छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ में जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को वन विभाग के प्रभारी डिप्टी रेंजर सुनील बनवारी को 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। कार्रवाई आरोपी के बिछुआ स्थित शासकीय आवास पर की गई। आरोप है कि फर्नीचर व्यवसायी से लकड़ी की खरीदी-बिक्री का तीन महीने का हिसाब जमा करने पर हस्ताक्षर करने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी। राशि नहीं देने पर पंजीयन रद्द करने की धमकी भी दी गई थी। लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच के बाद मंगलवार को ट्रैप कार्रवाई की। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। हर तीन महीने में देना पड़ता है हिसाब
लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता मोखराम मालवीय बिछुआ में फर्नीचर बनाने का काम करते हैं। उनके भाई लेखराम मालवीय के नाम से इमारती लकड़ी के विनिर्माता एवं उपभोक्ता का पंजीयन है। फर्नीचर बनाने के लिए अलग-अलग स्थानों से लकड़ी खरीदी जाती है। इसकी खरीदी-बिक्री से संबंधित जानकारी हर तीन महीने में वन विभाग में जमा करनी होती है। आरोप है कि इसी जानकारी पर हस्ताक्षर करने के बदले प्रभारी डिप्टी रेंजर सुनील बनवारी ने 3 हजार रुपए की मांग की थी। शिकायत के बाद बिछुआ पहुंची लोकायुक्त टीम
रिश्वत मांगे जाने की शिकायत लोकायुक्त से की गई थी। शिकायत की जांच के बाद टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। शिकायतकर्ता ने आरोपी को उसके शासकीय आवास पर 3 हजार रुपए दिए, जिसके बाद लोकायुक्त टीम ने उसे रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। लोकायुक्त की इस कार्रवाई में निरीक्षक जितेंद्र यादव (टीएलओ), निरीक्षक राहुल गजभिए और जबलपुर लोकायुक्त इकाई की टीम शामिल रही। आरोपी सुनील बनवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(B) और 13(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

