नेपाल बाढ़ में फंसे असम के 8 लोग सुरक्षित निकाले गए, सीएम हिमंत ने दी जानकारी

नेपाल बाढ़ में फंसे असम के 8 लोग सुरक्षित निकाले गए, सीएम हिमंत ने दी जानकारी

असम के कम से कम आठ लोगों को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से सुरक्षित बचा लिया गया है और उन्हें वापस राज्य लाया जा रहा है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह जानकारी दी। शर्मा ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि राज्य सरकार अन्य लापता लोगों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैंने अभी असम के उन आठ लोगों से बात की है, जिन्हें नेपाल में सुरक्षित बचा लिया गया है।’’
उन्होंने बताया कि बचाए गए लोगों में पंकज वर्मा, समर बेजबरुआ, गौतम दास, गोपाल देबनाथ, सोनेश्वर नरजारी, सरबिसन मारक, सिल्वा मारक और एल्फिसन संगमा शामिल हैं। ये सभी सुरक्षित हैं और रविवार को अपने घर लौटेंगे। शर्मा ने कहा, ‘‘अन्य लोगों का पता लगाने और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के प्रयास जारी हैं।’’
इससे पहले, शनिवार को असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने कहा था कि हिमालयी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद असम के 10 लोग लापता बताए गए हैं।

शर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट में जिन लोगों के नाम सुरक्षित बचाए जाने के रूप में बताए थे, वे एएसडीएमए द्वारा साझा की गई लापता लोगों की सूची में शामिल नहीं थे। एएसडीएमए की सूची के अनुसार लापता लोगों में डॉ. दीपाली सरकार, पंकज नियोग, मानस कुमार घोष, ऋतुपर्ण ब्रह्मा, मंत्री बसुमतारी, सोमेश्वर नरजारी, अरुण नाथ, डॉ. तीर्थ चालीहा, राहुल दैमरी और शतदल नाथ शामिल हैं। इनमें से तीन-तीन लोग कामरूप मेट्रोपोलिटन और कार्बी आंगलोंग जिलों के हैं, जबकि दो लोग नलबाड़ी तथा एक-एक व्यक्ति गोलाघाट और होजाई जिलों से हैं।

इससे पहले एएसडीएमए ने बताया था कि नेपाल में आई बाढ़ में असम के 12 लोग लापता हैं। बाद में प्राधिकरण ने कहा कि नलबाड़ी के दो लोगों के परिवारों ने उनके सुरक्षित होने की पुष्टि की है। नेपाल में आई आकस्मिक बाढ़ में मरने वालों की संख्या रविवार को बढ़कर 734 हो गई।

बचावकर्मी अब भी शव बरामद कर रहे हैं, जबकि करीब 2,500 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 85 सुरक्षाकर्मी और 320 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

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