(अमनप्रीत सिंह)
चेन्नई, एक नवंबर डब्ल्यूटीए के मुख्य टूर कैलेंडर से भारत की मेजबानी छिनने की आशंका के बीच सोमवार से यहां शुरू होने वाले चेन्नई ओपन टेनिस टूर्नामेंट में वैष्णवी अडकर, सहजा यमलापल्ली और माया राजेश्वरन रेवती के पास अपने घरेलू मैदान पर छाप छोड़ने का आखिरी मौका होगा। इन तीनों भारतीय खिलाड़ियों ने वाइल्ड कार्ड से टूर्नामेंट के एकल के मुख्य ड्रॉ में प्रवेश किया है और वह इसमें अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे क्योंकि उन्हें पता है कि यह टूर्नामेंट देश में डब्ल्यूटीए 250 स्तर का अंतिम टूर्नामेंट है। विश्व रैंकिंग में शीर्ष 300 से बाहर चल रही इन तीनों खिलाड़ियों के लिए डब्ल्यूटीए 250 टूर्नामेंटों में सीधे प्रवेश पाना अभी दूर की कौड़ी है।घरेलू टूर्नामेंट होने के कारण उन्हें वाइल्ड कार्ड से अपना कौशल दिखाने का मौका मिला है। उन्हें हालांकि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का डटकर सामना करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। वैष्णवी (विश्व रैंकिंग 334) और सहजा (369) ने सत्र का अधिकतरसमय आईटीएफ सर्किट में बिताया है।यह प्रतियोगिता डब्ल्यूटीए टूर से एक पायदान नीचे है। वैष्णवी के 2026 के अभियान में मार्च में ट्यूनीशिया के मोनास्टिर में डब्ल्यू35 प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचना, अगस्त में डब्ल्यू15 तियानजिन टूर्नामेंट में सेमीफाइनल में जगह बनाना और सितंबर में डब्ल्यू50 गुइयांग प्रतियोगिता में अंतिम 16 में पहुंचना शामिल है, लेकिन वह आईटीएफ के शीर्ष स्तर के टूर्नामेंटों में लगातार संघर्ष करती रही हैं। सहजा को डब्ल्यूटीए 125 स्तर पर खुद को परखने के अवसर मिले हैं, लेकिन वहां प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं कर पाई हैं।सत्रह वर्षीय माया विश्व रैंकिंग में शीर्ष 500 खिलाड़ियों में भी शामिल नहीं है। माया ने हाल ही में डब्ल्यू35 लागोस टूर्नामेंट में अपना पहला पेशेवर एकल खिताब जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उन्होंने फाइनल में स्पेन की सेलिया सेर्विनो रुइज़ को 6-4, 6-2 से हराया और उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं गंवाया।उन्होंने लागोस में युगल खिताब भी जीता। चेन्नई ओपन के पिछले दो टूर्नामेंट में कोई भी भारतीय खिलाड़ी दूसरे दौर से आगे नहीं बढ़ पाया और इस बार उनका लक्ष्य इससे आगे बढ़ना होगा। वैष्णवी ब्रिटेन की जोडी बुरेज (विश्व रैंकिंग 471) के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेंगी, जबकि सहजा स्विट्जरलैंड की सिमोना वाल्टरट (128) का सामना करेंगी।माया का मुकाबला पोलैंड की आठवीं वरीयता प्राप्त और विश्व रैंकिंग में 106वें स्थान पर कातारजीना कावा से होगा। पिछले कुछ दिनों में कई खिलाड़ियों के नाम वापस लेने के बाद इस प्रतियोगिता की चमक फीकी पड़ गई है। टूर्नामेंट से हटने वालों में थाईलैंड की विश्व में 57वें नंबर की खिलाड़ी लैनलाना तारारुदी, कजाकिस्तान की विश्व में 67वें नंबर की खिलाड़ी यूलिया पुतिनत्सेवा और जर्मनी की विश्व में 70वें नंबर की खिलाड़ी तात्याना मारिया शामिल हैं।मारिया विंबलडन की पूर्व सेमीफाइनलिस्ट रह चुकी हैं। इस तरह से कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के भाग नहीं लेने से मौजूदा चैंपियन जेनिस ट्जेन के लिए अपने खिताब का बचाव करना कुछ आसान हो गया है।
(अमनप्रीत सिंह)
