चतरा के लावालौंग थाना क्षेत्र के हेडुम गांव में अफीम की खेप तैयार थी। इसे लेकर तस्कर पंजाब जाने की तैयारी में थे। इसी बीच पुलिस को गिरोह की गतिविधियों की गुप्त सूचना मिल गई। थाना प्रभारी चंदन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव में छापेमारी की, तो तस्करी के इस नेटवर्क का खुलासा हुआ। मौके से चार तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एक आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। तलाशी के दौरान ढाई किलोग्राम अवैध अफीम बरामद हुई, जिसकी बाजार में कीमत करीब 30 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने चार लाख रुपए नकद, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और कई मोबाइल फोन भी जब्त किए। शुरुआती तौर पर यह कार्रवाई अफीम की एक खेप पकड़ने तक सीमित दिखी, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो इसके तार पंजाब और हरियाणा तक जुड़े मिले। पंजाब-हरियाणा में बैठे थे गिरोह के सरगना चतरा एसपी के अनुसार, इस गिरोह का तरीका भी सामने आया है। पंजाब और हरियाणा में बैठे मुख्य सरगना अब खुद चतरा नहीं आते थे। वे अपने राज्यों में सुरक्षित रहकर स्थानीय तस्करों को टास्क देते थे। इसके बाद स्थानीय नेटवर्क के जरिए अफीम की खरीद-बिक्री और दूसरे राज्यों तक सप्लाई की जाती थी। गिरफ्तार चारों आरोपी एक ही इलाके के रहने वाले हैं। इनमें से दो का आपराधिक इतिहास भी रहा है। दोनों पहले पंजाब और हरियाणा में मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में जेल जा चुके हैं। इसके बावजूद वे कथित तौर पर फिर इसी धंधे में सक्रिय थे। पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन और पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि अफीम कहां से लाई गई थी, इसे किस तक पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। अब पंजाब-हरियाणा तक पहुंचेगी पुलिस छापेमारी में पकड़े गए चारों आरोपियों के खिलाफ लावालौंग थाने में एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। चतरा एसपी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान गिरोह के मुख्य सरगनाओं से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। अब पुलिस फरार आरोपी की तलाश के साथ-साथ उन लोगों तक पहुंचने की तैयारी कर रही है, जो दूसरे राज्यों में बैठकर तस्करी का नेटवर्क चला रहे थे। इसके लिए जल्द ही पुलिस टीम पंजाब और हरियाणा में दबिश दे सकती है। चतरा के लावालौंग थाना क्षेत्र के हेडुम गांव में अफीम की खेप तैयार थी। इसे लेकर तस्कर पंजाब जाने की तैयारी में थे। इसी बीच पुलिस को गिरोह की गतिविधियों की गुप्त सूचना मिल गई। थाना प्रभारी चंदन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव में छापेमारी की, तो तस्करी के इस नेटवर्क का खुलासा हुआ। मौके से चार तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एक आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। तलाशी के दौरान ढाई किलोग्राम अवैध अफीम बरामद हुई, जिसकी बाजार में कीमत करीब 30 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने चार लाख रुपए नकद, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और कई मोबाइल फोन भी जब्त किए। शुरुआती तौर पर यह कार्रवाई अफीम की एक खेप पकड़ने तक सीमित दिखी, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो इसके तार पंजाब और हरियाणा तक जुड़े मिले। पंजाब-हरियाणा में बैठे थे गिरोह के सरगना चतरा एसपी के अनुसार, इस गिरोह का तरीका भी सामने आया है। पंजाब और हरियाणा में बैठे मुख्य सरगना अब खुद चतरा नहीं आते थे। वे अपने राज्यों में सुरक्षित रहकर स्थानीय तस्करों को टास्क देते थे। इसके बाद स्थानीय नेटवर्क के जरिए अफीम की खरीद-बिक्री और दूसरे राज्यों तक सप्लाई की जाती थी। गिरफ्तार चारों आरोपी एक ही इलाके के रहने वाले हैं। इनमें से दो का आपराधिक इतिहास भी रहा है। दोनों पहले पंजाब और हरियाणा में मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में जेल जा चुके हैं। इसके बावजूद वे कथित तौर पर फिर इसी धंधे में सक्रिय थे। पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन और पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि अफीम कहां से लाई गई थी, इसे किस तक पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। अब पंजाब-हरियाणा तक पहुंचेगी पुलिस छापेमारी में पकड़े गए चारों आरोपियों के खिलाफ लावालौंग थाने में एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। चतरा एसपी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान गिरोह के मुख्य सरगनाओं से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। अब पुलिस फरार आरोपी की तलाश के साथ-साथ उन लोगों तक पहुंचने की तैयारी कर रही है, जो दूसरे राज्यों में बैठकर तस्करी का नेटवर्क चला रहे थे। इसके लिए जल्द ही पुलिस टीम पंजाब और हरियाणा में दबिश दे सकती है।

