गाजा में बारिश बनी आफत, क्षतिग्रस्त इमारतों के ढहने का बढ़ा खतरा; हमलों में 3 फिलिस्तीनियों की मौत

गाजा में बारिश बनी आफत, क्षतिग्रस्त इमारतों के ढहने का बढ़ा खतरा; हमलों में 3 फिलिस्तीनियों की मौत

गाजा पट्टी में युद्ध के दौरान क्षतिग्रस्त हुई इमारतों के सर्दी और बारिश के बीच अचानक ढहने का खतरा बढ़ गया है। फिलिस्तीनी सिविल डिफेंस के प्रवक्ता महमूद बसल ने चेतावनी दी है कि कमजोर हो चुकी इमारतें स्थानीय लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।

महमूद बसल ने फिलिस्तीन टुडे टेलीविजन से बातचीत में कहा कि करीब आधे घंटे की बारिश के बाद ही गाजा के कई इलाकों में तंबुओं में पानी भर गया, अस्थायी रेन बसेरे क्षतिग्रस्त हो गए और कई सड़कें जलमग्न हो गईं। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त सीवेज पाइपों के कारण कई जगहों पर पानी जमा हो गया है।

गाजा सिटी के खतरनाक इलाकों का निरीक्षण करने के बाद बसल ने कहा कि बड़ी संख्या में इमारतें अब भी ढहने के खतरे में हैं। उनके मुताबिक, इन इमारतों के गिरने से लोगों के मलबे में दबने और जान गंवाने की आशंका है।

बुनियादी ढांचा तबाह, संसाधनों की भारी कमी

सिविल डिफेंस प्रवक्ता ने कहा कि युद्ध के कारण गाजा का बुनियादी ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। स्थानीय प्रशासन के पास राहत और बचाव कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं, जिससे बारिश और सर्दी के दौरान स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।

बारिश के कारण पहले से ही कमजोर इमारतों, अस्थायी शिविरों और खराब सीवेज व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में मानवीय संकट और बढ़ने की चिंता जताई जा रही है।

कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र में हमलों में तीन लोगों की मौत

अलजजीरा ने स्थानीय अस्पताल के सूत्रों के हवाले से लिखा कि गाजा पट्टी में इजरायली हमलों में कम से कम तीन फिलिस्तीनियों की मौत हुई है।

स्थानीय सूत्रों ने यह भी बताया कि इजरायली सैनिकों ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक के अल-मुघय्यिर गांव में छापेमारी की।

बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को इजरायली मीडिया ने बताया था कि अल-मुघय्यिर के पास एक इजरायली वाहन चालक की ओर कथित तौर पर गोलीबारी किए जाने की घटना की सुरक्षा बल जांच कर रहे हैं। इसके बाद सेना ने गांव के आसपास कई जगहों पर सड़क अवरोध लगाए थे।

गाजा में लगातार जारी मानवीय संकट के बीच बारिश, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे और कमजोर इमारतों ने नागरिकों के लिए जोखिम और बढ़ा दिया है।

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