कोसी स्नातक चुनाव: बांका के 11 केंद्रों पर वोटिंग:10 हजार 692 वोटर्स डालेंगे वोट, NDA के डॉ. NK यादव तीसरी बार आजमा रहे किस्मत

कोसी स्नातक चुनाव: बांका के 11 केंद्रों पर वोटिंग:10 हजार 692 वोटर्स डालेंगे वोट, NDA के डॉ. NK यादव तीसरी बार आजमा रहे किस्मत

बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर आज शुक्रवार को चुनाव है। सुबह 8 से शाम 4 बजे तक 933 बूथों पर 5.33 लाख वोटर्स वोट देंगे। चुनाव में 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर कुल 150 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से 90 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से 60 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी की चार सीटों पर कुल 4,92,594 मतदाता हैं। इनके लिए 598 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 1.43 लाख से अधिक मतदाता हैं, जबकि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 87,583 मतदाता हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की चार सीटों पर कुल 40,253 मतदाता हैं। इनके लिए 335 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 11,719 मतदाता हैं, जबकि तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 8,760 मतदाता हैं। इस तरह स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक है। हालांकि, दोनों लिस्ट में मतदाताओं की पात्रता और मतदान की प्रक्रिया अलग-अलग है। 11 सेंटर पर बांका में वोटिंग बांका में 11 प्रखंड मुख्यालयों में बनाए गए मतदान केंद्रों पर 10,692 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव मैदान में पार्टी समर्थित और निर्दलीय मिलाकर 15 प्रत्याशी हैं। इनमें एनडीए के डॉ. एनके यादव लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, राजद के नीतेश कुमार यादव, जन सुराज के रजनीश रंजन और कांग्रेस के मनोज जायसवाल समेत अन्य प्रत्याशी भी मैदान में हैं। काउंटिंग 27 अक्टूबर को पूर्णिया में होगी। हर केंद्र पर बनेगा हेल्प डेस्क मतदान के दौरान मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक केंद्र पर हेल्प डेस्क बनाया जाएगा। इसके लिए चिह्नित स्थल पर बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की प्रतिनियुक्ति करने और वहां निर्वाचक सूची की एक प्रति उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य मतदाताओं को अपने नाम और मतदान संबंधी जानकारी प्राप्त करने में मदद करना है। 15 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से इस बार कुल 15 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। एनडीए के डॉ. एनके यादव लगातार तीसरी बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। राजद से नीतेश कुमार यादव, जन सुराज से रजनीश रंजन और कांग्रेस से मनोज जायसवाल भी चुनाव लड़ रहे हैं। इनके अलावा अन्य प्रत्याशी भी मतदाताओं का समर्थन जुटाने में लगे हैं। चुनाव में मुकाबले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। तीसरी बार मैदान में डॉ. एनके यादव एनडीए प्रत्याशी डॉ. एनके यादव मूल रूप से झारखंड के गोड्डा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने भागलपुर को अपनी कर्मभूमि बनाया है और अंग क्षेत्र में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ के रूप में पहचान रखते हैं। वर्तमान में वह भागलपुर में रहते हैं। बांका जिले के रजौन प्रखंड के गोराडीह गांव में उनका ससुराल है। ऐसे में उनके समर्थकों और ससुराल पक्ष के लोगों की भी चुनाव में सक्रियता बताई जा रही है। डॉ. यादव वर्ष 2014 और 2020 में भी कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। अब तीसरी बार मैदान में उतरने से उनके चुनावी प्रदर्शन पर नजरें टिकी हैं। कोसी स्नातक सीट; डॉ. एन.के यादव और नितेश कुमार के बीच टक्कर बीजेपी डॉ. एन.के यादव को उम्मीदवार बना सकती है। आरजेडी से नितेश कुमार को उतारा है। हाल ही में कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले अमित विक्रम निर्दलीय चुनाव लडे़ंगे। उन्हें कांग्रेस से टिकट का इंतजार था। अमित विक्रम शिक्षक नेता रहे हैं। के.के पाठक शिक्षा विभाग में एसीएस तो इन्हें बर्खास्त किया गया था। जनसुराज ने रजनीश रंजन को उतारा है। रजनीश शिक्षा से जुड़े की संस्थान चलाते हैं। यहां 134593 वोटर एमएलसी चुनेंगे। 2020 के चुनाव में बीजेपी के डॉ. एन.