Shriya Saran Blind People Spa: बॉलीवुड अभिनेत्री श्रेया सरन इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में वह अजय देवगन के साथ नजर आएंगी और इसका निर्देशन गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्टूबर को रिलीज होने की तैयारी है। इसी बीच अभिनेत्री ने अपनी जिंदगी से जुड़ी एक ऐसी पहल के बारे में बात की, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। श्रीया ने बताया कि साल 2011 में उन्होंने मुंबई के लोखंडवाला में एक ऐसा स्पा शुरू किया था, जहां दृष्टिबाधित लोगों को थेरेपिस्ट और मसाजर के तौर पर रोजगार दिया गया था।
श्रेया सरन ने स्पा को लेकर की बात
श्रीया सरन ने ‘फ्री प्रेस जर्नल’ बताया कि इस स्पा का नाम ‘श्री स्पा’ रखा गया था। वहां कुछ कर्मचारी पूरी तरह से दृष्टिबाधित थे, जबकि कुछ लोगों की नजर लगभग 15 प्रतिशत तक थी। अभिनेत्री के मुताबिक, इन कर्मचारियों को बाकायदा ट्रेनिंग दी गई थी, ताकि वे ग्राहकों को मसाज और दूसरी सेवाएं दे सकें।
स्कूल के सामने रहने से आया आइडिया
श्रीया ने बताया कि इस पहल के पीछे कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। दिल्ली में जिस स्कूल में उन्होंने पढ़ाई की, उसके सामने एक ब्लाइंड स्कूल था। वह अक्सर वहां दृष्टिबाधित बच्चों को क्रिकेट खेलते हुए देखती थीं। समय के साथ उन्हें और उनकी मां नीरजा को यह महसूस हुआ कि भारत में दृष्टिबाधित लोगों के लिए रोजगार के अवसर काफी सीमित हैं।
इसी सोच ने श्रीया और उनकी मां को कुछ अलग करने के लिए प्रेरित किया। अभिनेत्री का मानना था कि दृष्टिबाधित लोगों में स्पर्श को महसूस करने की क्षमता बेहद विकसित हो सकती है। इसी वजह से उन्होंने सोचा कि मसाज और थेरेपी के क्षेत्र में उनकी यह क्षमता उपयोगी साबित हो सकती है।
महामारी के बाद बंद हो गया स्पा
श्रीया ने बताया कि उनका ये स्पा अब संचालित नहीं होता। कोरोना महामारी के दौरान कारोबार प्रभावित हुआ और आखिरकार इसे बंद करना पड़ा। हालांकि, इस पहल के पीछे अभिनेत्री की सोच रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ दृष्टिबाधित लोगों की क्षमताओं को एक अलग नजरिए से देखने की थी।
श्रीया सरन की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब वह ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। अभिनेत्री ने अपने पुराने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने उस समय उपलब्ध रोजगार के सीमित अवसरों को देखते हुए यह रास्ता चुना था।

