दिल्ली में H1N1 (स्वाइन फ्लू) के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा शुक्रवार को राजधानी की स्थिति की समीक्षा करेंगे। बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसमें H1N1 के मौजूदा हालात, अस्पतालों की तैयारी, जांच और इलाज की सुविधाओं के साथ बीमारी को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की जाएगी। दिल्ली-NCR समेत देश के कई हिस्सों में नमी और बदलते मौसम के बीच स्वाइन फ्लू और दूसरी सांस से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। इस साल दिल्ली में अब तक H1N1 के 1,349 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में सिर्फ 229 केस दर्ज किए गए थे। स्वाइन फ्लू क्या है? स्वाइन फ्लू को आमतौर पर H1N1 फ्लू कहा जाता है। यह इंफ्लूएंजा-A वायरस का एक प्रकार है। यह मुख्य रूप से सांस की नली को प्रभावित करता है। 2009 में H1N1 दुनियाभर में काफी फैला था। इसके बाद H1N1 इंसानों में फैलने वाले मौसमी फ्लू के वायरस का हिस्सा बन गया। यह फैलता कैसे है? H1N1 संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने से निकलने वाली सांस की बूंदों के जरिए फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीब रहने और दूषित सतह को छूकर आंख, नाक या मुंह छूने से भी संक्रमण का खतरा रहता है। यानी सिर्फ सुअर के संपर्क में आने से ही स्वाइन फ्लू होता है ऐसा नहीं है। आज इंसानों में फैलने वाला H1N1 मुख्य रूप से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। सबसे बड़ी दिक्कत क्या है? H1N1 के लक्षण डेंगू, कोविड और दूसरे वायरल संक्रमणों से मिलते-जुलते हो सकते हैं। इसलिए सिर्फ लक्षण देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि मरीज को H1N1 ही है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच की सलाह दे सकते हैं।
दिल्ली में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य मंत्री की बैठक:अब तक 1,349 मामले सामने आ चुके, बदलते मौसम से मामले बढ़े

