‘नेपो किड’ कहने वालों पर रूपाली गांगुली का छलका दर्द? पिता को याद कर बोलीं- हमने सब कुछ खो दिया

‘नेपो किड’ कहने वालों पर रूपाली गांगुली का छलका दर्द? पिता को याद कर बोलीं- हमने सब कुछ खो दिया

Rupali Ganguly : टीवी की फेमस एक्ट्रेस रूपाली गांगुली अपने दिवंगत पिता और फिल्ममेकर अनिल गांगुली को याद करते हुए भावुक हो गईं। आज बुधवार, 30 सितंबर को मुंबई में आयोजित FICCI फ्रेम्स 2026 में रूपाली ने परिवार के उस मुश्किल दौर के बारे में बात की, जब उनके पिता के फिल्मी करियर की वजह से परिवार को आर्थिक परेशानियों से गुजरना पड़ा था। उन्होंने बताया कि उनके पिता का मुंबई में अपना घर होने का सपना था, जिसे उन्होंने ‘अनुपमा’ की सफलता के बाद पूरा किया।

‘एक समय ऐसा आया रूपाली ने सब कुछ खो दिया’

इवेंट के दौरान रूपाली गांगुली ने बताया कि उनके पिता अपने दौर में फिल्में बनाने के लिए घर तक बेचने को मजबूर हुए थे। उन्होंने कहा कि उस समय कॉरपोरेट फिल्ममेकिंग से बाहर के फिल्मकारों को अपनी फिल्मों के लिए फंड जुटाने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।

रूपाली गांगुली ने आगे कहा, “मेरे पिता एक फिल्ममेकर थे। उस समय, जो लोग कॉरपोरेट फिल्ममेकिंग बिजनेस में नहीं थे, वे घर बेचकर फिल्में बनाते थे। एक समय ऐसा आया जब हमने सब कुछ खो दिया। मेरे पिता का एकमात्र सपना मुंबई में एक घर बनाना था।”

पिता की पहचान से अलग खुद कुछ करना चाहती थीं रूपाली

रूपाली ने एक सफल फिल्ममेकर की बेटी होने के बावजूद अपने करियर में खुद की पहचान बनाने की कोशिश का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोग उन्हें ‘नेपो किड’ कहें या उनके बारे में कुछ भी सोचें, उनकी इच्छा अपने पिता के सपने को पूरा करने के साथ-साथ खुद की एक पहचान बनाने की थी।

रूपाली के लिए ‘अनुपमा’ उनके करियर का अहम मोड़ साबित हुआ। शो की सफलता ने उन्हें घर खरीदने और अपने पिता की लंबे समय से चली आ रही इच्छा को पूरा करने में मदद की।

राजन शाही ने सुनाया रूपाली के संघर्ष का किस्सा

इस इवेंट में ‘अनुपमा’ के प्रोड्यूसर राजन शाही भी मौजूद थे। उन्होंने रूपाली के शुरुआती करियर के दिनों को याद करते हुए बताया कि एक शो के लिए एक्ट्रेस ने तीन बार ऑडिशन दिया था, लेकिन उन्होंने उन्हें पहले रिजेक्ट कर दिया था।

राजन ने बताया कि रूपाली ने उनसे एक और मौका देने की गुजारिश की थी। उस समय उनके पास बस से आने-जाने तक के पैसे नहीं थे और वह वर्ली से पैदल ऑडिशन देने आती थीं। राजन ने कहा कि यह रूपाली का संघर्ष था और उन्हें एक्ट्रेस पर गर्व है। राजन की ये बातें सुनकर रूपाली स्टेज पर अपने आंसू पोंछती नजर आईं। पिता की याद और अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए वह काफी भावुक हो गईं।

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