गयाजी के शैवाल की फिल्म ‘कोठला’ का दिल्ली में प्रीमियर:नवजात बच्चियों की हत्या की कुप्रथा पर बनी फिल्म, दिखी समाज की कड़वी सच्चाई

गयाजी के शैवाल की फिल्म ‘कोठला’ का दिल्ली में प्रीमियर:नवजात बच्चियों की हत्या की कुप्रथा पर बनी फिल्म, दिखी समाज की कड़वी सच्चाई

नवजात बच्चियों की हत्या जैसी कुप्रथा आज भी समाज के लिए गंभीर सवाल है। नारी अस्मिता और स्त्री की सामाजिक भागीदारी से जुड़े इसी संवेदनशील विषय को शैवाल की नई लघु फिल्म ‘कोठला’ ने पर्दे पर उतारा है। शैवाल गयाजी के एपी कॉलोनी के रहने वाले हैं। दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में फिल्म का प्रीमियर हुआ। इसमें सांसद शशि थरूर समेत कला, संस्कृति और सिनेमा जगत की कई हस्तियां शामिल हुईं। फिल्म की कथा, विषय और संदेश की सराहना करते हुए शशि थरूर ने कहा कि इसका समग्र प्रभाव अद्भुत है। कथा बेहद मार्मिक है। आज भी देश में ऐसी प्रथा का मौजूद होना दुखद है। फिल्म ‘दामुल’ के लेखक शैवाल ने ‘कोठला’ की कहानी लिखी है। ‘दामुल’ को सर्वोत्कृष्ट फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है। रूढ़िवादिता और अंधभक्ति पर भी प्रहार ‘कोठला’ का केंद्रीय विषय नवजात कन्याओं की हत्या है। फिल्म इस कुप्रथा के साथ नारी अस्मिता से जुड़े सवालों को भी उठाती है। रूढ़िवादिता और अंधभक्ति पर प्रहार करते हुए यह समाज को सोचने के लिए मजबूर करती है। इसका संदेश स्पष्ट है कि महिलाओं को समान अवसर और जरूरी सुविधाएं दिए बिना किसी समुदाय का समग्र विकास संभव नहीं है। फिल्म के प्रीमियर के साथ इसकी प्रासंगिकता पर परिसंवाद भी आयोजित किया गया। इसमें फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम, सोनल मानसिंह, शोभना नारायण और निर्मात्री डी आलिया ने विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। चर्चा का केंद्र फिल्म में उठाए गए सामाजिक सवाल और मौजूदा दौर में उनकी प्रासंगिकता रही। नई फिल्म के प्रीमियर में पद्म विभूषण से सम्मानित नृत्यांगना सोनल मानसिंह, प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना शोभना नारायण, कुचिपुड़ी नर्तक राजा जी, कला एवं संस्कृति मंत्रालय के सचिव डीके महेश, महानिदेशक अमित गर्ग, फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम और गंगा कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे। फिल्म की निर्मात्री डी आलिया भी इस मौके पर उपस्थित थीं। बिहार की अनकही कहानियों को पर्दे पर लाने की पहल शैवाल की लिखी इस फिल्म का निर्देशन अंजनी कुमार ने किया है। के अरविंद ने छायांकन किया है। फिल्म में हिमानी शिवपुरी, रेखा सिंह, नील आर्यन ठाकुर, डी आलिया और सुषमा सिन्हा ने अभिनय किया है। अब इस फिल्म को देश-विदेश के प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में शामिल करने की तैयारी है। शैवाल बिहार की अनकही कहानियों को लघु फिल्मों की श्रृंखला के जरिए सामने लाना चाहते हैं। उनका मानना है कि कुछ विषय ऐसे होते हैं, जिन्हें कम लागत में बनने वाली 20 से 25 मिनट की लघु फिल्मों के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है। ‘कोठला’ इसी कोशिश का हिस्सा है, जो मनोरंजन से आगे बढ़कर समाज की एक गंभीर समस्या पर सवाल उठाती है। नवजात बच्चियों की हत्या जैसी कुप्रथा आज भी समाज के लिए गंभीर सवाल है। नारी अस्मिता और स्त्री की सामाजिक भागीदारी से जुड़े इसी संवेदनशील विषय को शैवाल की नई लघु फिल्म ‘कोठला’ ने पर्दे पर उतारा है। शैवाल गयाजी के एपी कॉलोनी के रहने वाले हैं। दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में फिल्म का प्रीमियर हुआ। इसमें सांसद शशि थरूर समेत कला, संस्कृति और सिनेमा जगत की कई हस्तियां शामिल हुईं। फिल्म की कथा, विषय और संदेश की सराहना करते हुए शशि थरूर ने कहा कि इसका समग्र प्रभाव अद्भुत है। कथा बेहद मार्मिक है। आज भी देश में ऐसी प्रथा का मौजूद होना दुखद है। फिल्म ‘दामुल’ के लेखक शैवाल ने ‘कोठला’ की कहानी लिखी है। ‘दामुल’ को सर्वोत्कृष्ट फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है। रूढ़िवादिता और अंधभक्ति पर भी प्रहार ‘कोठला’ का केंद्रीय विषय नवजात कन्याओं की हत्या है। फिल्म इस कुप्रथा के साथ नारी अस्मिता से जुड़े सवालों को भी उठाती है। रूढ़िवादिता और अंधभक्ति पर प्रहार करते हुए यह समाज को सोचने के लिए मजबूर करती है। इसका संदेश स्पष्ट है कि महिलाओं को समान अवसर और जरूरी सुविधाएं दिए बिना किसी समुदाय का समग्र विकास संभव नहीं है। फिल्म के प्रीमियर के साथ इसकी प्रासंगिकता पर परिसंवाद भी आयोजित किया गया। इसमें फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम, सोनल मानसिंह, शोभना नारायण और निर्मात्री डी आलिया ने विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। चर्चा का केंद्र फिल्म में उठाए गए सामाजिक सवाल और मौजूदा दौर में उनकी प्रासंगिकता रही। नई फिल्म के प्रीमियर में पद्म विभूषण से सम्मानित नृत्यांगना सोनल मानसिंह, प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना शोभना नारायण, कुचिपुड़ी नर्तक राजा जी, कला एवं संस्कृति मंत्रालय के सचिव डीके महेश, महानिदेशक अमित गर्ग, फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम और गंगा कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे। फिल्म की निर्मात्री डी आलिया भी इस मौके पर उपस्थित थीं। बिहार की अनकही कहानियों को पर्दे पर लाने की पहल शैवाल की लिखी इस फिल्म का निर्देशन अंजनी कुमार ने किया है। के अरविंद ने छायांकन किया है। फिल्म में हिमानी शिवपुरी, रेखा सिंह, नील आर्यन ठाकुर, डी आलिया और सुषमा सिन्हा ने अभिनय किया है। अब इस फिल्म को देश-विदेश के प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में शामिल करने की तैयारी है। शैवाल बिहार की अनकही कहानियों को लघु फिल्मों की श्रृंखला के जरिए सामने लाना चाहते हैं। उनका मानना है कि कुछ विषय ऐसे होते हैं, जिन्हें कम लागत में बनने वाली 20 से 25 मिनट की लघु फिल्मों के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है। ‘कोठला’ इसी कोशिश का हिस्सा है, जो मनोरंजन से आगे बढ़कर समाज की एक गंभीर समस्या पर सवाल उठाती है।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *