टीबी-मरीजों के परिवारों और नजदीकी संपर्क वालों की होगी जांच:एक्स-रे, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की निगरानी के लिए ब्लॉक स्तर पर बनेगी कमेटी, निर्देश जारी

टीबी-मरीजों के परिवारों और नजदीकी संपर्क वालों की होगी जांच:एक्स-रे, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की निगरानी के लिए ब्लॉक स्तर पर बनेगी कमेटी, निर्देश जारी

बांसवाड़ा जिले में टीबी से पीड़ित मरीजों के परिवारजनों और उनके नजदीकी संपर्क में रहने वाले लोगों की स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्क्रीनिंग की जाएगी और जरूरत होने पर उनके एक्स-रे भी कराए जाएंगे। जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह यादव ने बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। ​​बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. भरतराम मीणा ने जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों की प्रगति के बारे में बताया। वहीं, जिला क्षय रोग अधिकारी पीके वर्मा ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिला क्षय निवारण केंद्र के प्रयासों की जानकारी दी। इस दौरान जिला कलेक्टर डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि टीबी मरीजों के नजदीकी संपर्क वालों की स्क्रीनिंग और एक्स-रे से संक्रमण की समय पर पहचान व रोकथाम में मदद मिलेगी। ​गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए कड़े निर्देश
​जिला कलेक्टर ने एचपीवी टीकाकरण की प्रगति बढ़ाने, चार एएनसी जांच का प्रतिशत 89 से बढ़ाकर न्यूनतम 95 प्रतिशत करने और लाडो प्रोत्साहन योजना में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के निर्देश दिए। साथ ही हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) मामलों में द्विस्तरीय जांच पीएचसी या सीएचसी स्तर पर चिकित्सक की देखरेख में सुनिश्चित करने को कहा गया, जिससे सटीक जानकारी और समय पर इलाज मिल सके। ​ब्लॉक स्तरीय कमेटी का गठन किया
सीएमएचओ डॉ. भरतराम मीणा ने सभी बीसीएमओ को ब्लॉक स्तर पर कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं, जो प्रतिदिन कम से कम 10 एचआरपी महिलाओं से फोन पर संपर्क कर स्थिति दर्ज करेगी। आरसीएचओ डॉ. दिनेश कुमार भाबोर ने रिपोर्ट प्रस्तुत की। अधिकारियों को आगामी सात दिनों में उपलब्ध वैक्सीन का प्राथमिकता से उपयोग करने के निर्देश दिए गए। ​बैठक ​में बताया गया कि एएनसी पंजीयन में छोटा डूंगरा ब्लॉक ने 99.13 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। ​चार एएनसी जांच में अरथूना ब्लॉक की उपलब्धि 98.61 प्रतिशत रही है। ​डीपीएम ललित सिंह झाला ने बताया कि पीसीटीएस में एचआरपी का कारण गलत दर्ज होने पर अब सुधार का अवसर मिलेगा। ​उत्कृष्ट कार्य करने के लिए आशा सहयोगिनियों का सम्मान किया गया। इनमें जगपुरा से मंजुला, मोर से आशा और डूंगरिया से रिश्मा शामिल है।

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