खगड़िया में बाढ़ का पानी घटा, खतरा बरकरार:1.63 लाख लोग प्रभावित, 50 सामुदायिक रसोई में 2.77 लाख को मिला रहा भोजन

खगड़िया में बाढ़ का पानी घटा, खतरा बरकरार:1.63 लाख लोग प्रभावित, 50 सामुदायिक रसोई में 2.77 लाख को मिला रहा भोजन

खगड़िया में बाढ़ की स्थिति में अब धीरे-धीरे सुधार होने लगा है। कई इलाकों में पानी का स्तर कम हो रहा है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। जलस्तर घटने के बाद भी लोगों से जलजमाव वाले और क्षतिग्रस्त इलाकों में जाने से बचने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… रामपुर जीएन बांध पर अब भी विस्थापित परिवार
गोगरी के रामपुर जीएन बांध पर अभी भी कई बाढ़ प्रभावित परिवार शरण लिए हुए हैं। राहत शिविरों में मेडिकल कैंप लगाकर पीड़ितों को दवाएं और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं, कटघरा समेत कई इलाकों में ग्रामीण अब भी पानी के बीच रहने और खाना बनाने को मजबूर हैं। 37,955 परिवारों के 1.63 लाख लोग प्रभावित
जिले में बाढ़ से कुल 37,955 परिवारों के 1,63,159 लोग प्रभावित हुए हैं। खगड़िया, परबत्ता, गोगरी और मानसी अंचलों की 20 से अधिक पंचायतों के साथ शहरी क्षेत्रों में भी बाढ़ का असर पड़ा है। इनमें खगड़िया अंचल के 63,591 और परबत्ता अंचल के 51,282 लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इन पंचायतों में सबसे ज्यादा असर
बोरना, रहीमपुर मध्य, रहीमपुर दक्षिणी, रहीमपुर उत्तरी और माधवपुर पंचायतों में बाढ़ का व्यापक प्रभाव देखा गया है। इसके अलावा कई अन्य पंचायतों और वार्डों में भी आंशिक जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। 50 सामुदायिक रसोई में राहत का खाना
प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए दो बाढ़ राहत केंद्र और 50 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन रसोई के माध्यम से अब तक 2,77,850 लोगों को गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया है। 28 हजार से ज्यादा पॉलीथीन शीट बांटी गईं
विस्थापित परिवारों के बीच अब तक 28,088 पॉलीथीन शीट और 7,176 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए 697.66 क्विंटल पशुचारा भी उपलब्ध कराया गया है। 166 चापाकल और 127 अस्थायी शौचालय
पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था के लिए प्रभावित क्षेत्रों में 166 नए चापाकल लगाए गए हैं। वहीं, 127 अस्थायी शौचालय बनाए गए हैं, ताकि राहत शिविरों और प्रभावित इलाकों में लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। 59 स्वास्थ्य केंद्र, 8 बोट एंबुलेंस तैनात
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 59 दैनिक स्वास्थ्य केंद्र सक्रिय किए गए हैं। गंभीर मरीजों और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए आठ विशेष बोट एंबुलेंस भी तैनात हैं। पानी घटा, लेकिन प्रशासन की निगरानी जारी
प्रशासन की ओर से राहत शिविरों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। जलस्तर में कमी के बावजूद प्रशासन ने लोगों से जल्दबाजी में जलमग्न या क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में नहीं जाने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। खगड़िया में बाढ़ की स्थिति में अब धीरे-धीरे सुधार होने लगा है। कई इलाकों में पानी का स्तर कम हो रहा है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। जलस्तर घटने के बाद भी लोगों से जलजमाव वाले और क्षतिग्रस्त इलाकों में जाने से बचने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… रामपुर जीएन बांध पर अब भी विस्थापित परिवार
गोगरी के रामपुर जीएन बांध पर अभी भी कई बाढ़ प्रभावित परिवार शरण लिए हुए हैं। राहत शिविरों में मेडिकल कैंप लगाकर पीड़ितों को दवाएं और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं, कटघरा समेत कई इलाकों में ग्रामीण अब भी पानी के बीच रहने और खाना बनाने को मजबूर हैं। 37,955 परिवारों के 1.63 लाख लोग प्रभावित
जिले में बाढ़ से कुल 37,955 परिवारों के 1,63,159 लोग प्रभावित हुए हैं। खगड़िया, परबत्ता, गोगरी और मानसी अंचलों की 20 से अधिक पंचायतों के साथ शहरी क्षेत्रों में भी बाढ़ का असर पड़ा है। इनमें खगड़िया अंचल के 63,591 और परबत्ता अंचल के 51,282 लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इन पंचायतों में सबसे ज्यादा असर
बोरना, रहीमपुर मध्य, रहीमपुर दक्षिणी, रहीमपुर उत्तरी और माधवपुर पंचायतों में बाढ़ का व्यापक प्रभाव देखा गया है। इसके अलावा कई अन्य पंचायतों और वार्डों में भी आंशिक जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। 50 सामुदायिक रसोई में राहत का खाना
प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए दो बाढ़ राहत केंद्र और 50 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन रसोई के माध्यम से अब तक 2,77,850 लोगों को गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया है। 28 हजार से ज्यादा पॉलीथीन शीट बांटी गईं
विस्थापित परिवारों के बीच अब तक 28,088 पॉलीथीन शीट और 7,176 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए 697.66 क्विंटल पशुचारा भी उपलब्ध कराया गया है। 166 चापाकल और 127 अस्थायी शौचालय
पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था के लिए प्रभावित क्षेत्रों में 166 नए चापाकल लगाए गए हैं। वहीं, 127 अस्थायी शौचालय बनाए गए हैं, ताकि राहत शिविरों और प्रभावित इलाकों में लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। 59 स्वास्थ्य केंद्र, 8 बोट एंबुलेंस तैनात
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 59 दैनिक स्वास्थ्य केंद्र सक्रिय किए गए हैं। गंभीर मरीजों और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए आठ विशेष बोट एंबुलेंस भी तैनात हैं। पानी घटा, लेकिन प्रशासन की निगरानी जारी
प्रशासन की ओर से राहत शिविरों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। जलस्तर में कमी के बावजूद प्रशासन ने लोगों से जल्दबाजी में जलमग्न या क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में नहीं जाने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।  

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