स्थित एक बैंक के प्रबंधक पर कंपनी के खाते से धोखाधड़ी करके एक करोड़ रुपये से अधिक रकम हड़पने का आरोप है। कंपनी निदेशक ने बैंक प्रबंधक और उसके पांच परिचितों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सेक्टर-दो स्थित हरित रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सौरभ राणा ने कोर्ट में याचिका दी थी कि नरेंद्र कुमार ने 2014 के आसपास स्वयं को इंडियन बैंक में बैंक प्रबंधक के पद पर कार्यरत बताते हुए उनकी कंपनी का दौरा किया। कंपनी का बैंक खाता खोलने और बैंकिंग संबंधी कार्यों में सहायता करने के लिए उन्होंने कंपनी के अन्य निदेशकों से परिचय कराया। इसके बाद कंपनी का खाता बैंक में खुल गया। कंपनी के निदेशक आरटीजीएस और अन्य बैंकिंग लेनदेन के लिए शाखा में जाते थे। चार-पांच सालों के दौरान आरोपी नरेंद्र कुमार ने इतना विश्वास प्राप्त कर लिया कि उसे सिर्फ हस्ताक्षर किए चेक ही सौंप दिए जाते थे। इसके बाद आरोपी ने लेखा संबंधी कार्यों में सहायता करने का विश्वास दिलाया। इसके बदले में वह अपनी पत्नी के खाते में वेतन लेने लगा। इन नाम के खातों में किए ट्रांसफर
आरोप है कि नरेंद्र कुमार ने अपने पद और विश्वास का दुरुपयोग करते हुए कंपनी के बैंक खातों से रकम अपने निजी खाते के अलावा लोकेंद्र कुमार, रेनू अग्रवाल, मीनाक्षी श्योराण, संजय चौहान और राहुल कुमार के खातों में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। यही नहीं आरोपी ने इस लेनदेन को छिपाने के काफी प्रयास किए। ऑडिट में सामने बाई बात
अप्रैल 2026 में कंपनी द्वारा आंतरिक जांच कराई गई तो पता चला कि नरेंद्र कुमार के खाते में 61 लाख 41 हजार 484 रुपये, रेनू अग्रवाल के खाते में 10 लाख रुपये, मीनाक्षी श्योराण के खाते में तीन लाख रुपये, संजय चौहान के खाते में आठ लाख रुपये, लोकेंद्र कुमार के खाते में 5.10 लाख रुपये, राहुल कुमार के खाते में 16.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए।

