वडोदरा. महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय का 75वां वार्षिक दीक्षांत समारोह बुधवार को आयोजित किया गया। समारोह में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि युवा पीढ़ी अपनी जिम्मेदारी समझकर देश को प्रगति की नयी ऊंचाइयों पर ले जाने में सक्रिय योगदान दे।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्रनिष्ठा विकसित करने के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ ने अपने समय में लोगों का जीवन सरल और सुखमय बनाने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में अद्भुत कार्य किया। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा जगत में किसी भी विद्यापीठ के 75 वर्ष पूरे होना और अमृत महोत्सव मनाना आने वाली पीढ़ियों के निर्माण में लगातार श्रेष्ठ योगदान देने का एक बड़ा सौभाग्य है।
डिग्री प्राप्त कर व्यावहारिक कार्यक्षेत्र में प्रवेश करने वाले युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षित और अशिक्षित व्यक्ति के व्यवहार तथा जीवन में स्पष्ट अंतर होना चाहिए। प्राचीन भारत की परंपरा के अनुसार शिक्षित व्यक्ति से समाज और परिवार के प्रति जिम्मेदारीपूर्ण आचरण तथा राष्ट्र प्रथम की भावना की अपेक्षा की जाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने युवाओं को देश का वास्तविक राष्ट्र निर्माता बताते हुए वर्तमान समय की सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों के सामने युवाओं को संकल्पबद्ध होने की अपील की।
प्रारंभ में विश्वविद्यालय की कुलाधिपति शुभांगिनी राजे गायकवाड़ ने 75वें दीक्षांत समारोह के शुभारंभ की विधिवत घोषणा की। विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. भालचंद्र भानगे ने विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
वडोदरा कलक्टर डॉ. अनिल धामेलिया, विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य, बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट, रजिस्ट्रार, डीन, परीक्षा निदेशक, विभिन्न विभागों के प्रमुख, अध्यापक, विद्यार्थी और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
दीक्षांत समारोह में इस बार दिखा बदलाव
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मौजूदगी के प्रोटोकॉल के चलते इस बार स्वर्ण पदक विजेताओं, कार्यकारी परिषद के सदस्यों और बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के एक सदस्य को मंच पर स्थान नहीं दिया गया। उन्हें मंच के सामने पहली पंक्ति में बैठाया गया। इसके अलावा उपाधि प्रदान करने की प्रक्रिया संबंधित संकाय के डीन के बजाय विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने पूरी की। राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थल से रवाना होने के बाद विश्वविद्यालय गीत प्रस्तुत किया गया।