के. यादव जीते थे। इन्होंने आरजेडी के नितेश कुमार को हराया था। कांग्रेस से प्रदीप कुमार मैदान में थे। एनके यादव को 20841 वोट और आरजेडी के नीतेश कुमार को 13940 वोट मिले थे। बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर आज शुक्रवार को चुनाव है। सुबह 8 से शाम 4 बजे तक 933 बूथों पर 5.33 लाख वोटर्स वोट देंगे। चुनाव में 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर कुल 150 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से 90 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से 60 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी की चार सीटों पर कुल 4,92,594 मतदाता हैं। इनके लिए 598 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 1.43 लाख से अधिक मतदाता हैं, जबकि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 87,583 मतदाता हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की चार सीटों पर कुल 40,253 मतदाता हैं। इनके लिए 335 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 11,719 मतदाता हैं, जबकि तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 8,760 मतदाता हैं। इस तरह स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक है। हालांकि, दोनों लिस्ट में मतदाताओं की पात्रता और मतदान की प्रक्रिया अलग-अलग है। 11 सेंटर पर बांका में वोटिंग बांका में 11 प्रखंड मुख्यालयों में बनाए गए मतदान केंद्रों पर 10,692 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव मैदान में पार्टी समर्थित और निर्दलीय मिलाकर 15 प्रत्याशी हैं। इनमें एनडीए के डॉ. एनके यादव लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, राजद के नीतेश कुमार यादव, जन सुराज के रजनीश रंजन और कांग्रेस के मनोज जायसवाल समेत अन्य प्रत्याशी भी मैदान में हैं। काउंटिंग 27 अक्टूबर को पूर्णिया में होगी। हर केंद्र पर बनेगा हेल्प डेस्क मतदान के दौरान मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक केंद्र पर हेल्प डेस्क बनाया जाएगा। इसके लिए चिह्नित स्थल पर बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की प्रतिनियुक्ति करने और वहां निर्वाचक सूची की एक प्रति उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य मतदाताओं को अपने नाम और मतदान संबंधी जानकारी प्राप्त करने में मदद करना है। 15 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से इस बार कुल 15 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। एनडीए के डॉ. एनके यादव लगातार तीसरी बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। राजद से नीतेश कुमार यादव, जन सुराज से रजनीश रंजन और कांग्रेस से मनोज जायसवाल भी चुनाव लड़ रहे हैं। इनके अलावा अन्य प्रत्याशी भी मतदाताओं का समर्थन जुटाने में लगे हैं। चुनाव में मुकाबले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। तीसरी बार मैदान में डॉ. एनके यादव एनडीए प्रत्याशी डॉ. एनके यादव मूल रूप से झारखंड के गोड्डा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने भागलपुर को अपनी कर्मभूमि बनाया है और अंग क्षेत्र में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ के रूप में पहचान रखते हैं। वर्तमान में वह भागलपुर में रहते हैं। बांका जिले के रजौन प्रखंड के गोराडीह गांव में उनका ससुराल है। ऐसे में उनके समर्थकों और ससुराल पक्ष के लोगों की भी चुनाव में सक्रियता बताई जा रही है। डॉ. यादव वर्ष 2014 और 2020 में भी कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। अब तीसरी बार मैदान में उतरने से उनके चुनावी प्रदर्शन पर नजरें टिकी हैं। कोसी स्नातक सीट; डॉ. एन.के यादव और नितेश कुमार के बीच टक्कर बीजेपी डॉ. एन.के यादव को उम्मीदवार बना सकती है। आरजेडी से नितेश कुमार को उतारा है। हाल ही में कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले अमित विक्रम निर्दलीय चुनाव लडे़ंगे। उन्हें कांग्रेस से टिकट का इंतजार था। अमित विक्रम शिक्षक नेता रहे हैं। के.के पाठक शिक्षा विभाग में एसीएस तो इन्हें बर्खास्त किया गया था। जनसुराज ने रजनीश रंजन को उतारा है। रजनीश शिक्षा से जुड़े की संस्थान चलाते हैं। यहां 134593 वोटर एमएलसी चुनेंगे। 2020 के चुनाव में बीजेपी के डॉ. एन.के. यादव जीते थे। इन्होंने आरजेडी के नितेश कुमार को हराया था। कांग्रेस से प्रदीप कुमार मैदान में थे। एनके यादव को 20841 वोट और आरजेडी के नीतेश कुमार को 13940 वोट मिले थे।  

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