गयाजी में 30 जगह होगा रावण वध:गांधी मैदान में 60 फीट का रावण, 65 हजार लोग जुटेंगे, 36 साल से मुस्लिम कारीगर बना रहे पुतले

गयाजी में 30 जगह होगा रावण वध:गांधी मैदान में 60 फीट का रावण, 65 हजार लोग जुटेंगे, 36 साल से मुस्लिम कारीगर बना रहे पुतले

विजयादशमी के अवसर पर गयाजी जिला राममय हो उठा है। शाम 5 बजे से जिलेभर में अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक के रूप में रावण वध और लंका दहन का आयोजन किया जाएगा। जिले के 23 थाना क्षेत्रों में कुल 30 स्थानों पर आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गयाजी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्य आयोजन होगा। यहां 60 फीट ऊंचे रावण, 55 फीट के कुंभकरण और 50 फीट के मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाएगा। कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष, आईजी, कमिश्नर, डीएम और एसएसपी समेत जिला व पुलिस प्रशासन के वरीय अधिकारियों के मौजूद रहने की बात कही गई है। 60 से 65 हजार लोगों के जुटने की उम्मीद, सुरक्षा के इंतजाम श्री दशहरा चैरिटेबल ट्रस्ट कमेटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में 60 से 65 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना है। ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय तरवे ने बताया कि भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस मुस्तैद हैं। पिछले चार दिनों से डीएम, एसडीएम, एडीएम के साथ बिजली विभाग, नगर निगम और वन विभाग के अधिकारी गांधी मैदान की निगरानी कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक पटाखों से होगा रावण दहन इस बार सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुतलों में इलेक्ट्रॉनिक पटाखों का इस्तेमाल किया जाएगा। पटाखों को पुतलों में ऊंचाई पर लगाया गया है। इन्हें रिमोट या इलेक्ट्रॉनिक लाइन के जरिए नियंत्रित तरीके से चलाया जाएगा। इससे आतिशबाजी के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका कम करने की कोशिश की गई है। 36 साल से रावण के पुतले बना रहे मोहम्मद जफर आलम गांधी मैदान में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों को शहर के कारीगर मोहम्मद जफर आलम अपनी टीम के साथ पिछले 36 वर्षों से तैयार कर रहे हैं। उनके लिए यह काम केवल रोजगार नहीं, बल्कि गयाजी की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक भी है। उनके बनाए पुतले हर साल इस आयोजन की पहचान बनते हैं। बनारस का डमरू दल और 24 किलो की हनुमान आकृति आकर्षण ट्रस्ट के सचिव दीपक चड्डा ने बताया कि स्टेशन रोड से निकलने वाली राम शोभायात्रा इस बार खास होगी। इसमें भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता के स्वरूपों के साथ बनारस का प्रसिद्ध डमरू दल शामिल होगा। इसके अलावा करीब 24 किलो वजन वाली हनुमान जी की विशेष जीवंत आकृति और स्टेशन रोड से गांधी मैदान तक इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रहेगी। गांधी मैदान में 1957 से हो रहा रावण वध श्री दशहरा चैरिटेबल ट्रस्ट ने गयाजी के नागरिकों को सपरिवार कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। भीड़ को देखते हुए गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है और पुलिस बल तैनात किए गए हैं। गांधी मैदान में वर्ष 1957 से लगातार रावण वध का आयोजन किया जा रहा है। विजयादशमी के अवसर पर गयाजी जिला राममय हो उठा है। शाम 5 बजे से जिलेभर में अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक के रूप में रावण वध और लंका दहन का आयोजन किया जाएगा। जिले के 23 थाना क्षेत्रों में कुल 30 स्थानों पर आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गयाजी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्य आयोजन होगा। यहां 60 फीट ऊंचे रावण, 55 फीट के कुंभकरण और 50 फीट के मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाएगा। कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष, आईजी, कमिश्नर, डीएम और एसएसपी समेत जिला व पुलिस प्रशासन के वरीय अधिकारियों के मौजूद रहने की बात कही गई है। 60 से 65 हजार लोगों के जुटने की उम्मीद, सुरक्षा के इंतजाम श्री दशहरा चैरिटेबल ट्रस्ट कमेटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में 60 से 65 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना है। ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय तरवे ने बताया कि भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस मुस्तैद हैं। पिछले चार दिनों से डीएम, एसडीएम, एडीएम के साथ बिजली विभाग, नगर निगम और वन विभाग के अधिकारी गांधी मैदान की निगरानी कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक पटाखों से होगा रावण दहन इस बार सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुतलों में इलेक्ट्रॉनिक पटाखों का इस्तेमाल किया जाएगा। पटाखों को पुतलों में ऊंचाई पर लगाया गया है। इन्हें रिमोट या इलेक्ट्रॉनिक लाइन के जरिए नियंत्रित तरीके से चलाया जाएगा। इससे आतिशबाजी के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका कम करने की कोशिश की गई है। 36 साल से रावण के पुतले बना रहे मोहम्मद जफर आलम गांधी मैदान में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों को शहर के कारीगर मोहम्मद जफर आलम अपनी टीम के साथ पिछले 36 वर्षों से तैयार कर रहे हैं। उनके लिए यह काम केवल रोजगार नहीं, बल्कि गयाजी की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक भी है। उनके बनाए पुतले हर साल इस आयोजन की पहचान बनते हैं। बनारस का डमरू दल और 24 किलो की हनुमान आकृति आकर्षण ट्रस्ट के सचिव दीपक चड्डा ने बताया कि स्टेशन रोड से निकलने वाली राम शोभायात्रा इस बार खास होगी। इसमें भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता के स्वरूपों के साथ बनारस का प्रसिद्ध डमरू दल शामिल होगा। इसके अलावा करीब 24 किलो वजन वाली हनुमान जी की विशेष जीवंत आकृति और स्टेशन रोड से गांधी मैदान तक इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रहेगी। गांधी मैदान में 1957 से हो रहा रावण वध श्री दशहरा चैरिटेबल ट्रस्ट ने गयाजी के नागरिकों को सपरिवार कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। भीड़ को देखते हुए गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है और पुलिस बल तैनात किए गए हैं। गांधी मैदान में वर्ष 1957 से लगातार रावण वध का आयोजन किया जा रहा है।  

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