चेन्नई, एक नवंबर डब्ल्यूटीए के मुख्य टूर कैलेंडर से भारत की मेजबानी छिनने की आशंका के बीच सोमवार से यहां शुरू होने वाले चेन्नई ओपन टेनिस टूर्नामेंट में वैष्णवी अडकर, सहजा यमलापल्ली और माया राजेश्वरन रेवती के पास अपने घरेलू मैदान पर छाप छोड़ने का आखिरी मौका होगा। इन तीनों भारतीय खिलाड़ियों ने वाइल्ड कार्ड से टूर्नामेंट के एकल के मुख्य ड्रॉ में प्रवेश किया है और वह इसमें अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे क्योंकि उन्हें पता है कि यह टूर्नामेंट देश में डब्ल्यूटीए 250 स्तर का अंतिम टूर्नामेंट है। विश्व रैंकिंग में शीर्ष 300 से बाहर चल रही इन तीनों खिलाड़ियों के लिए डब्ल्यूटीए 250 टूर्नामेंटों में सीधे प्रवेश पाना अभी दूर की कौड़ी है।
घरेलू टूर्नामेंट होने के कारण उन्हें वाइल्ड कार्ड से अपना कौशल दिखाने का मौका मिला है। उन्हें हालांकि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का डटकर सामना करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। वैष्णवी (विश्व रैंकिंग 334) और सहजा (369) ने सत्र का अधिकतरसमय आईटीएफ सर्किट में बिताया है।
यह प्रतियोगिता डब्ल्यूटीए टूर से एक पायदान नीचे है। वैष्णवी के 2026 के अभियान में मार्च में ट्यूनीशिया के मोनास्टिर में डब्ल्यू35 प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचना, अगस्त में डब्ल्यू15 तियानजिन टूर्नामेंट में सेमीफाइनल में जगह बनाना और सितंबर में डब्ल्यू50 गुइयांग प्रतियोगिता में अंतिम 16 में पहुंचना शामिल है, लेकिन वह आईटीएफ के शीर्ष स्तर के टूर्नामेंटों में लगातार संघर्ष करती रही हैं। सहजा को डब्ल्यूटीए 125 स्तर पर खुद को परखने के अवसर मिले हैं, लेकिन वहां प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं कर पाई हैं।
सत्रह वर्षीय माया विश्व रैंकिंग में शीर्ष 500 खिलाड़ियों में भी शामिल नहीं है। माया ने हाल ही में डब्ल्यू35 लागोस टूर्नामेंट में अपना पहला पेशेवर एकल खिताब जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उन्होंने फाइनल में स्पेन की सेलिया सेर्विनो रुइज़ को 6-4, 6-2 से हराया और उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं गंवाया।
उन्होंने लागोस में युगल खिताब भी जीता। चेन्नई ओपन के पिछले दो टूर्नामेंट में कोई भी भारतीय खिलाड़ी दूसरे दौर से आगे नहीं बढ़ पाया और इस बार उनका लक्ष्य इससे आगे बढ़ना होगा। वैष्णवी ब्रिटेन की जोडी बुरेज (विश्व रैंकिंग 471) के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेंगी, जबकि सहजा स्विट्जरलैंड की सिमोना वाल्टरट (128) का सामना करेंगी।
माया का मुकाबला पोलैंड की आठवीं वरीयता प्राप्त और विश्व रैंकिंग में 106वें स्थान पर कातारजीना कावा से होगा। पिछले कुछ दिनों में कई खिलाड़ियों के नाम वापस लेने के बाद इस प्रतियोगिता की चमक फीकी पड़ गई है। टूर्नामेंट से हटने वालों में थाईलैंड की विश्व में 57वें नंबर की खिलाड़ी लैनलाना तारारुदी, कजाकिस्तान की विश्व में 67वें नंबर की खिलाड़ी यूलिया पुतिनत्सेवा और जर्मनी की विश्व में 70वें नंबर की खिलाड़ी तात्याना मारिया शामिल हैं।
मारिया विंबलडन की पूर्व सेमीफाइनलिस्ट रह चुकी हैं। इस तरह से कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के भाग नहीं लेने से मौजूदा चैंपियन जेनिस ट्जेन के लिए अपने खिताब का बचाव करना कुछ आसान हो गया है।
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