दिवाली पर INDIA Alliance की रैली से व्यापार को नुकसान, VHP ने तारीख बदलने की मांग की

दिवाली पर INDIA Alliance की रैली से व्यापार को नुकसान, VHP ने तारीख बदलने की मांग की

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने ‘इंडिया’ गठबंधन की एक नवंबर की रैली के समय पर सवाल उठाते हुए शनिवार को कहा कि दिवाली के त्योहार के बीच इसका आयोजन किया जा रहा है। विहिप ने कहा कि राजनीति के नाम पर त्योहारों, सामाजिक सौहार्द और देश की अर्थव्यवस्था की अनदेखी करना राजनीतिक दलों के लिए अच्छा संकेत नहीं है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध संगठन ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सितंबर 2022 से जनवरी 2023 के बीच निकाली गई भारत जोड़ो यात्रा में क्रिसमस और नववर्ष के अवसर पर 25 दिसंबर से दो जनवरी तक नौ दिन का विराम रखा गया था। 

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली के व्यापारी संगठनों और हिंदू समाज के सदस्यों ने एक नवंबर की रैली रद्द करने या स्थगित करने की बार-बार अपील की है, लेकिन उनकी मांगों को अनसुना कर दिया गया। उन्होंने कहा, देश जानता है कि सात सितंबर 2022 को शुरू हुई और 29 जनवरी 2023 को समाप्त हुई राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में क्रिसमस और नववर्ष के अवसर पर 25 दिसंबर से दो जनवरी तक नौ दिन का विराम रखा गया था।

 संभवतः इसकी वजह यह थी कि ये अवसर उनके, उनकी ईसाई मां और उनकी पार्टी के लिए बहुत महत्वपूर्ण थे।’’ उन्होंने कहा, लेकिन अब जब दिल्ली के व्यापारी संगठन और हिंदू समाज के सदस्य दिवाली के उत्सव में संभावित व्यवधान और त्योहार से जुड़े कारोबार को होने वाले भारी नुकसान को लेकर बार-बार एक नवंबर की रैली रद्द करने या स्थगित करने की अपील कर रहे हैं, तो उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। 

बंसल की यह टिप्पणी मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जन महाभियोग’ चलाने की ‘इंडिया’ गठबंधन की योजना से पहले आई है। यह कार्यक्रम पहले शुक्रवार को आयोजित होना था, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी में बारिश के कारण इसे शनिवार तक टाल दिया गया। ‘इंडिया’ गठबंधन ने ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली आयोजित करने और कुमार के इस्तीफे की मांग करने की भी योजना बनाई है। बंसल ने सवाल किया कि क्या राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन त्योहारों, देश की संस्कृति, व्यापार और अर्थव्यवस्था से अधिक महत्वपूर्ण हैं। 

उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता रैली शुरू करने से पहले 42 साल पहले इसी अवधि में हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देंगे और प्रभावित हिंदू एवं सिख परिवारों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे। सीईसी के खिलाफ विपक्ष के ‘जन महाभियोग’ पर सवाल उठाते हुए बंसल ने सवाल किया कि क्या नेता प्रतिपक्ष और अन्य राजनीतिक दल दिखावटी महाभियोग तथा दिखावटी संसद के जरिए ‘नाटक की राजनीति’ करने के बजाय अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। 

उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या रैली के आयोजक यह सुनिश्चित करेंगे कि पिछली रैलियों के दौरान देखी गई हिंसा, अश्लीलता, अभद्रता और अव्यवस्था की घटनाएं दोबारा न हों। बंसल ने सवाल किया कि क्या आयोजक किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी लेंगे और अपने कार्यकर्ताओं द्वारा सार्वजनिक एवं सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने की स्थिति में उसकी भरपाई करेंगे।

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