त्योहारों की शॉपिंग में बचेंगे हजारों रुपए:ऑनलाइन-ऑफलाइन के लिए अलग लिस्ट बनाएं; एक्स्ट्रा डिस्काउंट और फ्रॉड से बचने की चेकलिस्ट

त्योहारों की शॉपिंग में बचेंगे हजारों रुपए:ऑनलाइन-ऑफलाइन के लिए अलग लिस्ट बनाएं; एक्स्ट्रा डिस्काउंट और फ्रॉड से बचने की चेकलिस्ट

त्योहारों का सीजन यानी खरीदारी का माहौल। आज से ई-कॉमर्स कंपनियों की फेस्टिव सेल शुरू हो चुकी है। विज्ञापनों में 80% तक डिस्काउंट के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। लेकिन रुकिए! ‘सेल’ के इस शोर में अक्सर हम जल्दबाजी कर बैठते हैं। नतीजा? वो सामान भी खरीद लेते हैं जिसकी जरूरत ही नहीं थी या फिर नकली डिस्काउंट के फेर में पैसा गंवा बैठते हैं। अगर आप भी इस बार नया फोन, स्मार्ट टीवी, लैपटॉप या घर का कोई सामान खरीदने की सोच रहे हैं, तो ‘बाय नाऊ’ का बटन दबाने से पहले यह शॉपिंग गाइड समझ लीजिए: कहां से क्या खरीदें: ऑनलाइन vs ऑफलाइन हर सामान ऑनलाइन खरीदना अक्लमंदी नहीं है और न ही हर चीज के लिए बाजार के चक्कर काटना जरूरी है। अपनी शॉपिंग लिस्ट को इन दो हिस्सों में बांट लें: 1. ऑनलाइन खरीदारी इन्हें ऑनलाइन खरीदने की वजह 2. ऑफलाइन खरीदारी इन्हें ऑफलाइन खरीदने की वजह: मैक्सिमम डिस्काउंट पाने की स्मार्ट ट्रिक्स अगर आप इस फेस्टिव सीजन में ज्यादा से ज्यादा बचत करना चाहते हैं, तो सिर्फ ‘बाय नाउ’ का बटन दबाने के बजाय इन स्मार्ट शॉपिंग ट्रिक्स का इस्तेमाल करें: ऑनलाइन शॉपिंग की जरूरी चेकलिस्ट 1. डार्क पैटर्न और फेक डिस्काउंट सेल के दिनों में दिखने वाले ‘80% ऑफ’ के पोस्टर हमेशा सच नहीं होते। 2. कार्ड, कैशबैक्स और नो-कॉस्ट EMI 3. ‘इम्पल्स बाइंग’ यानी बिना जरूरत की खरीदारी ‘सेल खत्म होने में 10 मिनट बाकी’ या ‘केवल 2 पीस बचे हैं’ जैसे मैसेज सिर्फ आपको डराकर जल्दबाजी में खरीदारी कराने के लिए बनाए जाते हैं। खरीदारी से पहले पेन-पेपर लेकर अपनी ‘जरूरत’ और विशलिस्ट अलग-अलग लिखें। बजट सिर्फ जरूरत की चीजों पर खर्च करें। 4. वारंटी, रिटर्न और हिडन चार्जेस चेकआउट पेज पर जल्दबाजी में ‘पेमेंट’ बटन न दबाएं… 5. फेक रिव्यूज और सेलर की रेटिंग पहचानें ऑनलाइन सामान बेच रहे हर सेलर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें: 6. ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर सेफ्टी त्यौहारों के मौसम में हैकर्स और ठग भी काफी एक्टिव हो जाते हैं:

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