तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी की 5 विधानसभा और असम की एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव के नतीजे आज आएंगे। सुबह 8 बजे से काउंटिंग शुरू होगी। थोड़ी देर बाद रुझान आने लगेंगे। इन सभी सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान हुआ था। इनमें बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर सबकी नजर है। नंदीग्राम उपचुनाव कई कारणों से चर्चा में रहा। यहां पूर्व CM ममता बनर्जी के गुट की TMC प्रत्याशी ने नॉमिनेशन वापस ले लिया था। फिर ममता ने जिस कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन दिया, वह गिरफ्तार हो गए। हालांकि, चुनाव के लिए उन्हें जमानत मिल गई है। अब BJP और कांग्रेस आमने-सामने है। असम की नगांव लोकसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला है। यहां BJP ने पूर्व IAS अधिकारी देवाशीष शर्मा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व विधायक सिबामोनी बोरा को टिकट दिया है। AIUDF की ओर से पार्टी प्रमुख और मौजूदा विधायक बदरुद्दीन अजमल भी मैदान में हैं। तमिलनाडु में विधायकों के पार्टी बदलने से उपचुनाव, असम में सांसद का इस्तीफा तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम में इसी साल विधानसभा चुनाव हुए थे। तमिलनाडु में 2 विधायकों के पार्टी बदलने और इस्तीफा देने से 2 सीटें खाली हुईं। पुडुचेरी में CM एन. रंगासामी के 2 सीटों पर जीत के बाद एक सीट छोड़ने से उपचुनाव हुआ। बंगाल में भी CM शुभेंदु अधिकारी और हुमायूं कबीर ने 2-2 सीटों पर चुनाव जीता। इसके बाद उन्हें एक-एक सीट छोड़नी पड़ीं। वहीं, असम में सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने विधायक बनने के लिए लोकसभा सीट से इस्तीफा दिया था। इसके कारण यहां उपचुनाव हुए। बंगाल की दोनों सीटें क्यों अहम? नंदीग्राम 1. ममता की हार वाली सीट: 2021 में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराया था। 2026 में भी शुभेंदु ने यहां जीत दर्ज की, लेकिन भवानीपुर सीट रखने के लिए नंदीग्राम छोड़ दिया। इसलिए उपचुनाव में BJP के लिए इस सीट पर अपना प्रभाव बनाए रखना अहम है। 2. TMC मैदान से बाहर, कांग्रेस को समर्थन: TMC प्रत्याशी संचिता प्रधान डे के नाम वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस के मिलन प्रधान को समर्थन दिया। यानी BJP के खिलाफ इस बार TMC नहीं, कांग्रेस का प्रत्याशी है। 3. ममता की राजनीति से जुड़ा नंदीग्राम आंदोलन: 2007 में लेफ्ट सरकार की जमीन अधिग्रहण योजना के विरोध में नंदीग्राम में बड़ा किसान आंदोलन हुआ था। ममता ने इसका समर्थन किया और जमीन अधिग्रहण के खिलाफ मोर्चा खोला। नंदीग्राम-सिंगूर आंदोलनों ने उनकी राजनीति को नई पहचान दी और 2011 में TMC की सत्ता में वापसी के अहम मुद्दे बने। 4. समर्थन के बाद कांग्रेस प्रत्याशी गिरफ्तार: ममता के समर्थन के कुछ घंटे बाद मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। हाई कोर्ट ने उन्हें 21 अक्टूबर तक जमानत दी, ताकि वे चुनाव लड़ सकें। 5. BJP प्रत्याशी का भी नंदीग्राम कनेक्शन: BJP ने शुभेंदु अधिकारी के पूर्व PA चंद्रनाथ रथ की मां हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। चंद्रनाथ की 4 मई को विधानसभा चुनाव नतीजों के दो दिन बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसलिए BJP के उम्मीदवार का चयन भी नंदीग्राम के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और स्थानीय भावनाओं से जुड़ा हुआ है। रेजीनगर 1. सीधा मुकाबला नहीं, बहुकोणीय लड़ाई: यहां BJP, कांग्रेस, TMC के दोनों गुट, CPI(M) और AJUP मैदान में हैं। इतने दलों की मौजूदगी में वोटों का बंटवारा नतीजे को सीधे प्रभावित कर सकता है। 2. हुमायूं कबीर के परिवार की सियासी परीक्षा: 2026 में हुमायूं कबीर ने रेजीनगर और नाओदा दोनों सीटें जीती थीं। नाओदा अपने पास रखने के बाद उन्होंने रेजीनगर छोड़ी। अब उनकी पार्टी AJUP ने उनके बेटे गोलाम नबी आजाद को मैदान में उतारा है। यानी यह चुनाव परिवार के राजनीतिक प्रभाव की भी परीक्षा है। 3. मुस्लिम बहुल सीट पर BJP का दांव: रेजीनगर मुस्लिम बहुल सीट है। BJP के शंकराव सरकार को छोड़कर प्रमुख उम्मीदवार मुस्लिम हैं। BJP ने यहां विकास, रोजगार और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ने की कोशिश की है। 4. AJUP ने बढ़ाई TMC-कांग्रेस की चुनौती: रेजीनगर में अगर AJUP मजबूत प्रदर्शन करती है तो इसका असर TMC, कांग्रेस और मुस्लिम वोटों के समीकरण पर पड़ सकता है। वहीं BJP के प्रदर्शन से यह संकेत मिलेगा कि पार्टी मुस्लिम बहुल सीट पर अपने वोट आधार को कितना विस्तार दे पा रही है। 15 साल में 18 चुनाव-उपचुनाव, पहली बार ममता न CM, न विधायक, न उम्मीदवार पिछले 15 साल में पश्चिम बंगाल में 18 विधानसभा चुनाव और उपचुनाव हो चुके हैं। इस दौरान पहली बार ऐसा होगा, जब किसी उपचुनाव के वक्त ममता बनर्जी न तो राज्य की मुख्यमंत्री हैं, न विधायक और न ही उम्मीदवार। इसी साल मई में हुए विधानसभा चुनाव में TMC 15 साल शासन के बाद सत्ता से बाहर हो गई थी। इस चुनाव में ममता को अपनी सीट भवानीपुर से भी हार का सामना करना पड़ा था।
चार राज्यों की 6 सीटों पर उपचुनाव के नतीजे आज:बंगाल के नंदीग्राम-रेजीनगर में भाजपा-कांग्रेस में मुकाबला; असम की नगांव सीट पर पूर्व विधायक और IAS आमने-सामने

