जमुई में निजी क्लीनिक पर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद सदर अस्पताल में भर्ती कराए गए मरीज का हाल जानने मंगलवार को एसडीओ सौरव कुमार खुद अस्पताल पहुंचे। सोमवार देर शाम निजी क्लीनिक में छापेमारी के दौरान वहां भर्ती मरीजों को सुरक्षित इलाज के लिए सदर अस्पताल समेत दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट कराया गया था। मंगलवार को एसडीओ ने मरीज की स्थिति, इलाज और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। चिकित्सकों से इलाज की जानकारी ली सदर अस्पताल पहुंचते ही एसडीओ ने चिकित्सकों से मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि मरीज की हालत कैसी है, कौन-कौन सा इलाज चल रहा है और अब तक किन जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिया गया है। इसके बाद एसडीओ ने मरीज के परिजनों से भी बातचीत की और इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी होने के बारे में जानकारी ली। निजी क्लीनिक से सदर अस्पताल लाया गया था मरीज दरअसल, सोमवार देर शाम जिला प्रशासन की टीम शहर स्थित एक निजी क्लीनिक की जांच करने पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान क्लीनिक को सील करने से पहले वहां भर्ती मरीजों को सुरक्षित इलाज दिलाने की व्यवस्था की गई। इसी क्रम में सिकंदरा थाना क्षेत्र के हरिहरपुर गांव निवासी मरीज को भी सदर अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में भर्ती कराने के दौरान परिजनों ने सदर अस्पताल की व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी। इस पर एसडीओ ने उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। इसके बाद देर रात मरीज को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। मरीज की बहन बोली- इलाज से संतुष्ट हैं मंगलवार को एसडीओ के अस्पताल पहुंचने पर परिजनों से इलाज की स्थिति का फीडबैक लिया गया। मरीज की बहन सोनी देवी ने अस्पताल की व्यवस्था पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि उनकी बहन को बेहतर इलाज मिल रहा है और फिलहाल किसी तरह की परेशानी नहीं है। उन्होंने एसडीओ को इसके लिए धन्यवाद दिया। परिजनों ने कहा कि सदर अस्पताल की व्यवस्था को लेकर बाहर से भले ही नकारात्मक बातें सुनने को मिलती हों, लेकिन मरीज के इलाज के दौरान उन्हें जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। एसडीओ के इस फॉलोअप से प्रशासन की ओर से निजी क्लीनिक से शिफ्ट किए गए मरीजों के इलाज की निगरानी का पहलू भी सामने आया है। जमुई में निजी क्लीनिक पर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद सदर अस्पताल में भर्ती कराए गए मरीज का हाल जानने मंगलवार को एसडीओ सौरव कुमार खुद अस्पताल पहुंचे। सोमवार देर शाम निजी क्लीनिक में छापेमारी के दौरान वहां भर्ती मरीजों को सुरक्षित इलाज के लिए सदर अस्पताल समेत दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट कराया गया था। मंगलवार को एसडीओ ने मरीज की स्थिति, इलाज और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। चिकित्सकों से इलाज की जानकारी ली सदर अस्पताल पहुंचते ही एसडीओ ने चिकित्सकों से मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि मरीज की हालत कैसी है, कौन-कौन सा इलाज चल रहा है और अब तक किन जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिया गया है। इसके बाद एसडीओ ने मरीज के परिजनों से भी बातचीत की और इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी होने के बारे में जानकारी ली। निजी क्लीनिक से सदर अस्पताल लाया गया था मरीज दरअसल, सोमवार देर शाम जिला प्रशासन की टीम शहर स्थित एक निजी क्लीनिक की जांच करने पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान क्लीनिक को सील करने से पहले वहां भर्ती मरीजों को सुरक्षित इलाज दिलाने की व्यवस्था की गई। इसी क्रम में सिकंदरा थाना क्षेत्र के हरिहरपुर गांव निवासी मरीज को भी सदर अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में भर्ती कराने के दौरान परिजनों ने सदर अस्पताल की व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी। इस पर एसडीओ ने उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। इसके बाद देर रात मरीज को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। मरीज की बहन बोली- इलाज से संतुष्ट हैं मंगलवार को एसडीओ के अस्पताल पहुंचने पर परिजनों से इलाज की स्थिति का फीडबैक लिया गया। मरीज की बहन सोनी देवी ने अस्पताल की व्यवस्था पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि उनकी बहन को बेहतर इलाज मिल रहा है और फिलहाल किसी तरह की परेशानी नहीं है। उन्होंने एसडीओ को इसके लिए धन्यवाद दिया। परिजनों ने कहा कि सदर अस्पताल की व्यवस्था को लेकर बाहर से भले ही नकारात्मक बातें सुनने को मिलती हों, लेकिन मरीज के इलाज के दौरान उन्हें जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। एसडीओ के इस फॉलोअप से प्रशासन की ओर से निजी क्लीनिक से शिफ्ट किए गए मरीजों के इलाज की निगरानी का पहलू भी सामने आया है।

