CM योगी की सख्ती के बाद कानपुर नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बीते चार सालों में हुए 650 करोड़ के करीब 275 टेंडरों की जांच शुरू कर दी है। अफसर और कर्मचारी जोनल दफ्तरों से लेकर नगर निगम में ठेकों की पुरानी फाइलें खंगाल रहे हैं। माना जा रहा है कि नगर आयुक्त की तरफ से ठेकों में भ्रष्टाचार करने वाले वसूलीबाज से लेकर सिंडीकेट में शामिल ठेकेदारों के खिलाफ जल्द बड़ा एक्शन होगा। टेंडरों की जांच के बीच दैनिक भास्कर से ठेकेदारों ने आकर अपना दर्द बयां किया। पार्षद पवन गुप्ता ने कहा- सीएम साहब ने जिस माफिया टैक्स की बात की है, उसका नाम बंटी टैक्स है। पढ़िए ठेकेदारों और पार्षदों से बातचीत के साथ ही जांच पर आधारित खास रिपोर्ट…। ठेकों की जांच में सामने आई भारी गड़बड़ियां, जल्द गिरेगी गाज नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के आदेश पर सभी छह जोन के जोनल अफसर और नगर निगम के अफसर बीते चार सालों में हुए करीब 275 करोड़ के टेंडरों की फाइल खंगाल रहे और जांच शुरू कर दी है। सोमवार को सभी छह जोनल अफसरों ने अपने जोन से ठेकों की फाइलें निकलवाई। इसके साथ ही नगर निगम में भी ठेकों से संबंधित फाइलों को निकाला गया। नगर आयुक्त ने कैंप कार्यालय में चीफ इंजीनियर सैय्यद फरीद अख्तर जैदी, अधिशासी अभियंता आरके सिंह, दिवाकर भाष्कर और कमलेश पटेल के साथ नगर आयुक्त ने इन सभी टेंडर में गड़बड़ियों को लेकर जांच शुरू कर दी। सोमवार को देर रात तक इन फाइलों की जांच का काम चला और मंगलवार को भी जांच जारी है। नगर आयुक्त ने कहा- जांच जारी है, रिपोर्ट आते ही ठेकों में गड़बड़ी करने वाले वसूलीबाज से लेकर ठेकेदारों के खिलाफ जल्द ही बड़ा एक्शन होगा। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद कार्रवाई पर फैसला होगा। इन बिंदुओं पर चल रही जांच अब पढ़िए पहली बार कैमरे पर आए ठेकेदारों और पार्षदों ने क्या कहा- ठेकेदार बोले- सीएम तक को पता है कि खिलाड़ी कौन, मुझसे मत कहलवाइए नगर निगम की ठेकेदारी करने वाले चंद्रा एसोसिएट के मालिक ऋषि शुक्ला ने कहा- यह अलग तरीके का भ्रष्टाचार है। यहां पर अपने, चहते या सुविधा देने वालों को ठेका देने का काम किया जाता है। मान लीजिए कि नगर निगम के 100 टेंडर निकले, लेकिन 10 बड़े टेंडर ऑनलाइन शो ही नहीं करते हैं। अगर टेंडर क्लोज होने का समय दोपहर 3:30 बजे है तो एक घंटा पहले वेबसाइट पर अपलोड ही होते हैं। इससे ठेकेदार उसमें हिस्सा नहीं ले पाते और सिंडीकेट में शामिल ठेकेदारों को बड़े ठेके मिल जाते हैं। सिस्टम से पूरा काम होता है। कानपुर में सबसे बड़ी खास बात ये है कि मौजूदा समय में शहर के ठेकेदार कम हैं, शहर के बाहर के ठेकदारों की संख्या बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि अब आप मुझसे नाम मत पूछिए और ये सभी को पता है। जब मुख्यमंत्री जी को पता है तभी तो जांच के आदेश दिए हैं। नगर निगम में शर्मा का सिंडीकेट हावी नगर निगम के ठेकेदार बाबा इंटरप्राइजेज के मालिक चंदन तिवारी ने आरोप लगाया कि ठेकेदार शर्मा ही ठेकों को मैनेज कराता है। इसके साथ ही फर्जी फर्मों का रजिस्ट्रेशन भी वही कराता है। जिनके पास सड़क बनाने का प्लांट तक नहीं है, उनका भी रजिस्ट्रेशन करा दिया है। शर्मा के सिंडीकेट में शामिल ठेकेदारों को ही टेंडर मिलता है। 