घर में छोटे बच्चे हैं तो कुत्ता या बिल्ली पालना चाहिए या नहीं? जानें जरूरी सावधानियां 

घर में छोटे बच्चे हैं तो कुत्ता या बिल्ली पालना चाहिए या नहीं? जानें जरूरी सावधानियां 

Animal Safety For Children: अगर आप पहले से ही पेट पैरेंट हैं और जल्द माता पिता बनने वाले हैं या अपने बच्चे के लिए घर में कुत्ता या बिल्ली जैसा पालतू जानवर लाने का सोच रहे हैं तो यह फैसला लेने से पहले कुछ जरूरी बातों को समझना बेहद जरूरी है। पालतू जानवर बच्चों के लिए अच्छे साथी बन सकते हैं, लेकिन घर में छोटे बच्चे और पेट होने पर दोनों की सुरक्षा और देखभाल का खास ध्यान रखना पड़ता है। ऐसे में आइए जानते हैं बच्चों वाले घर में पालतू जानवर रखने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

बच्चे की उम्र और समझ का रखें ध्यान

अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (American Academy of Pediatrics) के अनुसार, अगर आप कोई पालतू जानवर लाने का सोच रहे हैं तो बच्चे के लिए पालतू जानवर चुनते समय उसकी उम्र और समझ का ध्यान रखना चाहिए। करीब 5 या 6 साल की उम्र तक के छोटे बच्चे कई बार जानवर को खिलौने की तरह समझ सकते हैं और अनजाने में उसे परेशान कर सकते हैं। इसलिए छोटे बच्चे और पालतू जानवर साथ हों तो बड़ों की निगरानी जरूरी है।

देखभाल के लिए समय है या नहीं

अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (American Academy of Pediatrics) के अनुसार, पालतू जानवर को रोजाना खाना, साफ सफाई, ग्रूमिंग और एक्सरसाइज जैसी देखभाल की जरूरत होती है। इसलिए कुत्ता लेने से पहले परिवार को यह देखना चाहिए कि उसके पास इन जिम्मेदारियों के लिए पर्याप्त समय है या नहीं। वहीं रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, पालतू जानवर चुनते समय उसके स्वभाव, आकार और एक्टिविटी लेवल के साथ परिवार की जीवनशैली को भी ध्यान में रखना चाहिए।

बच्चे को पालतू जानवर के साथ अकेला न छोड़ें

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार, छोटे बच्चों को पालतू जानवर के साथ खेलते समय हमेशा निगरानी में रखना चाहिए, चाहे वह परिवार का अपना कुत्ता ही क्यों न हो।

हाथ धोना है जरूरी

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, पेट में कभी कभी ऐसे कीटाणु हो सकते हैं जो इंसानों को बीमार कर सकते हैं। इसलिए पेट को छूने, उसके खाने पीने के बर्तन, खिलौने या दूसरी चीजों को संभालने के बाद हाथ साबुन और पानी से धोने चाहिए। कुत्ते का मल साफ करने के बाद भी हाथ धोना जरूरी है।

टीकाकरण और जांच का रखें ध्यान

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार, कुत्ते को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से पशु चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए। कुत्ते के टीकाकरण और पिस्सू, टिक और दूसरे परजीवियों से बचाव के बारे में भी पशु चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।

बच्चे को अनजान पालतू जानवरों से दूर रहना सिखाएं

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार, बच्चों को किसी अनजान पालतू जानवर के पास खुद से नहीं जाना चाहिए। वहीं अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (American Academy of Pediatrics) के अनुसार, बच्चों को अनजान कुत्ते या बिल्ली को छूने से बचना चाहिए। अगर कोई अनजान कुत्ता पास आए तो बच्चे को घबराकर भागने के बजाय शांत रहने और धीरे धीरे पीछे हटने के लिए सिखाना चाहिए।

एलर्जी का भी रखें ध्यान

अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (American Academy of Pediatrics) के अनुसार, कुछ बच्चों में जानवरों से जुड़ी चीजों के कारण एलर्जी के लक्षण हो सकते हैं। अगर बच्चे को पहले से एलर्जी, एक्जिमा, हे फीवर या अस्थमा जैसी समस्या है या परिवार में एलर्जी की समस्या रही है तो पालतू जानवर लेने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ या पशु चिकित्सक से सलाह लेना बेहतर है।

जरूरी बातें सिखाएं

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार, कुत्ता डरा हुआ, परेशान, खाना खा रहा हो या अपने खिलौने और बच्चों की रक्षा कर रहा हो तो काट सकता है। इसलिए बच्चे को कुत्ते को छेड़ने, उसके खाना खाते या सोते समय परेशान करने और उसके साथ ज्यादा उग्र तरीके से खेलने से बचना सिखाना चाहिए।

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