कुर्था प्रखंड की निघवाँ पंचायत में सोमवार शाम से हरितालिका तीज पर्व को लेकर उत्साह का माहौल रहा। सुहागिन महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ तीज व्रत किया। उन्होंने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। शाम करीब 8 बजे से पंचायत के अलग-अलग गांवों और मोहल्लों में महिलाओं की टोलियां जुटने लगीं। पंचायत के कई स्थानों पर महिलाओं ने समूह बनाकर तीज की पूजा की। इस दौरान महिलाएं पारंपरिक कपड़े और श्रृंगार में नजर आईं। कई जगहों पर महिलाओं ने एक साथ तीज की कथा सुनी। पूजा के बाद उन्होंने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। देर शाम तक कई स्थानों पर भक्ति और खुशी का माहौल बना रहा। तीज के लिए महिलाओं ने पूजा सामग्री और दूसरी तैयारियां पहले से कर रखी थीं। पर्व को लेकर गांवों में महिलाओं के बीच खास उत्साह था। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि हरितालिका तीज उनके लिए आस्था और दांपत्य जीवन से जुड़ा खास पर्व है। मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी आस्था के साथ सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन में सुख-शांति के लिए व्रत रखती हैं। निघवाँ पंचायत में तीज के मौके पर महिलाओं की सामूहिक भागीदारी ने पर्व की रौनक बढ़ा दी। महिलाओं ने कहा कि तीज जैसे पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक मेल-जोल को भी मजबूत करते हैं। ऐसे मौकों पर महिलाएं एक-दूसरे के साथ मिलकर पूजा करती हैं और अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाती हैं। पंचायत के अलग-अलग हिस्सों में देर शाम तक तीज पर्व की रौनक देखने को मिली। घर-घर पूजा की तैयारियों और महिलाओं की टोलियों से पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। कुर्था प्रखंड की निघवाँ पंचायत में सोमवार शाम से हरितालिका तीज पर्व को लेकर उत्साह का माहौल रहा। सुहागिन महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ तीज व्रत किया। उन्होंने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। शाम करीब 8 बजे से पंचायत के अलग-अलग गांवों और मोहल्लों में महिलाओं की टोलियां जुटने लगीं। पंचायत के कई स्थानों पर महिलाओं ने समूह बनाकर तीज की पूजा की। इस दौरान महिलाएं पारंपरिक कपड़े और श्रृंगार में नजर आईं। कई जगहों पर महिलाओं ने एक साथ तीज की कथा सुनी। पूजा के बाद उन्होंने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। देर शाम तक कई स्थानों पर भक्ति और खुशी का माहौल बना रहा। तीज के लिए महिलाओं ने पूजा सामग्री और दूसरी तैयारियां पहले से कर रखी थीं। पर्व को लेकर गांवों में महिलाओं के बीच खास उत्साह था। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि हरितालिका तीज उनके लिए आस्था और दांपत्य जीवन से जुड़ा खास पर्व है। मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी आस्था के साथ सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन में सुख-शांति के लिए व्रत रखती हैं। निघवाँ पंचायत में तीज के मौके पर महिलाओं की सामूहिक भागीदारी ने पर्व की रौनक बढ़ा दी। महिलाओं ने कहा कि तीज जैसे पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक मेल-जोल को भी मजबूत करते हैं। ऐसे मौकों पर महिलाएं एक-दूसरे के साथ मिलकर पूजा करती हैं और अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाती हैं। पंचायत के अलग-अलग हिस्सों में देर शाम तक तीज पर्व की रौनक देखने को मिली। घर-घर पूजा की तैयारियों और महिलाओं की टोलियों से पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