7 से 15 प्रतिशत तक कमीशन का खेल चल रहा है। खास बात ये है कि 15 प्रतिशत बिलो टेंडर डालने वालों काे ठेका नहीं मिलता, लेकिन 1 प्रतिशत बिलो टेंडर डालने वालो को ठेका मिल जाता है। मानकों को दरकिनार कर कमिशन पर दिए जा रहे टेंडर
ऑरेंज मार्केटिंग कंपनी के मालिक विकास शुक्ला ने कहा- बड़े काम हम लोगों को नहीं मिल पाते हैं, किसी भी ठेकेदार से बात कर लीजिए 15 प्रतिशत वालों को ठेका नहीं मिलता है। जबकि .05 से 01 प्रतिशत तक वालों को ठेका दे दिया जाता है। एक खास ग्रुप को नगर निगम के प्रमुख ठेके दिए जा रहे हैं। ठेकों में मानकों को दरकिनार करके आखिर कैसे टेंडर दिए जा रहे हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। .05 से 01 प्रतिशत वालों को ठेका देकर राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। अगर नगर निगम के ठेकों की जांच हो जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी। अब आपको बताते हैं, पार्षदों ने क्या कहा बंटी टैक्स देने वाले ठेकेदारों को मिलता है टेंडर वार्ड 10 बेनाझाबर से भाजपा की पार्षद लक्ष्मी कोरी ने बताया- सीएम साहब ने इस भ्रष्टाचार का संज्ञान लेकर जांच का आदेश दिया है। आखिर बंटी टैक्स क्या है, नगर निगम में जो भी टेंडर हो रहे हैं, बंटी टैक्स देने वालों को ही ठेका मिल रहा है। नगर निगम के ठेके बेचे जा रहे हैं। बंटी के सिंडीकेट में शामिल ठेकेदारों को .05 से 01 प्रतिशत पर ठेके हो रहे हैं, लेकिन 15 प्रतिशत बिलो तक टेंडर डालने वालों के ठेके नहीं हो रहे हैं। ये मार्जिन बंटी की जेब में जा रहा है, बंटी नगर निगम के ठेकों को बेच रहा है। 15 प्रतिशत तक हर ठेके में रकम बंटी के पास जा रही है। महापौर तो कम उनका बेटा ही पूरा नगर निगम चला रहा है। हम लोगों की लगातार शिकायत के बाद ही CM ने संज्ञान लेकर जांच का आदेश दिया है। अगर अभी भी इस पर अंकुश नहीं लगा तो भाजपा का बहुत बड़ा नुकसान होगा। अगर जांच हो जाएगी तो सब सामने आ जाएगा। पार्षद बोले-माफिया टैक्स का नाम बंटी पांडेय भाजपा के पार्षद पवन गुप्ता ने कहा कि महाराज जी यानी सीएम साहब ने जिस माफिया टैक्स की बात की है, उसका नाम बंटी टैक्स है। महापौर का बेटा बंटी ही नगर निगम में भ्रष्टाचार की जड़ है। बंटी का नजदीकी सिंडीकेट का मुखिया ठेकेदार को हम लोगों ने ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है, वहीं ठेकेदार सभी ठेकों को मैनेज कराने का काम करता है। नगर निगम में नियमों को ताक पर रखकर टेंडर मैनेज किए जा रहे हैं। महापौर के बेटे के पास जाने वाले व उनकी सेटिंग के ठेकेदारों को मानकों को ताक पर रखकर ठेके दिए जा रहे हैं। अगर सही से जांच हो जाएगी तो सब सामने आ जाएगा।

