Pm awas Yojana: छत्तीसगढ़ में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी आई है। उपमुख्यमंत्री एवं पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नई सरकार के गठन के बाद से अब तक प्रदेश में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। सरकार का दावा है कि पात्र परिवारों को जल्द से जल्द पक्का मकान उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
पहली कैबिनेट में 18 लाख से अधिक आवासों का संकल्प
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि नई सरकार के गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में ही प्रदेश के पात्र परिवारों के लिए 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने और उनके निर्माण का संकल्प लिया गया था। इसके बाद सरकार ने आवास निर्माण की प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए स्वीकृत आवासों के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराने का काम किया। सरकार का कहना है कि पुराने वित्तीय वर्षों में स्वीकृत लेकिन विभिन्न कारणों से लंबित आवासों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जा रहा है। इसके साथ ही नए वित्तीय वर्षों में स्वीकृत आवासों का निर्माण भी तेजी से जारी है।
पिछले वित्तीय वर्ष में 5.92 लाख से अधिक आवास पूर्ण
विजय शर्मा के मुताबिक, पिछले वित्तीय वर्ष में छत्तीसगढ़ में 5 लाख 92 हजार से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूरा किया गया। उनके अनुसार यह उपलब्धि देश में सर्वाधिक रही है। आवास निर्माण की प्रगति पर विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि हितग्राहियों को समय पर उनके पक्के मकान का लाभ मिल सके। सरकार का जोर केवल आवास स्वीकृत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि निर्माण की प्रत्येक प्रक्रिया को गति देकर हितग्राही तक योजना का वास्तविक लाभ पहुंचाने पर है।
2011 और 2018 की पात्रता सूची के सभी पात्र आवास स्वीकृत
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2011 और 2018 की पात्रता सूची के तहत पात्र पाए गए सभी आवासों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। कुल स्वीकृत आवासों में से अब तक 20 लाख 40 हजार मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं करीब 4 लाख आवासों का निर्माण वर्तमान में प्रगतिरत है। विभाग का लक्ष्य निर्माणाधीन आवासों को भी जल्द से जल्द पूरा करना है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
पुराने लंबित आवासों को भी मिली प्राथमिकता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान कार्यकाल में पूर्ण हुए 11 लाख से अधिक आवासों में केवल नए वित्तीय वर्षों में स्वीकृत मकान ही शामिल नहीं हैं। इनमें पिछले वित्तीय वर्षों में स्वीकृत वे आवास भी शामिल हैं, जो किसी कारण से लंबे समय से अधूरे या लंबित थे। ऐसे आवासों के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराकर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया गया। सरकार के अनुसार पुराने लंबित आवासों को पूरा करने से बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को राहत मिली है, जो लंबे समय से पक्के मकान का इंतजार कर रहे थे।

