सोनीपत जिले के गोहाना के सेक्टर-7 में नशे के इंजेक्शन की ओवरडोज से हुई युवक की मौत के मामले में कोर्ट ने एक आरोपी को जमानत देने के साथ अनोखी शर्त लगाई है। हालांकि मामले में कई तथ्य ऐसे रहे, जो कि जमानत का आधार बने। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र ने आदेशों मे कहा है कि रिहाई के बदले आरोपी को 5 पौधे लगाने होंगे और 2 वर्षों तक उनकी नियमित देखभाल भी करनी होगी। इनके सबूत कोर्ट में देने होंगे। जाने क्या था पूरा मामला…
मामला 9 जून 2026 को थाना शहर गोहाना में दर्ज एफआईआर नंबर-177 से जुड़ा है। शिकायतकर्ता मोहित निवासी गढ़ी उजाले खां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका दोस्त कुलदीप ‘चिट्टा’ का नशा करने का आदी था। 24 मई 2026 को दोनों मोटरसाइकिल से घर से बाहर निकले थे। कुलदीप आर्य नगर की सांसी बस्ती से राजेश और अशोक उर्फ डुग्गी नामक युवकों से ₹500-₹500 का नशीला पदार्थ लेकर आया। मोहित के अनुसार इसके बाद कुलदीप ने गोहाना में सेक्टर-7 की झाड़ियों में जाकर इंजेक्शन से नशा कर लिया। काफी देर तक मना करने पर भी जब कुलदीप घर चलने को राजी नहीं हुआ तो मोहित उसे वहीं छोड़कर चला गया। अगले दिन 25 मई 2026 को कुलदीप का शव झाड़ियों में बरामद हुआ। उसकी मृत्यु का तत्कालीन कारण अत्यधिक नशीला पदार्थ माना गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 जून को इस मामले में एक आरोपी सोनू को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। तभी से वह सोनीपत जेल में बंद है। अब सोनू ने इस मामले में अपने वकील के माध्यम से सोनीपत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। इस पर 7 अक्टूबर को जज सुभाष चंद्र ने फैसला सुनाया और उसे जमानत दे दी। कोर्ट ने जमानत के साथ दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बचाव पक्ष की दलील को मानते हुए आरोपी सोनू को जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी किया। हालांकि कोर्ट ने सोनू को जमानत देते हुए कुछ शर्तें भी तय की हैं। इसमें पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी शामिल है। कोर्ट ने आरोपी सोनू को संबंधित इलाका/ड्यूटी मजिस्ट्रेट की संतुष्टि के अनुसार जमानत बॉन्ड और श्योरिटी बॉन्ड भरने पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया है।

