देवदत्त पडिक्कल को संजय मांजरेकर ने बताया भगवान का वरदान, तो कोच ने खोले स्पिन खेलने की काबिलियत के राज

देवदत्त पडिक्कल को संजय मांजरेकर ने बताया भगवान का वरदान, तो कोच ने खोले स्पिन खेलने की काबिलियत के राज

Devdutt Padikkal cracked spin puzzle: श्रीलंका के खिलाफ देवदत्त पडिक्कल 178 गेंदों पर नाबाद 131 रन बनाकर खेल रहे हैं। 26 साल के इस मजबूत खिलाड़ी ने भारत के लिए एक और मैच खेलने के लिए 632 दिन इंतजार के बाद दमदार वापसी की है। इसके साथ ही उन्‍होंने नंबर तीन की पहेली को भी काफी हद तक सुलझा लिया है। नवंबर 2024 में टेस्‍ट डेब्‍यू के बाद पडिक्कल स्वतंत्रता दिवस पर टेस्ट शतक बनाने वाले पहले भारतीय बल्‍लेबाज बने और नंबर 3 पर शतक के लिए 19 टेस्ट 35 पारियों के इंतजार को भी खत्म किया। पूर्व भारतीय बल्‍लेबाज संजय मांजरेकर ने उन्‍हें भगवान का वरदान बताया है। वहीं, भारत के बल्‍लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने बताया कि पडिक्कल ने सेंटर ऑफ एक्‍सीलेंस में अपने बैक-फुट गेम, स्टेप आउट और स्वीप खेलने पर बहुत काम किया है।

श्रीलंका के खिलाफ वॉर्म-अप गेम में नाबाद शतक बनाने के बाद देवदत्‍त ने कॉन्फिडेंस के साथ शानदार वापसी की। उन्‍होंने गॉल में डेब्यू कर रहे ऑफ स्पिनर केशरा नुवांथा को चौका मारा और फिर प्रभात जयसूर्या को लॉन्ग ऑन पर छक्का मारा। गॉल की धीमी पिच पर क्रीज का इस्तेमाल करने, बैकफुट से खेलने और स्पिन पर अटैक करने की उनकी काबिलियत साफ दिखी।

नंबर-3 पर लंबे समय तक खेलने के लिए मजबूत दावा

संजय मांजरेकर ने उन्हें स्पिन के खिलाफ भारत के लिए भगवान का वरदान बताते हुए कहा कि उनका डिफेंस, स्ट्राइक रोटेट करने की काबिलियत और अटैकिंग शॉट्स उन्हें टर्निंग ट्रैक के लिए खास बनाती है। मांजरेकर का मानना ​​है कि स्पिन के खिलाफ उनकी काबिलियत इस पोजीशन पर बने रहने का एक मजबूत कैंडिडेट बनाती है। उन्होंने कहा कि ऐसी पिचों पर जहां स्पिन पर जोर होगा, भारत को उसे नंबर 3 पर बैटिंग करानी चाहिए, भले ही साई सुदर्शन वापस आ जाएं, क्योंकि वह स्पिन के खिलाफ बहुत मजबूत खिलाड़ी लगता है।

‘बैक-फुट गेम, स्टेप आउट और स्वीप खेलने पर बहुत काम किया’

वहीं, बैटिंग कोच सीतांशु कोटक ने पडिक्कल को तैयारी का क्रेडिट देते हुए कहा कि उन्होंने बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपने बैक-फुट गेम, स्टेप आउट और स्वीप खेलने पर बहुत काम किया है। उसके लिए बहुत खुश हूं, क्योंकि वह असल में अपने मौके का इंतजार कर रहा था। जिस तरह से उसने यहां और वार्मअप मैच में खेला, वह सच में हिम्मत बढ़ाने वाला है। कोटक ने आगे कहा कि हमने बैक-फुट गेम के अलावा स्टेप-आउट, स्वीप पर भी काम करने की कोशिश की। पिछले कुछ सालों से जिस तरह से उसने खुद को तैयार किया है, उसका क्रेडिट उसे जाता है।

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