झज्जर में आधी रात कूड़ा उठाने पहुंचा प्रशासन:विरोध में JCB पर चढ़ी महिला सफाई कर्मचारी; पुलिस ने करीब 50 कर्मचारियों को हिरासत में लिया, कई घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा

झज्जर में आधी रात कूड़ा उठाने पहुंचा प्रशासन:विरोध में JCB पर चढ़ी महिला सफाई कर्मचारी; पुलिस ने करीब 50 कर्मचारियों को हिरासत में लिया, कई घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा

झज्जर शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच देर रात एक बार फिर जिला प्रशासन ने रात के अंधेरे में कूड़ा उठाने का अभियान चलाया। प्रशासन की टीम जैसे ही शहर में कूड़ा उठाने पहुंची, इसकी भनक हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों को लग गई। कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और कूड़ा उठाने का विरोध शुरू कर दिया। विरोध के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब एक महिला सफाई कर्मचारी कूड़ा उठाने पहुंची जेसीबी मशीन के पीछे दौड़ती नजर आई। महिला कर्मचारी जेसीबी तक पहुंची और कूड़ा उठाने से रोकने के लिए मशीन के ऊपर चढ़ गई। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस और सफाई कर्मचारियों के बीच काफी देर तक तनातनी का माहौल बना रहा। पुलिस ने करीब 50 कर्मचारियों को हिरासत में लिया कई घंटे तक चले विरोध के बाद प्रशासन ने पुलिस की मदद से सफाई कर्मचारियों को मौके से हटाया। बताया जा रहा है कि इस दौरान करीब 50 सफाई कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। कर्मचारियों को हिरासत में लेने के दौरान पुलिस और कर्मचारियों के बीच हल्की झड़प भी देखने को मिली। पुरुष सफाई कर्मचारियों को पुलिस ने अपेक्षाकृत जल्दी हिरासत में ले लिया, लेकिन महिला सफाई कर्मचारियों को हिरासत में लेने के दौरान पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर कर्मचारियों की नारेबाजी और विरोध के बीच प्रशासन ने कूड़ा उठाने की कार्रवाई जारी रखी। हालांकि इस दौरान कुछ महिला कर्मचारियों ने पुलिस पर कूड़ा भी फेंका नायब तहसीलदार अंशुल सिंह के नेतृत्व में उठा कूड़ा कूड़ा उठाने की पूरी कार्रवाई नायब तहसीलदार अंशुल सिंह के नेतृत्व में की गई। पुलिस बल की मौजूदगी में शहर के अलग-अलग हिस्सों में जमा कूड़े को जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से उठाया गया। प्रशासन का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। ऐसे में आम लोगों को परेशानी से बचाने के लिए प्रशासन की ओर से कूड़ा उठाने का अभियान चलाया जा रहा है। नायब तहसीलदार बोले- हर सप्ताह चलेगा अभियान नायब तहसीलदार अंशुल सिंह ने कहा कि जब तक सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं, तब तक प्रशासन की ओर से हर सप्ताह इसी तरह कूड़ा उठाने का अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन का फोकस शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने और लोगों को परेशानी से बचाने पर है। कर्मचारियों का दावा- हड़ताल खत्म नहीं हुई, फिर जमा होगा कूड़ा वहीं हिरासत में लिए जाने और प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद सफाई कर्मचारी अपने आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। कर्मचारियों का कहना है कि हड़ताल अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने साफ कहा कि प्रशासन आज कूड़ा उठा ले, लेकिन कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे तो शहर में दोबारा कूड़ा जमा होगा। यानी एक तरफ प्रशासन सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए कूड़ा उठाने में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं। CJP की ट्रेनिंग के बाद प्रशासन की नजर, झज्जर बना संवेदनशील केंद्र सफाई कर्मचारियों का आंदोलन अब झज्जर में लगातार संवेदनशील होता जा रहा है। दो रोज पहले CJP पार्टी के पदाधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे थे और उन्होंने आंदोलनरत सफाई कर्मचारियों का समर्थन किया था। इसी दौरान कर्मचारियों को आंदोलन को लेकर ट्रेनिंग भी दी गई थी। इसके बाद से प्रशासन और सरकार की नजर झज्जर के सफाई कर्मचारियों के आंदोलन पर बनी हुई है। 109 कर्मचारियों को नोटिस, बहादुरगढ़ में 12 बर्खास्त इधर, सफाई कर्मचारियों के आंदोलन पर कार्रवाई का सिलसिला प्रदेश के अलग-अलग शहरों में भी जारी है। झज्जर नगर परिषद की ओर से करीब 109 सफाई कर्मचारियों को नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है। वहीं बहादुरगढ़ में 12 सफाई कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा चुका है। प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी आंदोलन में शामिल कर्मचारियों पर कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं। सरकार और कर्मचारी दोनों अपने रुख पर कायम सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने के साथ अब मामला केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा है। एक तरफ कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, तो दूसरी तरफ सरकार और प्रशासन भी हड़ताल के दबाव में बैकफुट पर आते नजर नहीं आ रहे।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *