नागौर में शहर के वार्ड नंबर 60 की सुशांत नगर कॉलोनी में बारिश होने के साथ-साथ लोगों की परेशानियां भी बढ़ जाती है। कॉलोनी का मुख्य प्रवेश मार्ग थोड़ी सी बारिश में ही कीचड़ और सीवरेज के गंदे पानी से भर जाता है। हालात ऐसे हो जाते हैं कि कॉलोनी में आने-जाने का रास्ता तक बंद हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में करीब तीन महीने तक उन्हें इसी समस्या से जूझना पड़ता है। कॉलोनी निवासी कमलेश कुमार ने बताया- पिछले 10 वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। टूटी सीवरेज लाइन से निकलने वाला गंदा पानी मुख्य रास्ते पर जमा रहता है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। बारिश में घरों तक पहुंचता है गंदा पानी स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश अधिक होने पर सड़क पर जमा गंदा पानी कॉलोनी के घरों तक पहुंच जाता है। बच्चों को स्कूल जाने के लिए भी इसी कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। बुजुर्गों और महिलाओं को भी आने-जाने में परेशानी होती है। शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं हुआ कॉलोनीवासियों का आरोप है कि सड़क निर्माण को लेकर वे कई बार नगर परिषद प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं। संपर्क पोर्टल और समाचार पत्रों के माध्यम से भी समस्या उठाई गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि पिछले 10 सालों में कॉलोनी में एक भी सड़क का निर्माण नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने कहा कि नगर परिषद चुनाव के दौरान वार्ड विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। चुनावी सभाओं के दौरान कॉलोनी की गलियों में आकर जनप्रतिनिधियों की ओर से समस्याओं के समाधान के वादे भी किए गए, लेकिन चुनाव के बाद स्थिति जस की तस रह गई। कॉलोनीवासियों ने नगर परिषद प्रशासन से मुख्य प्रवेश मार्ग सहित कॉलोनी की गलियों में सड़क निर्माण और टूटी सीवरेज लाइन की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ‘स्वच्छ भारत’ और ‘स्वच्छ वार्ड’ के दावे तभी धरातल पर नजर आएंगे, जब कॉलोनीवासियों को बारिश में गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरने की मजबूरी से राहत मिलेगी।


